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प्रार्थना पत्र भी नहीं लिख पाया प्रशिक्षु शिक्षक
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
Updated Fri, 19 Jan 2018 11:37 PM IST
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प्राइमरी स्कूल में बच्चों को पढ़ाते डीएम।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली में जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने माजरा रोड स्थित कन्या जूनियर हाई स्कूल में प्रशिक्षु शिक्षक को हिंदी शब्दों का सही ज्ञान न होने और प्रार्थना पत्र तक न लिख पाने के कारण हटा दिया। इसके अलावा उन्होंने प्राथमिक विद्यालय की जर्जर बिल्डिंग का निरीक्षण करते हुए नगर पालिका के जेई और ठेकेदार को मरम्मत कराने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने शिक्षक की तरह छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन भी किया।
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शुक्रवार को जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने माजरा रोड स्थित कन्या जूनियर हाई स्कूल नंबर दो और प्राथमिक विद्यालय नंबर छह एवं आठ का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों से वार्ता करते हुए कमजोर बच्चों को बेहतर शिक्षा देने और समय-समय पर अभिभावकों की स्कूल में बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल की जर्जर बिल्डिंग को देखा तो नगर पालिका के जेई मूलचंद और ठेकेदार को मौके पर बुलाकर मरम्मत कराने के निर्देश दिए। शासन से पांच लाख रुपये की स्वीकृति कराकर कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए है। इसके बाद उन्होंने कन्या जूनियर हाई स्कूल के कक्षा छह के बच्चों को स्वयं टीचर बनकर पढ़ाया। कबीरदास के दोहों का वर्णन करते हुए छात्र-छात्राओं को उनके विचारों को अपने जीवन में गृहण करने का आह्वान किया। कहा कि अंधविश्वास को खत्म करने के लिए कबीरदास जी ने अनेक कार्य किए है।
मनुष्य में ऐसा आचरण होना चाहिए जो समाज के लिए बेहतर हो। कबीरदास ने अपने उपदेशों में नकारात्मक सोच को खत्म कर लोगों को सकारात्मक सोच को अपनाने का संदेश दिया है। बच्चों को समझाने के बाद जब वह ब्लैकबोर्ड की ओर लौटे तो उस पर हिंदी शब्दों में परोपकार को प्रोपकार तथा और को ओर लिखा गया था। इसे देखकर उन्होंने हिंदी विषय के अध्यापन का प्रशिक्षण लेने आए प्रशिक्षु योगेंद्र कुमार को बुलाकर दोबारा सहीं शब्द लिखने को कहा। प्रशिक्षु ने दोबारा भी गलत लिख दिया। इस पर डीएम ने शिक्षक को प्रार्थना पत्र लिखने को कहा तो वह प्रार्थना पत्र भी सही नहीं लिख सका। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि स्वयं शिक्षक ही सही नहीं लिख पा रहे है तो वह बच्चों को क्या सिखा पाएंगे। उन्होंने मौके पर मौजूद बीएसए चंद्रशेखर और खंड शिक्षा अधिकारी भारत भूषण से प्रशिक्षु शिक्षक योगेंद्र कुमार को वहां से हटाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने ट्रेनिंग पर आए प्रशिक्षुओं की कक्षा लेकर उनकी योग्यता भी जानने के निर्देश दिए है, ताकि वह बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ न कर सके।
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