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यमुना पुल पर टोल टैक्स हटाकर लिया था दम
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
Updated Sun, 04 Feb 2018 01:18 AM IST
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सांसद हुकुम सिंह
- फोटो : demo
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शामली। भाकियू के मुकाबले सांसद हुकुम सिंह ने किसानों का अराजनैतिक संगठन खड़ाकर मुख्यालय कंडेला गांव को मुख्यालय बनाया दिया था। हर माह कंडेला में 18 तारीख को मासिक पंचायत होती थी। कैराना यमुना पुल पर सदियों से लगे टोल टैक्स समाप्त करने के लिए तीन दिवसीय आंदोलन चलाया। मुलायम सरकार को आखिर यमुुना पुल का टोल टैक्स हमेशा के लिए समाप्त करने को मजबूर होना पड़ा था।
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जब किसान आंदोलन चरम सीमा पर था। भाकियू की मुखालत के चलते वर्ष 1989 में कैराना विधानसभा चुनाव हार गए थे। भाकियू के समांनातर किसानों को अराजनैतिक एक संगठन भारतीय किसान मजदूूर संगठन की स्थापना की थी। किसान संगठन में किसान नेताओं को शामिल करके किसान शक्ति को एकजुट करने का काम किया। किसान संगठन का मुख्यालय कंडेला को बनाया गया। किसान संगठन के बलबूते कैराना में यमुना पुल पर टोल टैक्स हटाने के लिए वर्ष 1990 में बेमियादी रूप से धरना प्रदर्शन शुरू किया गया था। धरने प्रदर्शन में हरियाणा के किसान नेता पूर्व सांसद अवतार भड़ाना, कर्नल राम महेश भारद्वाज, किसान नेता धर्मपाल सिंह तक पहुंच गए थे। आखिर तीसरे दिन हुकुम सिंह के नेतृत्व में चले आंदोलन के चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को यूपी सरकार की ओर से टोल टैक्स समाप्त करने के लिए मजबूर होना पड़ा। मुलायम सिंह यादव सरकार के टोल टैक्स समाप्त करने की घोषणा के बाद आंदोलन समाप्त हुआ था।
जिले के विकास के लिए संघर्षरत रहते थे हुकुम सिंह
शामली। विधायक से लेकर सांसद तक का सफर तय करने वाले राजनीतिज्ञ के चाणक्य हुकुम सिंह ने आखिरी दम तक जिले के विकास कार्य कराने को अपना मुख्य मकसद बनाए रखा था। वर्ष 1974 में कांग्रेस से कैैैैराना विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक चुने गए हुकुम सिंह सुर्खियों में आए थे। लोकसेवा समिति के चेयरमैन, विधानसभा के उपाध्यक्ष से लेकर राज्य व कैबिनेट मंत्री तक रहे। हुकुम सिंह ने खाद्य रसद, पशुधन, ऊर्जा, मनोरंजन कर, स्टांप व कृषि व संसदीय कार्यमंत्री काल में शामली को औद्योगिक क्षेत्र, राजकीय महिला पालीटेक्निक कालेज, कैराना में विजय पथिक राजकीय महाविद्यालय, कंडेला में चौधरी मानसिंह कन्या इंटर कालेज की स्थापना कराई। कैराना लोकसभा से पहली बार सांसद चुने जाने के बाद जल संसाधन समिति के चेयरमैन नामित हुए। सांसद हुकुम सिंह ने रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा के माध्यम से दिल्ली- शामली, सहारनपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण, विद्युतीकरण, मेरठ- पानीपत नई रेलवे लाइन की स्थापना के लिए रेल मंत्रालय मे जिले की की मांग पहुंचाई। ऊर्जा मंत्री रहते हुए जिले में कई बिजलीघरों को मंजूरी दिलाई।
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रेलराज्यमंत्री मनोज सिन्हा को दो साल पूर्व शामली रेलवे स्टेशन पर लाकर शामली से दिल्ली तक सीएनजी ट्रेन का शुभारंभ कराया, जिसका नतीजा यह रहा कि रेल बजट 2016 में दिल्ली- शामली, सहारनपुर के दोहरीकरण- विद्युतीकरण के लिए 1500 करोड़ रुपये, मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के लिए 2200 करोड़ रुपये का बजट में प्राविधान कराया गया। रेल बजट में सांसद के अथक प्रयास के बाद रेलमंत्री को कैथल- करनाल, शामली मेरठ रेलवे लाइन का सर्वे की घोषणा करनी पड़ी। इसके अलावा जवाहर नवोदय विद्यालय सहित कई बड़े प्रोजेक्ट जिले को दिलाए। विकास पुरुष के रूप में विख्यात सांसद हुकुम सिंह ने वर्ष दिसंबर 2016 में कैैैैराना लोकसभा क्षेत्र के नानौता रेलवे स्टेशन पर दिल्ली-शामली, सहारनपुुुर रेलवे के दोहरीकरण व विद्युतीकरण परियोजना की आधार शिला रखवाई थी। मेरठ- करनाल मार्ग पर कृष्णा नदी पर काबड़ौत पर फोरलेन सेेतुुुु निर्माण की मांग शासन तक पहुंचाई। सांसद के प्रयास से मेेरठ-करनाल मार्ग पर कृष्णा नदी पर काबड़ौत पर फोरलेन सेेतुुुु का इस्टीमेट नाबार्ड के माध्यम से शासन को भिजवाया गया है।
काठा नदी के जीर्णोद्धार का ताजा उदाहरण
सांसद हुकुम सिंह ने केंद्रीय जल संसाधन समिति के चेयरमैन रहते हुए पिछले दिनों ही काठा नदी के जीर्णोद्धार पर व्यापक सर्वे कराया। सहारनपुर से शामली तक आने वाली इस नदी के जीर्णोद्धार के लिए केंद्र सरकार से भी मांग की, जिसके चलते इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली और एक करोड़ रुपये इसके लिए स्वीकृत भी हो गए। इस नदी के सहारे पर सैकड़ों गांव के किसानों को सिंचाई के अभाव से जूझना पड़ता है, क्योंकि यह नदी मृत प्राय हो चुकी है और नाले का रूप ले चुकी है।
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