{"_id":"60a7fb0c8ebc3e866132cc72","slug":"three-brothers-injured-after-being-buried-in-roof-debris-shamli-news-mrt5393105123","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत के मलबे में दबकर तीन भाई घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत के मलबे में दबकर तीन भाई घायल
विज्ञापन
जलालाबाद/कैराना। जिले में हुई बारिश के चलते कस्बा जलालाबाद में घर की कच्ची छत गिर गई। मलबे में दबकर परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए। राजस्व टीम ने पहुंचकर जांच की। जिला प्रशासन ने मकान क्षति के लिए 5200 रुपये की आर्थिक सहायता दी है। उधर, कैराना में घर की पहली मंजिल पर बना कमरा भरभराकर गिर गया। मलबा सड़क पर गिरने से राहगीर बाल-बाल बच गए।
जलालाबाद के मोहल्ला शाहगाजीपुरा में रविंद्र मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है। शुक्रवार सुबह करीब चार बजे बारिश में कच्ची छत भरभरा कर गिर गई। कमरे में सोए रविंद्र के पुत्र अजीत (21), अजयवीर (19), संदीप (17) मलबे में दब गए। चीख-पुकार मचने पर आसपास के लोग घर की तरफ दौड़े और मलबा हटाकर तीनों भाइयों को निकाला। घायलों को निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराया गया। पीड़ित रविंद्र ने बताया कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना में तीन बार आवेदन कर चुका है, लेकिन मकान बनाने के लिए धनराशि आवंटित नहीं हुई। उसे अपात्र बताकर दो बार पात्रता सूची से बाहर कर दिया गया।
तीसरी बार के आवेदन में चार माह पहले पात्रता सूची में नाम शामिल किया गया, लेकिन अभी तक धनराशि नहीं मिली। गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को नियमानुसार आर्थिक मदद करने के लिए कहा। इसके बाद तहसीलदार अजय शर्मा राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली।
विज्ञापन
तहसीलदार ने पीड़ित परिवार को आर्थिक तौर पर आंशिक क्षति के लिए 5200 रुपये की मदद दी। तहसीलदार ने बताया कि मकान की कच्ची छत थी, जो बारिश के कारण गिर गई। इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है। पीड़ित परिवार का प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में जांच कराकर मकान बनवा दिया जाएगा।
उधर, कैराना में मोहल्ला बेगमपुरा में बारिश के चलते शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे रियासत के मकान के प्रथम मंजिल पर बना कमरा भरभराकर गिर गया। कमरे की छत पक्के लिंटर की थी। उसका मलबा सड़क पर गिरा। इस दौरान सड़क से गुजर रहे राहगीर बाल बाल बच गए। परिवार के सदस्य मकान के पिछले हिस्से में होने व कमरे के अंदर भूसा भरा होने के कारण जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। सड़क पर गिरे मलबे का हटवाकर रास्ता खोला गया।
विज्ञापन
जलालाबाद के मोहल्ला शाहगाजीपुरा में रविंद्र मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है। शुक्रवार सुबह करीब चार बजे बारिश में कच्ची छत भरभरा कर गिर गई। कमरे में सोए रविंद्र के पुत्र अजीत (21), अजयवीर (19), संदीप (17) मलबे में दब गए। चीख-पुकार मचने पर आसपास के लोग घर की तरफ दौड़े और मलबा हटाकर तीनों भाइयों को निकाला। घायलों को निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराया गया। पीड़ित रविंद्र ने बताया कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना में तीन बार आवेदन कर चुका है, लेकिन मकान बनाने के लिए धनराशि आवंटित नहीं हुई। उसे अपात्र बताकर दो बार पात्रता सूची से बाहर कर दिया गया।
विज्ञापन
तीसरी बार के आवेदन में चार माह पहले पात्रता सूची में नाम शामिल किया गया, लेकिन अभी तक धनराशि नहीं मिली। गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को नियमानुसार आर्थिक मदद करने के लिए कहा। इसके बाद तहसीलदार अजय शर्मा राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली।
विज्ञापन
तहसीलदार ने पीड़ित परिवार को आर्थिक तौर पर आंशिक क्षति के लिए 5200 रुपये की मदद दी। तहसीलदार ने बताया कि मकान की कच्ची छत थी, जो बारिश के कारण गिर गई। इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है। पीड़ित परिवार का प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में जांच कराकर मकान बनवा दिया जाएगा।
उधर, कैराना में मोहल्ला बेगमपुरा में बारिश के चलते शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे रियासत के मकान के प्रथम मंजिल पर बना कमरा भरभराकर गिर गया। कमरे की छत पक्के लिंटर की थी। उसका मलबा सड़क पर गिरा। इस दौरान सड़क से गुजर रहे राहगीर बाल बाल बच गए। परिवार के सदस्य मकान के पिछले हिस्से में होने व कमरे के अंदर भूसा भरा होने के कारण जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। सड़क पर गिरे मलबे का हटवाकर रास्ता खोला गया।