फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Three BJP leaders including former cabinet minister Suresh Rana acquitted

Shamli News: पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा सहित तीन भाजपा नेता दोष मुक्त करार

Tue, 24 Jan 2023 11:05 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 24 Jan 2023 11:05 PM IST
विज्ञापन
Three BJP leaders including former cabinet minister Suresh Rana acquitted
- 2013 में शामली में हुए बवाल प्रकरण में साक्ष्यों के अभाव में एमपी एमएलए कोर्ट ने सुनाया निर्णय
विज्ञापन

- अदालत से बाहर आने के बाद पूर्व मंत्री बोले, सपा सरकार ने लगवाया था फर्जी मुकदमा, सत्य की हुई जीत
फोटो

संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। शामली शहर में वर्ष 2013 में हुए बवाल प्रकरण में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा सहित तीन भाजपा नेताओं को दोष मुक्त कर दिया है। कोर्ट के निर्णय के बाद पूर्व मंत्री ने कहा कि उस समय सत्ताधारी समाजवादी पार्टी ने भाजपा नेताओं को डराने के लिए फर्जी मुकदमा लगाया था, यह सत्य और न्याय की जीत हुई है।
जून 2013 को शामली में उत्तराखंड के हरिद्वार की एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई थी, जिसका आरोप दूसरे संप्रदाय के युवकों पर लगा था। इसी वारदात के विरोध में भाजपा नेता और हिंदू संगठनों के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शामली में शिव मूर्ति पर धरना दिया था। तत्कालीन एसपी अब्दुल हमीद ने धरना दे रहे भाजपाइयों पर लाठी चार्ज करवा दिया था। जिसके बाद पथराव और आगजनी हुई थी। घटना के कई दिन बाद पुलिस ने भाजपा नेता सुरेश राणा, घनश्याम पार्चा व उनके भाई राधेश्याम पार्चा सहित सैकड़ों अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था।
विज्ञापन

मामले की सुनवाई कैराना स्थित अपर जिला सत्र न्यायालय (विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट) में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट के समक्ष आठ साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। मंगलवार को न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार ने दोनों पक्षों की दलील सुनने एवं पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद 30 पन्नों का अपना निर्णय सुनाया। जिसमें कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा सहित उपरोक्त तीनों भाजपा नेताओं को दोष मुक्त करार दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्व मंत्री के अधिवक्ता ब्रह्मपाल सिंह चौहान व शगुन मित्तल ने बताया कि अभियोजन पक्ष प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों को सिद्ध नहीं कर पाया, जिस पर कोर्ट ने पूर्व मंत्री समेत तीनों को दोषमुक्त करार दिया है। उधर, पूर्व मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि उस समय प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। सरकार के दबाव में प्रशासन दुष्कर्म के मामले में कार्रवाई का टालना चाहता था। इसीलिए भाजपा नेता व कार्यकर्ताओं के खिलाफ तथ्यहीन व झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए। कोर्ट के निर्णय का वह सम्मान करते हैं। यह सत्य एवं न्याय की जीत हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed