{"_id":"62702787c25b3d4ea02a51d5","slug":"those-selling-food-and-beverages-will-have-to-take-a-license-shamli-news-mrt5870032189","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद्य व पेय सामग्री बेचने वालों को लेना होगा लाइसेंस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद्य व पेय सामग्री बेचने वालों को लेना होगा लाइसेंस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। खाद्य और पेय सामग्री बेचने वालों को अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से फूड लाइसेंस लेना होगा या रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इसमें आढ़तियों से लेकर शराब विक्रेता और राशन डीलरों को भी शामिल किया गया है। इसमें हर एक की फीस अलग-अलग होगी। शासन से निर्देश मिलने के बाद विभाग ने काम शुरू कर दिया है।
खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग से किसी भी खाद्य पदार्थ की बिक्री, भंडारण व निर्माण करने पर पंजीकरण व लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है। इसके बिना कारोबार करना अवैध है। पकड़े जाने पर कार्रवाई होती है। ऐसे में राशन डीलर, विपणन के तहत आने वाले गोदामों, शराब की दुकान और उद्यान विभाग के अंतर्गत आने वाले कोल्ड स्टोरेज व खाद्य प्रसंस्करण की दुकानों के लिए अब फूड सेफ्टी लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। यह लोग अब बिना लाइसेंस के कारोबार नहीं कर सकेंगे। इस संबंध में शासन की ओर से पत्र आने के बाद प्रशासन इसकी तैयारी में जुट गया है। परिषदीय स्कूलों में प्रधानाध्यापकों का भी रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा, क्योंकि वहां पर एमडीएम बनाने के लिए काफी मात्रा में मसाले की खरीदारी की जाती है।
100 रुपये में पंजीकरण, दो हजार रुपये लाइसेंस फीस
जिन व्यापारियों का टर्नओवर 12 लाख सालाना तक है, उन्हें सिर्फ पंजीकरण करवाना होगा। इसका शुल्क 100 रुपये सालाना है, वहीं जिनका सालाना टर्नओवर 12 लाख से अधिक होगा, उन्हें लाइसेंस लेना होगा। इसका सालाना शुल्क दो हजार रुपये है। इसमें कोटेदार से सौ, प्रधानाध्यापक से सौ तथा आढ़ती व शराब कारोबारियों से दो हजार रुपये लिए जाएंगे।
विज्ञापन
विभाग के पास रहेगा सबका डाटा
विभाग की ओर से पंजीकरण और लाइसेंस बन जाने से दुकानों और कारोबारियों का पूरा डाटा बैंक तैयार हो जाएगा। इससे आयकर और जीएसटी निर्धारण में भी मदद मिलेगी। इससे विभाग को कार्रवाई करने में आसानी मिलेगी।
इनके लिए चलेगा अभियान
मंडी समिति : सब्जी और फल के थोक विक्रेता
आपूर्ति विभाग : कोटेदार, राइस मिल, फ्लोर मिल
मार्केटिंग : किराना दुकानदार, गल्ला मंडी
आबकारी विभाग : शराब विक्रेता
परिषदीय स्कूल : प्रधानाध्यापक
वर्जन...
शासन से मिले निर्देशों के क्रम में राशन डीलर, प्रधानाध्यापकों, शराब कारोबार समेत अन्य सभी कारोबारियों के लाइसेंस बनाए जाएंगे। जल्द ही इसको लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।
विनय चतुर्वेदी, अभिहित अधिकारी।
विज्ञापन
खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग से किसी भी खाद्य पदार्थ की बिक्री, भंडारण व निर्माण करने पर पंजीकरण व लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है। इसके बिना कारोबार करना अवैध है। पकड़े जाने पर कार्रवाई होती है। ऐसे में राशन डीलर, विपणन के तहत आने वाले गोदामों, शराब की दुकान और उद्यान विभाग के अंतर्गत आने वाले कोल्ड स्टोरेज व खाद्य प्रसंस्करण की दुकानों के लिए अब फूड सेफ्टी लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। यह लोग अब बिना लाइसेंस के कारोबार नहीं कर सकेंगे। इस संबंध में शासन की ओर से पत्र आने के बाद प्रशासन इसकी तैयारी में जुट गया है। परिषदीय स्कूलों में प्रधानाध्यापकों का भी रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा, क्योंकि वहां पर एमडीएम बनाने के लिए काफी मात्रा में मसाले की खरीदारी की जाती है।
विज्ञापन
100 रुपये में पंजीकरण, दो हजार रुपये लाइसेंस फीस
जिन व्यापारियों का टर्नओवर 12 लाख सालाना तक है, उन्हें सिर्फ पंजीकरण करवाना होगा। इसका शुल्क 100 रुपये सालाना है, वहीं जिनका सालाना टर्नओवर 12 लाख से अधिक होगा, उन्हें लाइसेंस लेना होगा। इसका सालाना शुल्क दो हजार रुपये है। इसमें कोटेदार से सौ, प्रधानाध्यापक से सौ तथा आढ़ती व शराब कारोबारियों से दो हजार रुपये लिए जाएंगे।
विज्ञापन
विभाग के पास रहेगा सबका डाटा
विभाग की ओर से पंजीकरण और लाइसेंस बन जाने से दुकानों और कारोबारियों का पूरा डाटा बैंक तैयार हो जाएगा। इससे आयकर और जीएसटी निर्धारण में भी मदद मिलेगी। इससे विभाग को कार्रवाई करने में आसानी मिलेगी।
इनके लिए चलेगा अभियान
मंडी समिति : सब्जी और फल के थोक विक्रेता
आपूर्ति विभाग : कोटेदार, राइस मिल, फ्लोर मिल
मार्केटिंग : किराना दुकानदार, गल्ला मंडी
आबकारी विभाग : शराब विक्रेता
परिषदीय स्कूल : प्रधानाध्यापक
वर्जन...
शासन से मिले निर्देशों के क्रम में राशन डीलर, प्रधानाध्यापकों, शराब कारोबार समेत अन्य सभी कारोबारियों के लाइसेंस बनाए जाएंगे। जल्द ही इसको लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।
विनय चतुर्वेदी, अभिहित अधिकारी।