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Shamli News: पेड़ों के कटान के लिए लोक निर्माण विभाग ने किया ऑनलाइन आवेदन
Tue, 06 Oct 2026 01:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 06 Oct 2026 01:13 AM IST
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शामली। पूर्वी यमुना नहर पटरी के चौड़ीकरण के निर्माण के लिए वन पर्यावरण मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल पर 807 पेड़ों के कटान की अनुमति के लिए लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड शामली की ओर से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। विभाग की ओर से पेड़ कटान के लिए दो करोड़ 40 लाख रुपये जमा किए जाएंगे। इसके बाद पटरी के चौड़ीकरण के निर्माण का रास्ता साफ होगा।
मेरठ-करनाल हाईवे से लेकर भैंसवाल गांव के पुल तक पूर्वी यमुना नहर की पटरी के चौड़ीकरण के लिए शासन से 42 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। जिला मुख्यालय आने और जाने वाली नहर पटरी के लिए ठेकेदार नामित हो चुका है, किंतु वन विभाग की ओर से जिला प्रशासन की ओर से आठ हेक्टेयर भूमि उपलब्ध न होने से वन पर्यावरण मंत्रालय की ओर से पेड़ कटान की अनुमति नहीं मिली थी।
बाद में जिला प्रशासन की ओर से कैराना क्षेत्र के इस्सोपुर खुरगान में आठ हेक्टेयर भूमि वन विभाग को आवंटित कर दी गई। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजकुमार सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से पूर्वी यमुना नहर की दोनों पटरियों की जद में आए 807 पेड़ों के कटान की अनुमति के लिए आवेदन कर दिया गया है। वन पर्यावरण मंत्रालय की ओर से अनुमति मिलने के बाद दो करोड़ 40 लाख रुपये जमा कराए जाएंगे। दिसंबर के आखिर तक पेड़ कटान का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके बाद पटरी का चौड़ीकरण का निर्माण शुरू हो जाएगा।
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मेरठ-करनाल हाईवे से लेकर भैंसवाल गांव के पुल तक पूर्वी यमुना नहर की पटरी के चौड़ीकरण के लिए शासन से 42 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। जिला मुख्यालय आने और जाने वाली नहर पटरी के लिए ठेकेदार नामित हो चुका है, किंतु वन विभाग की ओर से जिला प्रशासन की ओर से आठ हेक्टेयर भूमि उपलब्ध न होने से वन पर्यावरण मंत्रालय की ओर से पेड़ कटान की अनुमति नहीं मिली थी।
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बाद में जिला प्रशासन की ओर से कैराना क्षेत्र के इस्सोपुर खुरगान में आठ हेक्टेयर भूमि वन विभाग को आवंटित कर दी गई। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजकुमार सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से पूर्वी यमुना नहर की दोनों पटरियों की जद में आए 807 पेड़ों के कटान की अनुमति के लिए आवेदन कर दिया गया है। वन पर्यावरण मंत्रालय की ओर से अनुमति मिलने के बाद दो करोड़ 40 लाख रुपये जमा कराए जाएंगे। दिसंबर के आखिर तक पेड़ कटान का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके बाद पटरी का चौड़ीकरण का निर्माण शुरू हो जाएगा।
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