{"_id":"62f3fb665ff6e7675c4cd3d7","slug":"there-was-a-rush-in-the-markets-due-to-the-purchase-of-rakshabandhan-shamli-news-mrt6006952106","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्षा बंधन की खरीदारी के लिए निकले लोग जाम में फंसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्षा बंधन की खरीदारी के लिए निकले लोग जाम में फंसे
विज्ञापन
शामली में वीवी इंटर कॉलेज रोड पर जाम में फंसे वाहन।
- फोटो : SHAMLI
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। रक्षाबंधन से एक दिन पहले बुधवार को बाजार में खरीदारी के चलते भारी भीड़ उमड़ी। इससे शहर के ज्यादातर रास्तों पर दिनभर जाम के हालात बने रहे। वीवी इंटर कॉलेज रोड व गुरुद्वारा तिराहे पर जाम की समस्या सबसे अधिक रही। जिसमें खरीदारी करने निकले लोग फंसकर परेशान रहे।
सुबह से बाजारों में खरीददारों की भीड़ बढ़ने से शहर के ज्यादातर रास्ते जाम हो गए। वाहन लेकर खरीददारी के लिए निकले लोग घंटों जाम में फंसे रहे। रक्षाबंधन की खरीदारी करने आईं बहनों को भी परेशानी उठानी पड़ी। जाम खुलवाने में ट्रैफिक पुलिस भी असहाय नजर आई। रक्षाबंधन पर बाजारों में भीड़ बढ़ने का पहले से ही अनुमान था। इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस ने जाम से निपटने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए।
बाजारों में सुबह से शाम तक रही रौनक
रक्षाबंधन के त्योहार के लिए बाजारों में दिनभर रौनक रही। बहनों ने भाइयों के लिए आकर्षक राखियों के साथ मिठाई भी खरीदी। वहीं, भाइयों ने बहनों के लिए उपहार खरीदे।
विज्ञापन
शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी रक्षाबंधन पर्व को लेकर लोगों में उत्साह रहा। वर्तमान समय में बाजारों में जगह-जगह राखियों की स्टाल लगीं। दुकानों पर खरीददारों की भीड़ उमड़ी। इस बार बाजार में राखियों की कुछ नई वैरायटी भी आई हैं। ये बेहद लुभाने वाली हैं। लोगों में भी इन राखियों के प्रति काफी क्रेज है। इस बार राखियों पर विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियां लगाई गई हैं। अधिकतर राखियों पर भगवान गणेशजी एवं हनुमान की मूर्तियां लगी हैं। शहर के बाजारों में रक्षाबंधन की खरीदारी को लेकर भीड़ देखी गई। शहर के बड़ा बाजार, गांधी चौक, नया बाजार, कबाड़ी बाजार, नेहरू मार्केट, नगर पालिका रोड, हनुमान रोड आदि स्थानों पर राखियों की दुकानें सजी रहीं।
यात्रियों को झेलनी पड़ी मुश्किलें
रक्षाबंधन के लिए बहन-भाइयों का एक-दूसरे के यहां आना-जाना बुधवार को ही शुरू हो गया। जिसके चलते यातायात के साधन कम पड़ गए। यात्रियों को बसों के इंतजार में धूप में काफी देर तपना पड़ा। जैसे ही कोई बस आती तो उसमें चढ़ने के लिए यात्रियों में आपाधापी मच जाती।
आज ही मनाएं रक्षाबंधन : ज्योतिषाचार्य
शामली। रक्षाबंधन पर्व बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक यह दिन त्योहार मनाने के लिए सबसे उत्तम है। अभी तक त्योहार बृहस्पतिवार व शुक्रवार को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
दयानगर स्थित हनुमान ज्योतिष केंद्र के पंडित प्रभुशंकर शास्त्री व कमल शर्मा के मुताबिक 11 अगस्त को 10:39 बजे से पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो रही है। यह पूरे दिन रहेगी। श्रवण नक्षत्र प्रात: 6:53 से प्रारंभ हो जाएगा। रक्षाबंधन के दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र केवल पांच मिनट तक रहेगा। जबकि एक मुहूर्त 48 मिनट का होता है। धर्मसिंधू में कहा गया है कि यजुर्वेदियों के लिए नक्षत्र की प्रधानता नहीं बल्कि तिथि की प्रधानता देखी जाती है। पूर्णिमा 11 अगस्त को रहेगी। 12 अगस्त को पूर्णिमा मुहूर्त नहीं होने पर रक्षाबंधन संस्कार मनाना शास्त्र सम्मत नहीं है। 12 अगस्त को पूर्णिमा सुबह 7:06 पर समाप्त हो जाएगी। इसमें एक मुहूर्त से भी कम है। 11 अगस्त को पूरे दिन भद्रा रहेगी। भद्रा मकर राशि में होने से इसका वास पाताल लोक में माना गया है। पाताल लोक में भद्रा अशुभ नहीं मानी जाती है। अमर ग्रंथ व्रत पर्व विवेक में 2022 के लिए रक्षाबंधन तिथि 11 अगस्त की निर्धारित की है। धर्मसिंधू, निर्णय सिंधू, पीयूष धारा, मुहूर्त चिंतामणि, तारा प्रसाद दिव्य पंचांग इत्यादि में 11 अगस्त को ही रक्षाबंधन शास्त्र सम्मत है।
विज्ञापन
शामली। रक्षाबंधन से एक दिन पहले बुधवार को बाजार में खरीदारी के चलते भारी भीड़ उमड़ी। इससे शहर के ज्यादातर रास्तों पर दिनभर जाम के हालात बने रहे। वीवी इंटर कॉलेज रोड व गुरुद्वारा तिराहे पर जाम की समस्या सबसे अधिक रही। जिसमें खरीदारी करने निकले लोग फंसकर परेशान रहे।
सुबह से बाजारों में खरीददारों की भीड़ बढ़ने से शहर के ज्यादातर रास्ते जाम हो गए। वाहन लेकर खरीददारी के लिए निकले लोग घंटों जाम में फंसे रहे। रक्षाबंधन की खरीदारी करने आईं बहनों को भी परेशानी उठानी पड़ी। जाम खुलवाने में ट्रैफिक पुलिस भी असहाय नजर आई। रक्षाबंधन पर बाजारों में भीड़ बढ़ने का पहले से ही अनुमान था। इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस ने जाम से निपटने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए।
विज्ञापन
बाजारों में सुबह से शाम तक रही रौनक
रक्षाबंधन के त्योहार के लिए बाजारों में दिनभर रौनक रही। बहनों ने भाइयों के लिए आकर्षक राखियों के साथ मिठाई भी खरीदी। वहीं, भाइयों ने बहनों के लिए उपहार खरीदे।
विज्ञापन
शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी रक्षाबंधन पर्व को लेकर लोगों में उत्साह रहा। वर्तमान समय में बाजारों में जगह-जगह राखियों की स्टाल लगीं। दुकानों पर खरीददारों की भीड़ उमड़ी। इस बार बाजार में राखियों की कुछ नई वैरायटी भी आई हैं। ये बेहद लुभाने वाली हैं। लोगों में भी इन राखियों के प्रति काफी क्रेज है। इस बार राखियों पर विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियां लगाई गई हैं। अधिकतर राखियों पर भगवान गणेशजी एवं हनुमान की मूर्तियां लगी हैं। शहर के बाजारों में रक्षाबंधन की खरीदारी को लेकर भीड़ देखी गई। शहर के बड़ा बाजार, गांधी चौक, नया बाजार, कबाड़ी बाजार, नेहरू मार्केट, नगर पालिका रोड, हनुमान रोड आदि स्थानों पर राखियों की दुकानें सजी रहीं।
यात्रियों को झेलनी पड़ी मुश्किलें
रक्षाबंधन के लिए बहन-भाइयों का एक-दूसरे के यहां आना-जाना बुधवार को ही शुरू हो गया। जिसके चलते यातायात के साधन कम पड़ गए। यात्रियों को बसों के इंतजार में धूप में काफी देर तपना पड़ा। जैसे ही कोई बस आती तो उसमें चढ़ने के लिए यात्रियों में आपाधापी मच जाती।
आज ही मनाएं रक्षाबंधन : ज्योतिषाचार्य
शामली। रक्षाबंधन पर्व बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक यह दिन त्योहार मनाने के लिए सबसे उत्तम है। अभी तक त्योहार बृहस्पतिवार व शुक्रवार को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
दयानगर स्थित हनुमान ज्योतिष केंद्र के पंडित प्रभुशंकर शास्त्री व कमल शर्मा के मुताबिक 11 अगस्त को 10:39 बजे से पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो रही है। यह पूरे दिन रहेगी। श्रवण नक्षत्र प्रात: 6:53 से प्रारंभ हो जाएगा। रक्षाबंधन के दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र केवल पांच मिनट तक रहेगा। जबकि एक मुहूर्त 48 मिनट का होता है। धर्मसिंधू में कहा गया है कि यजुर्वेदियों के लिए नक्षत्र की प्रधानता नहीं बल्कि तिथि की प्रधानता देखी जाती है। पूर्णिमा 11 अगस्त को रहेगी। 12 अगस्त को पूर्णिमा मुहूर्त नहीं होने पर रक्षाबंधन संस्कार मनाना शास्त्र सम्मत नहीं है। 12 अगस्त को पूर्णिमा सुबह 7:06 पर समाप्त हो जाएगी। इसमें एक मुहूर्त से भी कम है। 11 अगस्त को पूरे दिन भद्रा रहेगी। भद्रा मकर राशि में होने से इसका वास पाताल लोक में माना गया है। पाताल लोक में भद्रा अशुभ नहीं मानी जाती है। अमर ग्रंथ व्रत पर्व विवेक में 2022 के लिए रक्षाबंधन तिथि 11 अगस्त की निर्धारित की है। धर्मसिंधू, निर्णय सिंधू, पीयूष धारा, मुहूर्त चिंतामणि, तारा प्रसाद दिव्य पंचांग इत्यादि में 11 अगस्त को ही रक्षाबंधन शास्त्र सम्मत है।