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Shamli News: गन्ना भुगतान को लेकर रालोद और सर्व खाप समन्वय किसान मंच में खटास
Sat, 17 Aug 2024 04:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 17 Aug 2024 04:54 AM IST
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शामली। शामली शुगर मिल पर बकाया गन्ना भुगतान को लेकर अब रालोद और सर्व खाप समन्वय किसान मंच में रार हो गई है। दोनों आमने-सामने हैं। सर्व खाप समन्वय किसान मंच के अध्यक्ष और रालोद के जिला महासचिव मा. संजीव सिलावर के महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद रालोद में खलबली मची है। संजीव ने कहा कि जब मंच को तीस अगस्त तक भुगतान का आश्वासन मिला था तो फिर रालोद ने 21 सितंबर तक का समय मिल प्रशासन को क्यों दिया।
दरअसल, 13 अगस्त को रालोद का प्रतिनिधि मंडल पूर्व विधायक राव वारिस के नेतृत्व में शामली मिल प्रशासन से मिला था। उनके साथ रालोद के जिला महासचिव मा. संजीव सिलावर और अन्य भी थे। इस दौरान प्रबंधकों ने 26 अगस्त तक नए बकाये का भुगतान करने और 21 सितंबर तक पुराने बकाए का भुगतान करने का आश्वासन दिया था। जिसे रालोद कार्यकर्ताओं ने मान लिया था।
संजीव सिलावर ने रालोद के महासचिव पद से तुरंत ही इस्तीफा दे दिया था। कहा था कि रालोद ने बकाया भुगतान के लिए तारीख तय करने में सर्व खाप किसान मंच की अनदेखी की है। वह खुद मंच के अध्यक्ष और पूर्व में मंच के पदाधिकारियों को मिल प्रशासन ने 31 अगस्त तक संपूर्ण भुगतान का आश्वासन दिया था। अब रालोद ने 21 सितंबर तक का समय दिया है, जिससे वह सहमत नहीं है।
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हालांकि, तीन दिन बाद भी मा. संजीव के इस्तीफे को रालोद ने नहीं स्वीकार किया है। रालोद जिलाध्यक्ष चौधरी वाजिद अली का कहना है कि संजीव का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया उन्हें मना लिया गया है।
मा. संजीव ने कहा कि प्रतिनिधि मंडल ने मंच की अनदेखी की,जिसके कारण पद से इस्तीफा दिया है। रालोद का सच्चा सिपाही हूं, किसानों की लड़ाई लड़ता रहूंगा मगर मंच की अनदेखी नहीं होने दूंगा।
पूर्व विधायक राव वारिस ने कहा कि सर्वखाप समन्वय किसान मंच व राष्ट्रीय लोकदल किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के संबंध में एक मत हैं और समन्वय रखते हैं। शामली जनपद के तीनों शुगर मिलों शामली, थानाभवन और ऊन को अविलंब किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किया जाना चाहिए। गन्ना किसानों की प्रति शुगर मिल मालिकों की अनदेखी, कार्यप्रणाली नहीं चलने दी जाएगी।
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दरअसल, 13 अगस्त को रालोद का प्रतिनिधि मंडल पूर्व विधायक राव वारिस के नेतृत्व में शामली मिल प्रशासन से मिला था। उनके साथ रालोद के जिला महासचिव मा. संजीव सिलावर और अन्य भी थे। इस दौरान प्रबंधकों ने 26 अगस्त तक नए बकाये का भुगतान करने और 21 सितंबर तक पुराने बकाए का भुगतान करने का आश्वासन दिया था। जिसे रालोद कार्यकर्ताओं ने मान लिया था।
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संजीव सिलावर ने रालोद के महासचिव पद से तुरंत ही इस्तीफा दे दिया था। कहा था कि रालोद ने बकाया भुगतान के लिए तारीख तय करने में सर्व खाप किसान मंच की अनदेखी की है। वह खुद मंच के अध्यक्ष और पूर्व में मंच के पदाधिकारियों को मिल प्रशासन ने 31 अगस्त तक संपूर्ण भुगतान का आश्वासन दिया था। अब रालोद ने 21 सितंबर तक का समय दिया है, जिससे वह सहमत नहीं है।
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हालांकि, तीन दिन बाद भी मा. संजीव के इस्तीफे को रालोद ने नहीं स्वीकार किया है। रालोद जिलाध्यक्ष चौधरी वाजिद अली का कहना है कि संजीव का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया उन्हें मना लिया गया है।
मा. संजीव ने कहा कि प्रतिनिधि मंडल ने मंच की अनदेखी की,जिसके कारण पद से इस्तीफा दिया है। रालोद का सच्चा सिपाही हूं, किसानों की लड़ाई लड़ता रहूंगा मगर मंच की अनदेखी नहीं होने दूंगा।
पूर्व विधायक राव वारिस ने कहा कि सर्वखाप समन्वय किसान मंच व राष्ट्रीय लोकदल किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के संबंध में एक मत हैं और समन्वय रखते हैं। शामली जनपद के तीनों शुगर मिलों शामली, थानाभवन और ऊन को अविलंब किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किया जाना चाहिए। गन्ना किसानों की प्रति शुगर मिल मालिकों की अनदेखी, कार्यप्रणाली नहीं चलने दी जाएगी।