{"_id":"64cea0441c42fab68809fab6","slug":"the-whole-family-is-the-dealer-of-fake-notes-to-weapons-shamli-news-c-26-1-sal1002-6943-2023-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: पूरा परिवार ही है नकली नोटों से लेकर हथियारों का सौदागर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: पूरा परिवार ही है नकली नोटों से लेकर हथियारों का सौदागर
विज्ञापन
- पुलिस को शक नहीं हो, इसके लिए परिवार के सदस्यों के अलावा रिश्तेदारों को ही गिरोह में किया जाता है शामिल
- पुलिस की जांच में भी सामने आई उक्त बातें, शामली और कैराना के कई अन्य परिवार भी रडार पर आए
महबूब अली
शामली। नकली करेंसी प्रकरण में शामली जिला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पुलिस और एसटीएफ नकली नोटों को सप्लाई करने वाले मुख्य सप्लायर कांधला के नफीस को पकड़ने के लिए जाल तो बिछा रही है मगर सफलता हाथ नहीं लग पा रही है। जिले की यदि बात की जाए तो यहां के कुछ परिवारों के एक दो सदस्य नहीं बल्कि पूरा परिवार ही पिछले कई सालों से नकली नोटों से लेकर हथियारों की तस्करी में संलिप्त है। यही नहीं, पुलिस को उन पर शक नहीं हो, इसलिए परिवार के सदस्यों से लेकर रिश्तेदारों को ही गिरोह में शामिल किया जाता है। पुलिस और एसटीएफ के रडार पर जिले के कुछ और परिवार आ गए हैं, जिन पर नकली नोटों की सप्लाई करने का शक है। पुलिस ने जल्द नकली नोटों की सप्लाई करने वाले गिरोह के सदस्यों पर शिकंजा कसने की बात कहीं है।
केस-1
चार दिन पूर्व ही एसटीएफ और शामली पुलिस ने शामली के रहने वाले इमरान को छह लाख से अधिक नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया। इमरान से पूछताछ में पता चला है कि इमरान का पिता महबूब जहां पाकिस्तान के इकबाल काना गैंग का सदस्य था। वहीं, उसका भाई तहसीम और बिलाल भी नकली नोटों की सप्लाई करते हैं। दोनों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। यही नहीं इमरान का चचेरा भाई पंजाब में हथियारों की सप्लाई करता है, जो वहां से वांछित चल रहा है। वहीं एक भाई हथियारों की तस्करी के मामले में पाकिस्तान की जेल में सजा काट रहा है। जांच में सामने आया है कि पूरा परिवार नोटों की सप्लाई से लेकर हथियारों की तस्करी करता है।
केस-2
मेरठ पुलिस ने नकली नोटों के साथ कुछ समय पूर्व ही अल्ताफ को पकड़ा था। पूछताछ में पता चला था कि अल्ताफ का जीजा कैराना का रहने वाला शाहिद भी नकली नोटों की सप्लाई में लिप्त है। शाहिद का पिता असगर भी सब्जी बेचने की आड़ में नकली नोट और हथियारों की सप्लाई करता था। हालांकि, वह बाद में पकड़ा गया था तथा उसकी मौत भी हो चुकी है। शाहिद पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। अल्ताफ का लिंक नेपाल से भी था।
विज्ञापन
केस-3
हथियारों के साथ वर्ष 2005 के आसपास कैराना की एक ही परिवार की तीन महिलाएं पकड़ी गई थी। पूछताछ में पता चला था का कि महिलाओं के रिश्तेदार भी हथियारों की सप्लाई मामले में लिप्त है। पुलिस ने परिवार पर शिकंजा कसा था।
केस-4
कैराना में रहने वाला दिलशाद मिर्जा भी नकली नोटों से लेकर हथियारों की तस्करी करता था। उसने इकबाल काना के कहने पर आसपास के लोगों के लिए अपने परिवार के सदस्यों ओर रिश्तेदारों को गिरोह में जोड़ा हुआ था। पुलिस ने गिरोह के कई सदस्यों को पकड़कर गिरोह की कमर तोड़ने का काम किया था।
मोबाइल खोलेगा पाकिस्तान से लिंक होने का राज
एसटीएफ और पुलिस के सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए आरोपी इमरान से मोबाइल बरामद किया गया है। मोबाइल से गिरोह के सदस्यों के संबंध में कई अहम जानकारियां हाथ लगने की संभावना है। माना जा रहा है कि इमरान का मोबाइल गिरोह के पाकिस्तान से लिंक होन का राज भी खोल सकते हैं। हालांकि, अभी पाकिस्तान से लिंक होने की बात सामने नहीं आई है।
नहीं लग सकी सफलता हाथ, कई स्थानों की खाक छानी
एसपी अभिषेक बताया कि नकली नोटों के मामले में मुख्य सप्लायर नफीस की तलाश में कांधला के अलावा आसपास के कई जिलों में छापामारी की गई मगर सफलता हाथ नहीं लग सकी है। जल्द गिरोह के सभी सदस्यों को पकड़ने का दावा किया है।
विज्ञापन
- पुलिस की जांच में भी सामने आई उक्त बातें, शामली और कैराना के कई अन्य परिवार भी रडार पर आए
महबूब अली
शामली। नकली करेंसी प्रकरण में शामली जिला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पुलिस और एसटीएफ नकली नोटों को सप्लाई करने वाले मुख्य सप्लायर कांधला के नफीस को पकड़ने के लिए जाल तो बिछा रही है मगर सफलता हाथ नहीं लग पा रही है। जिले की यदि बात की जाए तो यहां के कुछ परिवारों के एक दो सदस्य नहीं बल्कि पूरा परिवार ही पिछले कई सालों से नकली नोटों से लेकर हथियारों की तस्करी में संलिप्त है। यही नहीं, पुलिस को उन पर शक नहीं हो, इसलिए परिवार के सदस्यों से लेकर रिश्तेदारों को ही गिरोह में शामिल किया जाता है। पुलिस और एसटीएफ के रडार पर जिले के कुछ और परिवार आ गए हैं, जिन पर नकली नोटों की सप्लाई करने का शक है। पुलिस ने जल्द नकली नोटों की सप्लाई करने वाले गिरोह के सदस्यों पर शिकंजा कसने की बात कहीं है।
केस-1
चार दिन पूर्व ही एसटीएफ और शामली पुलिस ने शामली के रहने वाले इमरान को छह लाख से अधिक नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया। इमरान से पूछताछ में पता चला है कि इमरान का पिता महबूब जहां पाकिस्तान के इकबाल काना गैंग का सदस्य था। वहीं, उसका भाई तहसीम और बिलाल भी नकली नोटों की सप्लाई करते हैं। दोनों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। यही नहीं इमरान का चचेरा भाई पंजाब में हथियारों की सप्लाई करता है, जो वहां से वांछित चल रहा है। वहीं एक भाई हथियारों की तस्करी के मामले में पाकिस्तान की जेल में सजा काट रहा है। जांच में सामने आया है कि पूरा परिवार नोटों की सप्लाई से लेकर हथियारों की तस्करी करता है।
विज्ञापन
केस-2
मेरठ पुलिस ने नकली नोटों के साथ कुछ समय पूर्व ही अल्ताफ को पकड़ा था। पूछताछ में पता चला था कि अल्ताफ का जीजा कैराना का रहने वाला शाहिद भी नकली नोटों की सप्लाई में लिप्त है। शाहिद का पिता असगर भी सब्जी बेचने की आड़ में नकली नोट और हथियारों की सप्लाई करता था। हालांकि, वह बाद में पकड़ा गया था तथा उसकी मौत भी हो चुकी है। शाहिद पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। अल्ताफ का लिंक नेपाल से भी था।
विज्ञापन
केस-3
हथियारों के साथ वर्ष 2005 के आसपास कैराना की एक ही परिवार की तीन महिलाएं पकड़ी गई थी। पूछताछ में पता चला था का कि महिलाओं के रिश्तेदार भी हथियारों की सप्लाई मामले में लिप्त है। पुलिस ने परिवार पर शिकंजा कसा था।
केस-4
कैराना में रहने वाला दिलशाद मिर्जा भी नकली नोटों से लेकर हथियारों की तस्करी करता था। उसने इकबाल काना के कहने पर आसपास के लोगों के लिए अपने परिवार के सदस्यों ओर रिश्तेदारों को गिरोह में जोड़ा हुआ था। पुलिस ने गिरोह के कई सदस्यों को पकड़कर गिरोह की कमर तोड़ने का काम किया था।
मोबाइल खोलेगा पाकिस्तान से लिंक होने का राज
एसटीएफ और पुलिस के सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए आरोपी इमरान से मोबाइल बरामद किया गया है। मोबाइल से गिरोह के सदस्यों के संबंध में कई अहम जानकारियां हाथ लगने की संभावना है। माना जा रहा है कि इमरान का मोबाइल गिरोह के पाकिस्तान से लिंक होन का राज भी खोल सकते हैं। हालांकि, अभी पाकिस्तान से लिंक होने की बात सामने नहीं आई है।
नहीं लग सकी सफलता हाथ, कई स्थानों की खाक छानी
एसपी अभिषेक बताया कि नकली नोटों के मामले में मुख्य सप्लायर नफीस की तलाश में कांधला के अलावा आसपास के कई जिलों में छापामारी की गई मगर सफलता हाथ नहीं लग सकी है। जल्द गिरोह के सभी सदस्यों को पकड़ने का दावा किया है।