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Shamli News: जांच में सामने आई सच्चाई, ईदगाह अपनी जगह पर, 6 बीघा भूमि से 100 वर्ग मीटर कम पाई गई

Wed, 21 May 2025 01:04 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 21 May 2025 01:04 AM IST
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The truth came out in the investigation, Idgah was found to be at its place, 100 square meters less than 6 bigha land
 गांव जिजौला में  ईदगाह में भूमि की पैमाइश करने पहुंचे एसडीएम । संवाद
झिंझाना। ग्राम जिजौला की साझा ईदगाह भूमि को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद को निपटाने के लिए मंगलवार को एसडीएम ऊन निधि भारद्वाज के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय राजस्व टीम ने सुबह 11 बजे से विवादित भूमि की पैमाइश शुरू की। इस दौरान विवादित भूमि के चारों ओर तक खेतों की पैमाइश की गई।
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पैमाइश के बाद यह निष्कर्ष निकला कि ईदगाह की भूमि अपने निर्धारित स्थल पर स्थित है और पूर्व में भी कराई गई पैमाइश की सही पुष्टि हुई। ईदगाह की भूमि कुल 6 बीघा से लगभग 100 वर्ग मीटर कम पाई गई। वहीं, जिन प्लॉटों को लेकर विवाद था, उनकी स्थिति स्पष्ट हुई। वे प्लॉट आंशिक रूप से पीडब्ल्यूडी की भूमि में और आंशिक रूप से बाहर स्थित पाए गए।
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करीब 3:45 बजे एसडीएम सदर विनय भदौरिया और तहसीलदार ऊन मृदुला दुबे भी मौके पर पहुंची। उन्होंने दोनों पक्षों के दस्तावेज जांचे और पूर्व में धरना दे रहीं महिलाओं को उनके बताए गए प्लॉटों में जाकर खड़ा होने को कहा। जांच में यह सामने आया कि जिन स्थानों पर महिलाएं जाकर खड़ी हुईं वह जगह ईदगाह भूमि से अलग थी और पीडब्ल्यूडी क्षेत्र में आती है।
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कुछ दिन पहले तहसील प्रशासन द्वारा पीडब्ल्यूडी भूमि पर बनी दुकानों को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद से ही इन प्लॉटों को लेकर स्थिति असमंजस में बनी हुई थी। पूरे दिन चली पैमाइश और रस्साकशी के बाद अब विवादित प्लॉटों का मामला पूरी तरह से पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकार क्षेत्र में जाता दिख रहा है। अब प्लॉट धारकों को अपने दावे स्पष्ट करने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग से संपर्क करना पड़ सकता है।


गौरतलब है कि पिछले सोमवार को ग्रामीणों और प्रतिनिधियों ने शामली कलक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को ज्ञापन सौंपा था। धार्मिक स्थल की सुरक्षा और अवैध कब्जे की रणनीति को लेकर चिंता जताई गई थी, जिसके बाद एसडीएम ऊन को जांच सौंपी गई थी। हालांकि मौके पर पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से कोई वरिष्ठ अधिकारी नहीं पहुंचा, केवल एक मेट और एक बेलदार को भेजा गया, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
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