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Shamli News: दो अध्यक्षों का कार्यकाल पूरा, फिर भी बरातघर अधूरी
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जलालाबाद में अधूरा पड़ा बरातघर का निर्माण। संवाद
- फोटो : भारी मात्रा मेंं बरामद गुटखा के साथ पकड़े गए आरोपी। स्रोत: पुलिस
जलालाबाद। जरूरतमंद लोगों की शादी विवाह आदि कार्यक्रमों के लिए 10 साल पहले तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष रमा अशरफ ने बाइपास मार्ग पर बरात घर का निर्माण शुरू कराया था। इसके लिए 69 लाख का बजट रखा गया, लेकिन दो चेयरमैन का कार्यकाल पूरा होने के बाद आज तक इसका निर्माण अधूरा है।
जलालाबाद में बाईपास मार्ग पर नगर पंचायत की कीमती भूमि पर दस वर्ष पूर्व तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष रमा अशरफ ने वर्ष 2015 में 69 लाख रुपये की लागत से सार्वजनिक बरात घर का निर्माण कार्य शुरू कराया था, लेकिन ठेकेदार ने समय से कार्य पूरा नहीं किया। इस बीच चेयरमैन रमा अशरफ का कार्यकाल समाप्त हो गया। वर्ष 2017 में नवगठित बोर्ड में अब्दुल गफ्फार चेयरमैन बने तो लोगों को बरातघर का निमार्ण पूरा होने की उम्मीद जगी, लेकिन सभासदों व ठेकेदार के बीच घटिया सामग्री के प्रयोग की शिकायतों के कारण उक्त कार्य अधर में लटक गया। आठ साल इस कारण यह काम लटका रहा।
वर्ष 2023 में नए बोर्ड का गठन होने के बाद नगर पंचायत की जिम्मेदारी जहीर मलिक को मिली, लेकिन उनका भी करीब लगभग डेढ़ वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी काम अधर में है। कानूनी अड़चनों के चलते कोई भी अधिशासी अधिकारी इस कार्य में सीधा हाथ डालने से बच रहा है, हालांकि बरातघर को पूरा करने के लिए नगर पंचायत बोर्ड की प्रत्येक बैठक में प्रस्ताव कर रखा। बताया जा रहा है कि 69 लाख के बजट में स्वीकृत बरातघर का पूर्ण भुगतान हो चुका है।
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जलालाबाद में बाईपास मार्ग पर नगर पंचायत की कीमती भूमि पर दस वर्ष पूर्व तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष रमा अशरफ ने वर्ष 2015 में 69 लाख रुपये की लागत से सार्वजनिक बरात घर का निर्माण कार्य शुरू कराया था, लेकिन ठेकेदार ने समय से कार्य पूरा नहीं किया। इस बीच चेयरमैन रमा अशरफ का कार्यकाल समाप्त हो गया। वर्ष 2017 में नवगठित बोर्ड में अब्दुल गफ्फार चेयरमैन बने तो लोगों को बरातघर का निमार्ण पूरा होने की उम्मीद जगी, लेकिन सभासदों व ठेकेदार के बीच घटिया सामग्री के प्रयोग की शिकायतों के कारण उक्त कार्य अधर में लटक गया। आठ साल इस कारण यह काम लटका रहा।
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वर्ष 2023 में नए बोर्ड का गठन होने के बाद नगर पंचायत की जिम्मेदारी जहीर मलिक को मिली, लेकिन उनका भी करीब लगभग डेढ़ वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी काम अधर में है। कानूनी अड़चनों के चलते कोई भी अधिशासी अधिकारी इस कार्य में सीधा हाथ डालने से बच रहा है, हालांकि बरातघर को पूरा करने के लिए नगर पंचायत बोर्ड की प्रत्येक बैठक में प्रस्ताव कर रखा। बताया जा रहा है कि 69 लाख के बजट में स्वीकृत बरातघर का पूर्ण भुगतान हो चुका है।
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