फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   The speed of Corona stopped in July, but the danger was not averted

जुलाई में थमी कोरोना की रफ्तार, सावधानी बरतने की अभी जरूरत

Sun, 01 Aug 2021 10:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 01 Aug 2021 10:57 PM IST
विज्ञापन
The speed of Corona stopped in July, but the danger was not averted
जुलाई में थमी कोरोना की रफ्तार, लेकिन खतरा टला नहीं
विज्ञापन

शामली। कोरोना की दूसरी लहर की रफ्तार जुलाई माह में थम गई, लेकिन इस महीने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताए जाने के कारण लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। लोग जिस तरह से कोरोना को लेकर बेपरवाह बने हुए हैं, वह जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
कोरोना की दूसरी लहर अप्रैल व मई के महीने में पीक पर रहा। एक दिन में कोरोना के 687 केस मिलने का रिकार्ड भी बना था। जून माह में कोरोना की दूसरी लहर की रफ्तार धीमी पड़नी शुरू हुई थी। 170 केस कोरोना के मिले और तीन लोगों की मौत हुई। जुलाई माह में कोरोना की रफ्तार पर ब्रेक लगा। इस महीने में कोरोना के 12 केस ही मिले और जून माह में मिले कोरोना के 40 मरीज ठीक हुए। जुलाई में 21 दिन ऐसे रहे, जिनमें कोरोना का नया केस नहीं मिला। कोरोना कम होने पर लोगों की लापरवाही भी बढ़ रही है। बाजारों में भीड़ के बीच सोशल डिस्टेंस का कोई ख्याल नहीं और फेस मास्क लगाना भी जरूरी नहीं समझ रहे हैं। इस माह में कोरोना की तीसरी लहर का अंदेशा स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा जताया जा रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार का कहना है कि कोरोना के केस भले ही कम हो गए हो, लेकिन खतरा अभी बरकरार है। इसलिए लोगों को पूरी तरह सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि फेस मास्क लगाए और सोशल डिस्टेंस का पालन करे। साबुन या सैनिटाइजर से हाथ साफ करते रहें।
विज्ञापन

तीसरी लहर से बचाव की ये की गई तैयारी
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा प्रभावित होने का अंदेशा जताया जा रहा है। उसे देखते हुए 40 बेड का पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट (पीकू) बनाई गई है। इसमें 10 बेड पर वेंटिंलेंटर हैं। 10 बेड की हाई डिपेंडेसी यूनिट (एचडीयू) और 20 बेड आइसोलेशन में है। जिला अस्पताल में 105 बेड पर सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था है। एक ऑक्सीजन प्लांट चालू हो चुका है। दो प्लांट जल्द लगाए जाएंगे। इसके अलावा थानाभवन, कांधला व झिंझाना में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा 45 चिकित्सकों और 45 स्टाफ नर्स को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed