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Shamli News: दोषी चार पुलिसकर्मियों को एसपी ने किया लाइन हाजिर
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शामली। पिंंडोरा जहांगीरपुर गांव के सोनू का फर्जी तरीके से जमानतीय वारंट जारी कर यातना देने और शांतिभंग में चालान करने के मामले में एसपी ने चार पुलिसकर्मियों मुख्य आरक्षी जगमोहन, बृजेश कुमार, आरक्षी अरुण कुमार, आरक्षी राम लखन को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं दोषी दरोगा महेंद्र सिंह की रिपोर्ट नोएडा एसपी को भेजी है। साथ ही पांचों पुलिसकर्मियों को मिस कंडेक्ट भी दी गई है।
पिंडौरा जहांगीरपुर निवासी सोनू पुत्र जगरोशन ने एसपी से शिकायत कर बताया कि 28 अक्तूबर को उसे ऊन पुलिस चौकी पर तैनात पांच पुलिसकर्मी जमानतीय वारंट के आधार पर अपने साथ ले गए और पूरी रात मारपीट करते हुए यातना दीं। अगले दिन 29 अक्तूबर को शांतिभंग में उसका चालान कर दिया। सोनू का आरोप था कि कोर्ट से उसका कोई भी जमानतीय वारंट जारी नहीं किया गया था, खुद ही पुलिसकर्मियों ने फर्जी वारंट जारी कर उसका चालान किया। एसपी ने एएसपी को मामले की जांच सौंपी थी। सीओ सिटी श्याम सिंह ने भी जांच की। जांच में वारंट फर्जी पाया गया और पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई। मामले की रिपोर्ट एसपी को भेजी गई थी। एसपी रामसेवक गौतम ने कहा कि लोगों के साथ ज्यादती नहीं होने दी जाएगी।
-अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मामला
अमर उजाला ने सोनू के साथ हुई ज्यादती का मामला 4 जून को प्रमुखता के साथ उठाया था। इसके बाद एसपी ने पूरे मामले में जल्द रिपोर्ट देने को कहा था। सोनू के पास पुलिसकर्मियों की वीडियो मौजूद थी, जो पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराने का आधार भी बनी।
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-निलंबित हो पुलिसकर्मी
सोनू का कहना है कि उस पर अभी भी लगातार फैसले का दबाव पुलिसकर्मी बना रहे हैं। सभी के खिलाफ फर्जी वारंट जारी करने के मामले में मुकदमा दर्ज होना चाहिए। इसकी शिकायत वह सीएम और पीएम से भी करेगा।
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पिंडौरा जहांगीरपुर निवासी सोनू पुत्र जगरोशन ने एसपी से शिकायत कर बताया कि 28 अक्तूबर को उसे ऊन पुलिस चौकी पर तैनात पांच पुलिसकर्मी जमानतीय वारंट के आधार पर अपने साथ ले गए और पूरी रात मारपीट करते हुए यातना दीं। अगले दिन 29 अक्तूबर को शांतिभंग में उसका चालान कर दिया। सोनू का आरोप था कि कोर्ट से उसका कोई भी जमानतीय वारंट जारी नहीं किया गया था, खुद ही पुलिसकर्मियों ने फर्जी वारंट जारी कर उसका चालान किया। एसपी ने एएसपी को मामले की जांच सौंपी थी। सीओ सिटी श्याम सिंह ने भी जांच की। जांच में वारंट फर्जी पाया गया और पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई। मामले की रिपोर्ट एसपी को भेजी गई थी। एसपी रामसेवक गौतम ने कहा कि लोगों के साथ ज्यादती नहीं होने दी जाएगी।
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-अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मामला
अमर उजाला ने सोनू के साथ हुई ज्यादती का मामला 4 जून को प्रमुखता के साथ उठाया था। इसके बाद एसपी ने पूरे मामले में जल्द रिपोर्ट देने को कहा था। सोनू के पास पुलिसकर्मियों की वीडियो मौजूद थी, जो पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराने का आधार भी बनी।
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-निलंबित हो पुलिसकर्मी
सोनू का कहना है कि उस पर अभी भी लगातार फैसले का दबाव पुलिसकर्मी बना रहे हैं। सभी के खिलाफ फर्जी वारंट जारी करने के मामले में मुकदमा दर्ज होना चाहिए। इसकी शिकायत वह सीएम और पीएम से भी करेगा।