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Shamli News: 1857 में स्थापित शिव मंदिर आज भी आस्था का प्रतीक
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जलालाबाद में गांधी चौक स्थित शिव मंदिर का शिव लिंग । संवाद
- फोटो : जनसुनवाई समस्या सुनतीं महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता।
जलालाबाद। कस्बे के गांधी चौक स्थित राधा-कृष्ण शिव मंदिर सावन मास में श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। प्राचीन बादामी रंग के शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। सुबह से ही पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हो जाता है।
पुजारी पंडित प्रणव भारद्वाज के अनुसार, मंदिर की स्थापना वर्ष 1857 में मोहनलाल रईस जमींदार परिवार की तीन विधवा महिलाएं पुन्नी देवी, नाद्दो देवी और मंगला देवी ने कराई थी। इन्होंने ही मंदिर के लिए भूमि भी दान की थी। मंदिर में शिव के अलावा हनुमान, राधा-कृष्ण सहित कई देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। दीवारों पर रामदरबार और अन्य धार्मिक चित्र भी अंकित हैं।
सावन के महीने में यहां विशेष रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और शिव महापुराण कथा का आयोजन होता है। भजन-कीर्तन और भंडारे की भी नियमित व्यवस्था रहती है। कृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाता है।
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पुजारी पंडित प्रणव भारद्वाज के अनुसार, सावन में श्रद्धालु रुद्राभिषेक और विशेष पूजन कराते हैं, जिससे शिव कृपा से कष्टों का निवारण होता है।
श्रद्धालु दीप शर्मा का कहना है, इस शिवलिंग की पूजा से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
सचिन गोयल ने बताया, बचपन से शिव भक्ति कर रहा हूं, हर संकट में उन्होंने साथ दिया। मंदिर आकर मानसिक शांति मिलती है।
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पुजारी पंडित प्रणव भारद्वाज के अनुसार, मंदिर की स्थापना वर्ष 1857 में मोहनलाल रईस जमींदार परिवार की तीन विधवा महिलाएं पुन्नी देवी, नाद्दो देवी और मंगला देवी ने कराई थी। इन्होंने ही मंदिर के लिए भूमि भी दान की थी। मंदिर में शिव के अलावा हनुमान, राधा-कृष्ण सहित कई देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। दीवारों पर रामदरबार और अन्य धार्मिक चित्र भी अंकित हैं।
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सावन के महीने में यहां विशेष रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और शिव महापुराण कथा का आयोजन होता है। भजन-कीर्तन और भंडारे की भी नियमित व्यवस्था रहती है। कृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाता है।
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पुजारी पंडित प्रणव भारद्वाज के अनुसार, सावन में श्रद्धालु रुद्राभिषेक और विशेष पूजन कराते हैं, जिससे शिव कृपा से कष्टों का निवारण होता है।
श्रद्धालु दीप शर्मा का कहना है, इस शिवलिंग की पूजा से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
सचिन गोयल ने बताया, बचपन से शिव भक्ति कर रहा हूं, हर संकट में उन्होंने साथ दिया। मंदिर आकर मानसिक शांति मिलती है।