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गुम हो गई ‘मोहन रसिया माय हार्ट बसिया’ की सुरीली आवाज
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थानाभवन संकीर्तन में रणवीर सिंह का फाइल फोटो
- फोटो : SHAMLI
अंकित सैनी
थानाभवन। बीते दशकों में किसी भजन संध्या या संकीर्तन में शामिल हुए हों तो ‘मोहन रसिया माय हार्ट बसिया’ अंग्रेजी भजन निश्चित रूप से सुना होगा। ये सुरीली आवाज किसी ओर की नहीं बल्कि गन्ना मंत्री सुरेश राणा के पिता ठाकुर रणवीर सिंह की होती थी। धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति रहे ठाकुर रणवीर सिंह के जाने के बाद आज कस्बे ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लोग सदमे में हैं।
कस्बेवासी बताते हैं कि रणवीर सिंह शुरुआत से ही धार्मिक प्रवृत्ति के इंसान रहे। इतना ही नहीं वे कस्बे व आसपास के क्षेत्र के अलावा दूसरे जिलों में भजन संध्या में शामिल होते थे। उन्हें भजन गायन के साथ ही ढोलक बजाने का भी शौक था। लोग उन्हें न्यौता देने आते थे। ठाकुर रणवीर सिंह न सिर्फ न्यौता स्वीकार करते बल्कि वहां पहुंचकर अपनी उपस्थिति भी दर्ज करवाते।
सरल स्वभाव के रणवीर सिंह की खास बात यह थी कि वे अंग्रेजी में भजन गाते थे। एक सामान्य परिवार में जन्में रणवीर सिंह ने खेतीबाड़ी पर अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दिए, इसी का परिणाम है कि उनका एक बेटा आज सूबे में कैबिनेट मंत्री के पद पर है।
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मैंने देश को दे दिया अपना बेटा
वर्ष 2014 में जब सुरेश राणा दंगों के दौरान जेल गए तो कुछ मीडियाकर्मी उनके आवास पहुंचे। पत्रकारों के सवालों के जवाब में रणवीर सिंह बोले थे कि मैंने अपने बेटे को देश के सुपुर्द कर दिया है, उन्हें भगवान पर पूरा भरोसा है। इसके बाद वह गुनगुनाते हुए बोले कि तुझे सूरज कहूं या चंदा, तुझे दीप कहूं या तारा, मेरा नाम करेगा रोशन, जग में मेरा राज दुलारा।
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चकाचौंध से दूर रहते थे ठाकुर रणवीर सिंह
थानाभवन। ठाकुर रणवीर सिंह सरल स्वभाव और धार्मिक प्रवृत्ति के इंसान थे। उनके जीवन में कई बार ऐसे मौके भी आए जब वह किसी कीर्तन, जागरण व भजन संध्या में शामिल हुए और उसी कार्यक्रम में सुरेश राणा बतौर विधायक, मंत्री रहते हुए मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। बावजूद इसके रणवीर सिंह के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। वहीं जमीन पर बैठना, भजन गाना, ढोलक बजाना और ईश्वर भक्ति करना उनके स्वभाव में था। वे अपने इसी सरल स्वभाव से पूरे इलाके में प्रसिद्ध रहे।
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थानाभवन। बीते दशकों में किसी भजन संध्या या संकीर्तन में शामिल हुए हों तो ‘मोहन रसिया माय हार्ट बसिया’ अंग्रेजी भजन निश्चित रूप से सुना होगा। ये सुरीली आवाज किसी ओर की नहीं बल्कि गन्ना मंत्री सुरेश राणा के पिता ठाकुर रणवीर सिंह की होती थी। धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति रहे ठाकुर रणवीर सिंह के जाने के बाद आज कस्बे ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लोग सदमे में हैं।
कस्बेवासी बताते हैं कि रणवीर सिंह शुरुआत से ही धार्मिक प्रवृत्ति के इंसान रहे। इतना ही नहीं वे कस्बे व आसपास के क्षेत्र के अलावा दूसरे जिलों में भजन संध्या में शामिल होते थे। उन्हें भजन गायन के साथ ही ढोलक बजाने का भी शौक था। लोग उन्हें न्यौता देने आते थे। ठाकुर रणवीर सिंह न सिर्फ न्यौता स्वीकार करते बल्कि वहां पहुंचकर अपनी उपस्थिति भी दर्ज करवाते।
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सरल स्वभाव के रणवीर सिंह की खास बात यह थी कि वे अंग्रेजी में भजन गाते थे। एक सामान्य परिवार में जन्में रणवीर सिंह ने खेतीबाड़ी पर अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दिए, इसी का परिणाम है कि उनका एक बेटा आज सूबे में कैबिनेट मंत्री के पद पर है।
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मैंने देश को दे दिया अपना बेटा
वर्ष 2014 में जब सुरेश राणा दंगों के दौरान जेल गए तो कुछ मीडियाकर्मी उनके आवास पहुंचे। पत्रकारों के सवालों के जवाब में रणवीर सिंह बोले थे कि मैंने अपने बेटे को देश के सुपुर्द कर दिया है, उन्हें भगवान पर पूरा भरोसा है। इसके बाद वह गुनगुनाते हुए बोले कि तुझे सूरज कहूं या चंदा, तुझे दीप कहूं या तारा, मेरा नाम करेगा रोशन, जग में मेरा राज दुलारा।
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चकाचौंध से दूर रहते थे ठाकुर रणवीर सिंह
थानाभवन। ठाकुर रणवीर सिंह सरल स्वभाव और धार्मिक प्रवृत्ति के इंसान थे। उनके जीवन में कई बार ऐसे मौके भी आए जब वह किसी कीर्तन, जागरण व भजन संध्या में शामिल हुए और उसी कार्यक्रम में सुरेश राणा बतौर विधायक, मंत्री रहते हुए मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। बावजूद इसके रणवीर सिंह के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। वहीं जमीन पर बैठना, भजन गाना, ढोलक बजाना और ईश्वर भक्ति करना उनके स्वभाव में था। वे अपने इसी सरल स्वभाव से पूरे इलाके में प्रसिद्ध रहे।