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Shamli News: हाईकोर्ट ने स्कूलों में बच्चों का दाखिला कराने के दिए आदेश
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कैराना। नगर के चार गरीब बच्चों के प्राइमरी स्कूल में दाखिले नहीं करने पर बच्चों के पिता ने हाईकोर्ट में रिट दायर की थी। इसमें हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद आदेश जारी किए कि स्कूल अगर बच्चों के वार्ड में स्थित हैं तो उनके दाखिले किए जाएं। अगर वहां पर सीट पूरी हो गई हैं तो पास के स्कूल में दाखिले कराए जाएं।
नगर के मास्टर अमान अहमद सहित चार लोगों ने हाईकोर्ट में रिट दायर की थी कि भास्कर इंटर नेशनल स्कूल ने बच्चों के निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत उनके बच्चों के दाखिले नहीं किए। इस पर हाईकोर्ट की बेंच नंबर-10 ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी को अपना पक्ष रखने के आदेश दिए थे। बुधवार को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए कि अगर भास्कर स्कूल बच्चों के वार्ड में स्थित है तो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी 1 जून तक स्कूल में बच्चों के दाखिलें कराएं। यदि स्कूल की सीटें पूरी हो गई हैं तो पास के दूसरे स्कूल में बच्चों के दाखिले कराएं।
मामले में भास्कर इंटर नेशनल स्कूल के डायरेक्टर फैसल कुरैशी ने बताया कि बच्चों के निशुल्क दाखिले के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अपना स्वीकृति पत्र भेजता है। मगर बिना बीएसए के पत्र के स्कूल निशुल्क दाखिला नहीं करता।
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परिजन दूसरे वार्ड के स्कूल में एडमिशन चाह रहे थे, नियमानुसार दूसरे वार्ड के स्कूल में एडमिशन नहीं हो सकता था। हाईकोर्ट का आदेश अभी नहीं देखा है। साथ ही हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा।
-बीएसए कोमल
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नगर के मास्टर अमान अहमद सहित चार लोगों ने हाईकोर्ट में रिट दायर की थी कि भास्कर इंटर नेशनल स्कूल ने बच्चों के निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत उनके बच्चों के दाखिले नहीं किए। इस पर हाईकोर्ट की बेंच नंबर-10 ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी को अपना पक्ष रखने के आदेश दिए थे। बुधवार को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए कि अगर भास्कर स्कूल बच्चों के वार्ड में स्थित है तो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी 1 जून तक स्कूल में बच्चों के दाखिलें कराएं। यदि स्कूल की सीटें पूरी हो गई हैं तो पास के दूसरे स्कूल में बच्चों के दाखिले कराएं।
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मामले में भास्कर इंटर नेशनल स्कूल के डायरेक्टर फैसल कुरैशी ने बताया कि बच्चों के निशुल्क दाखिले के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अपना स्वीकृति पत्र भेजता है। मगर बिना बीएसए के पत्र के स्कूल निशुल्क दाखिला नहीं करता।
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परिजन दूसरे वार्ड के स्कूल में एडमिशन चाह रहे थे, नियमानुसार दूसरे वार्ड के स्कूल में एडमिशन नहीं हो सकता था। हाईकोर्ट का आदेश अभी नहीं देखा है। साथ ही हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा।
-बीएसए कोमल