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सूर्यग्रहण पर सूतक लगने से मंदिरों के कपाट रहे बंद
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शामली सूर्य ग्रहण के दौरान बंद पड़े हनुमान धाम स्थित मंदिरों के कपाट।
- फोटो : SHAMLI
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सूर्यग्रहण पर सूतक लगने से मंदिरों के कपाट रहे बंद
शामली। सूर्य ग्रहण के दौरान यमुना तट पर श्रद्धालुओं ने कष्टों के निवारण के लिए स्नान किया और पूजा अर्चना कराई। सूतक लगने से पूर्व शहर के मंदिरों के साढ़े 14 घंटे तक कपाट बंद रहे।
मंगलवार को सुबह 3.30 बजे शहर के सभी मंदिरों में देव प्रतिमाओं को स्नान कराकर विधि विधान से पूजा अर्चना कराई। मंदिरों में देव प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना के बाद सुबह चार बजे से पूर्व महंतों और पुजारियों ने मंदिर के कपाट बंद करा दिए। शाम साढ़े छह बजे सूर्यग्रहण खत्म होने बाद मंदिरों के कपाट खोले गए। देव प्रतिमाओं को स्नान कराने के बाद नए वस्त्र पहनाकर पूजा और आरती के बाद मंदिरों के कपाट बंद कर दिए।
श्री हनुमानधाम के प्रधान सलिल द्विवेदी ने बताया कि मंगलवार को सुबह 3.30 बजे कार्तिक अमावस्या का सूर्यग्रहण का सूतक लगने से पूर्व मंदिर के महंत और पुजारियों ने हनुमानधाम के सभी मंदिरों की देव प्रतिमाओं को स्नान कराया। पूजा और आरती के बाद मंदिरों के कपाट बंद हो गए। शाम को साढ़े छह बजे सूर्यग्रहण खत्म होने के बाद मंदिरों के कपाट खोले गए। मंदिरों में देव प्रतिमाओं को मंदिर के मंहतों-पुजारियों ने स्नान कराकर नवीन वस्त्र पोशाक पहनाकर विधि विधान से पूजा आरती कराई। बाद में मंदिरों के कपाट बंद कराए। बिडौली यमुना नदी के घाट पर स्नान दान के बाद श्रद्धालुओं की ओर से कष्ट निवारण के लिए पंडितों से पूजा-अर्चना कराई। भगवान सूर्य का अर्घ्य देकर सुख-शांति की कामना की।
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- अमावस्या पर गोवंशों को खिलाया चारा, खील बताशों से किया पूजन
फोटो समाचार
शामली। कार्तिक अमावस्या पर सूर्य ग्रहण के दौरान गोवंश सेवा महिला समिति की पदाधिकारियों ने शहर के भैंसवाल रोड नई मंडी स्थित गोशाला में गोवंश को छह क्विंटल हरा चारा उपलब्ध कराया। सात किलो खील, ढाई किलो बताशे और मिठाई खिलाकर एक नई पहल की। गोवंश सेवा महिला समिति की अध्यक्ष पूजा बंसल, उपाध्यक्ष सुनीता जिंदल, संरक्षक रश्मि गर्ग, सुदेश सिंघल एडवोकेट, सपना गर्ग, नूतन अग्रवाल, अर्चना रानी, डॉ. नीलम पंवार का सहयोग रहा।
- सूर्य ग्रहण पर श्रद्धालुओं ने यमुना में किया स्नान
कैराना। अमावस्या और सूर्य ग्रहण के अवसर पर श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में स्नान करके पूजा अर्चना की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने यमुना नदी के जल में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य अर्पण किया।
मंगलवार को अमावस्या और सूर्य ग्रहण के अवसर पर यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर स्थित यमुना नदी पर दोनों प्रदेशों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में स्नान के दौरान यमुना नदी के जल में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य अर्पण किया और पूजा अर्चना की। यमुना की हरियाणा की ओर श्रद्धालुओं को जमावड़ा लगा रहा। जबकि यूपी की ओर बहुत कम श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान यमुना तट पर गोताखोर मौजूद रहे।
मंदिरों के कपाट रहे बंद
जलालाबाद। सूर्य ग्रहण होने पर देर शाम तक मंदिरों के कपाट बंद रहे। बताया जाता है कि सूर्य ग्रहण में दान, ईश्वर भक्ति का बड़ा महत्व होता है। अनाज, नमक, वस्त्र, अन्य वस्तुओं का गरीबो में दान किया गया। पंडित राधेश्याम शर्मा ने बताया कि जहां पर सूर्य ग्रहण का वैज्ञानिक महत्व है। वहीं दूसरी ओर, पुराणों में भी सूर्य ग्रहण का धार्मिक महत्व बताया गया है। ग्रहण में दान करने से मानव पुण्य का भागी होता है। इसलिए हमें जीवन में गरीबों की मदद करनी चाहिए।
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शामली। सूर्य ग्रहण के दौरान यमुना तट पर श्रद्धालुओं ने कष्टों के निवारण के लिए स्नान किया और पूजा अर्चना कराई। सूतक लगने से पूर्व शहर के मंदिरों के साढ़े 14 घंटे तक कपाट बंद रहे।
मंगलवार को सुबह 3.30 बजे शहर के सभी मंदिरों में देव प्रतिमाओं को स्नान कराकर विधि विधान से पूजा अर्चना कराई। मंदिरों में देव प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना के बाद सुबह चार बजे से पूर्व महंतों और पुजारियों ने मंदिर के कपाट बंद करा दिए। शाम साढ़े छह बजे सूर्यग्रहण खत्म होने बाद मंदिरों के कपाट खोले गए। देव प्रतिमाओं को स्नान कराने के बाद नए वस्त्र पहनाकर पूजा और आरती के बाद मंदिरों के कपाट बंद कर दिए।
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श्री हनुमानधाम के प्रधान सलिल द्विवेदी ने बताया कि मंगलवार को सुबह 3.30 बजे कार्तिक अमावस्या का सूर्यग्रहण का सूतक लगने से पूर्व मंदिर के महंत और पुजारियों ने हनुमानधाम के सभी मंदिरों की देव प्रतिमाओं को स्नान कराया। पूजा और आरती के बाद मंदिरों के कपाट बंद हो गए। शाम को साढ़े छह बजे सूर्यग्रहण खत्म होने के बाद मंदिरों के कपाट खोले गए। मंदिरों में देव प्रतिमाओं को मंदिर के मंहतों-पुजारियों ने स्नान कराकर नवीन वस्त्र पोशाक पहनाकर विधि विधान से पूजा आरती कराई। बाद में मंदिरों के कपाट बंद कराए। बिडौली यमुना नदी के घाट पर स्नान दान के बाद श्रद्धालुओं की ओर से कष्ट निवारण के लिए पंडितों से पूजा-अर्चना कराई। भगवान सूर्य का अर्घ्य देकर सुख-शांति की कामना की।
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- अमावस्या पर गोवंशों को खिलाया चारा, खील बताशों से किया पूजन
फोटो समाचार
शामली। कार्तिक अमावस्या पर सूर्य ग्रहण के दौरान गोवंश सेवा महिला समिति की पदाधिकारियों ने शहर के भैंसवाल रोड नई मंडी स्थित गोशाला में गोवंश को छह क्विंटल हरा चारा उपलब्ध कराया। सात किलो खील, ढाई किलो बताशे और मिठाई खिलाकर एक नई पहल की। गोवंश सेवा महिला समिति की अध्यक्ष पूजा बंसल, उपाध्यक्ष सुनीता जिंदल, संरक्षक रश्मि गर्ग, सुदेश सिंघल एडवोकेट, सपना गर्ग, नूतन अग्रवाल, अर्चना रानी, डॉ. नीलम पंवार का सहयोग रहा।
- सूर्य ग्रहण पर श्रद्धालुओं ने यमुना में किया स्नान
कैराना। अमावस्या और सूर्य ग्रहण के अवसर पर श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में स्नान करके पूजा अर्चना की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने यमुना नदी के जल में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य अर्पण किया।
मंगलवार को अमावस्या और सूर्य ग्रहण के अवसर पर यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर स्थित यमुना नदी पर दोनों प्रदेशों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में स्नान के दौरान यमुना नदी के जल में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य अर्पण किया और पूजा अर्चना की। यमुना की हरियाणा की ओर श्रद्धालुओं को जमावड़ा लगा रहा। जबकि यूपी की ओर बहुत कम श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान यमुना तट पर गोताखोर मौजूद रहे।
मंदिरों के कपाट रहे बंद
जलालाबाद। सूर्य ग्रहण होने पर देर शाम तक मंदिरों के कपाट बंद रहे। बताया जाता है कि सूर्य ग्रहण में दान, ईश्वर भक्ति का बड़ा महत्व होता है। अनाज, नमक, वस्त्र, अन्य वस्तुओं का गरीबो में दान किया गया। पंडित राधेश्याम शर्मा ने बताया कि जहां पर सूर्य ग्रहण का वैज्ञानिक महत्व है। वहीं दूसरी ओर, पुराणों में भी सूर्य ग्रहण का धार्मिक महत्व बताया गया है। ग्रहण में दान करने से मानव पुण्य का भागी होता है। इसलिए हमें जीवन में गरीबों की मदद करनी चाहिए।

शामली सूर्य ग्रहण के दौरान बंद पड़े हनुमान धाम स्थित मंदिर के कपाट।- फोटो : SHAMLI

सूर्य ग्रहण के दौरान बिड़ौली यमुना नदी पर पूजन करते श्रद्धालु।- फोटो : SHAMLI

सूर्य ग्रहण के दौरान बिड़ौली यमुना नदी में स्नान करते लोग।- फोटो : SHAMLI