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Shamli News: मंजिल आईएएस थी... आईपीएस पर नहीं रुकी आस्था

Fri, 06 Mar 2026 11:55 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Fri, 06 Mar 2026 11:55 PM IST
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The destination was IAS... faith did not stop at IPS
कांधला में मिठाई ​खिला कर खुशी मनाते आस्था जैन के प​रिजन । संवाद
शामली। मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती। ऐसा ही कर दिखाया है शामली जिले के कस्बा कांधला के मोहल्ला सरावज्ञान की रहने वाली आस्था जैन ने ठान लिया था कि उन्हें आईएएस ही बनना है। इसके लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए और तीसरे प्रयास में नौवीं रैंक हासिल कर जिले के साथ-साथ प्रदेश का नाम रोशन किया।
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आस्था जैन से मोबाइल फोन पर बातचीत की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश—
सवाल : आईएएस बनने की प्रेरणा कहां से मिली?
जवाब : बचपन से ही पिता और परिवार के अन्य लोग मुझे आईएएस बनने के लिए प्रेरित करते थे। 12वीं के बाद मैंने तय कर लिया था कि मुझे आईएएस ही बनना है।

सवाल : आईएएस ही क्यों बनना चाहती थीं?
जवाब : पुलिस सेवा भी अच्छी है, लेकिन मेरा सपना शुरू से आईएएस बनने का था। मैं प्रशासनिक सेवा में रहकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहती हूं।

सवाल : सफलता कैसे हासिल की?
जवाब : रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थी। सोशल मीडिया से लगभग दूरी बना ली थी। ज्यादा ध्यान सेल्फ स्टडी पर रखा, जिससे सफलता मिली।

सवाल : क्या कभी लगा कि आईएएस नहीं बन पाऊंगी?
जवाब : मैंने पहले भी यूपीएससी की परीक्षा दी थी। पहली बार 131वीं और दूसरी बार 186वीं रैंक मिली थी। उस समय लगा कि शायद अब आईएएस नहीं बन पाऊंगी, क्योंकि आईपीएस बन चुकी थी। लेकिन परिजनों और दोस्तों ने हौसला बढ़ाया और तैयारी जारी रखने को कहा। आज उसका परिणाम सबके सामने है।
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सवाल : युवाओं के लिए कोई संदेश?
जवाब : हर किसी को सपना देखना चाहिए और उसे पूरा करने के लिए मेहनत भी उतनी ही करनी चाहिए। सही दिशा में मेहनत करने पर सफलता जरूर मिलती है।

खुशी में नहीं रुक रहे माता-पिता के आंसू
आस्था के यूपीएससी में नौवीं रैंक हासिल करने की खबर मिलते ही पिता अजय जैन और माता ममता जैन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। खुशी के आंसू दोनों की आंखों से लगातार बहते रहे। माता ममता जैन ने कहा कि आज बहुत गर्व महसूस हो रहा है। बेटी ने तीन बार प्रयास किया और हमें उस पर हमेशा विश्वास था। उन्होंने कहा कि हर किसी को अपनी बेटियों को पढ़ाने में कंजूसी नहीं करनी चाहिए और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए।
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बहन गुरुग्राम में इंजीनियर
पिता अजय जैन ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी आंचल जैन गुरुग्राम में इंजीनियर हैं। दूसरी बेटी आस्था जैन हैं, जबकि तीसरी बेटी खुशी जैन पुणे से एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। बेटा सम्यक जैन दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम कर रहा है।

ट्रेनिंग से छुट्टी लेकर इंटरव्यू देने पहुंचीं
आस्था जैन ने बताया कि वह आईपीएस की ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद में थीं। इसी दौरान उन्होंने छुट्टी लेकर यूपीएससी के इंटरव्यू में हिस्सा लिया था। उन्हें विश्वास था कि इस बार सफलता जरूर मिलेगी। रिजल्ट आने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।


घर में खुशी का माहौल
आस्था जैन की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। नगर और आसपास के लोग उनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं। पिता अजय जैन बाजार में मिठाई बांटकर खुशी मना रहे हैं। आस्था ने अपनी सफलता का श्रेय माता ममता जैन, पिता अजय जैन, बहनों आंचल और खुशी जैन, भाई सम्यक जैन तथा अपने शिक्षकों को दिया है।

कांधला में मिठाई खिला कर खुशी मनाते आस्था जैन के परिजन । संवाद

कांधला में मिठाई खिला कर खुशी मनाते आस्था जैन के परिजन । संवाद

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