{"_id":"6a5e75a380a16996d2095e25","slug":"the-deception-of-a-local-number-cyber-fraudsters-attack-from-abroad-shamli-news-c-26-1-sal1002-170027-2026-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: लोकल नंबर का छलावा... विदेश से साइबर ठगों का वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: लोकल नंबर का छलावा... विदेश से साइबर ठगों का वार
Tue, 21 Jul 2026 12:53 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 21 Jul 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
शामली। साइबर ठग अंतरराष्ट्रीय कॉल को स्थानीय नंबर में बदलकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है। जिले में इस तरह के चार मामले पुलिस के पास पहुंचे हैं। साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि साइबर ठग प्राइवेट वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) तकनीक का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय कॉल को स्थानीय नंबर के रूप में दिखा रहे हैं। इससे कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति को लगता है कि फोन किसी स्थानीय व्यक्ति या संस्था की ओर से आया है और वह आसानी से ठगों के झांसे में आ जाता है। nजागरूकता से ठगी बची : कांधला निवासी सरिता के पास भी इसी तरह स्थानीय नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को विदेश में रहने वाला परिचित बताकर बातचीत शुरू की, लेकिन महिला ने सतर्कता दिखाई और कोई जानकारी साझा नहीं की। इससे वह ठगी का शिकार होने से बच गई। nवीओआईपी तकनीक का हो रहा इस्तेमाल : पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पहले लोग अंतरराष्ट्रीय नंबर देखकर सतर्क हो जाते थे। इसी कारण साइबर ठगों ने नया तरीका अपनाया है। जांच में सामने आया है कि प्राइवेट वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल की मदद से अंतरराष्ट्रीय कॉल को स्थानीय नंबर में बदलकर लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। इस संबंध में कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं और साइबर सेल तकनीकी जांच कर रही है।
विज्ञापन
पुलिस जांच में सामने आया है कि साइबर ठग प्राइवेट वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) तकनीक का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय कॉल को स्थानीय नंबर के रूप में दिखा रहे हैं। इससे कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति को लगता है कि फोन किसी स्थानीय व्यक्ति या संस्था की ओर से आया है और वह आसानी से ठगों के झांसे में आ जाता है। nजागरूकता से ठगी बची : कांधला निवासी सरिता के पास भी इसी तरह स्थानीय नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को विदेश में रहने वाला परिचित बताकर बातचीत शुरू की, लेकिन महिला ने सतर्कता दिखाई और कोई जानकारी साझा नहीं की। इससे वह ठगी का शिकार होने से बच गई। nवीओआईपी तकनीक का हो रहा इस्तेमाल : पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पहले लोग अंतरराष्ट्रीय नंबर देखकर सतर्क हो जाते थे। इसी कारण साइबर ठगों ने नया तरीका अपनाया है। जांच में सामने आया है कि प्राइवेट वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल की मदद से अंतरराष्ट्रीय कॉल को स्थानीय नंबर में बदलकर लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। इस संबंध में कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं और साइबर सेल तकनीकी जांच कर रही है।
विज्ञापन