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Shamli News: फर्जी मेडिकल अवकाश से वेतन लेने और फर्जी उपस्थिति दर्ज करने के आरोप में शिक्षक निलंबित
Wed, 30 Sep 2026 01:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 30 Sep 2026 01:25 AM IST
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शामली। फर्जी चिकित्सीय अवकाश के आधार पर वेतन प्राप्त करने और विद्यालय अभिलेखों में फर्जी उपस्थिति दर्ज करने के आरोप में बेसिक शिक्षा विभाग ने उच्च प्राथमिक विद्यालय धनैना के सहायक अध्यापक संजीव कुमार को निलंबित कर दिया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार ने 28 सितंबर को निलंबन आदेश जारी किया। बीएसए ने बताया कि शिक्षक पर उच्चाधिकारियों को गुमराह करने, फर्जी चिकित्सीय अवकाश के आधार पर अनियमित वेतन प्राप्त करने और विद्यालय के अभिलेखों में फर्जी उपस्थिति दर्ज करने के प्रथमदृष्टया आरोप हैं। इन आरोपों के आधार पर शिक्षक को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के तहत निलंबित किया गया है।
प्रकरण की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी शामली को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें सात दिन के भीतर अनुमोदित आरोप पत्र जारी कर जांच आख्या बीएसए कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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निलंबन अवधि में शिक्षक को उच्च प्राथमिक विद्यालय भैंसवाल से संबद्ध किया गया है। आदेश में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, भत्ता प्राप्त करने के लिए शिक्षक को यह प्रमाणपत्र देना होगा कि वह किसी अन्य सेवा, व्यापार या व्यवसाय में संलिप्त नहीं हैं।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार ने 28 सितंबर को निलंबन आदेश जारी किया। बीएसए ने बताया कि शिक्षक पर उच्चाधिकारियों को गुमराह करने, फर्जी चिकित्सीय अवकाश के आधार पर अनियमित वेतन प्राप्त करने और विद्यालय के अभिलेखों में फर्जी उपस्थिति दर्ज करने के प्रथमदृष्टया आरोप हैं। इन आरोपों के आधार पर शिक्षक को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के तहत निलंबित किया गया है।
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प्रकरण की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी शामली को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें सात दिन के भीतर अनुमोदित आरोप पत्र जारी कर जांच आख्या बीएसए कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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निलंबन अवधि में शिक्षक को उच्च प्राथमिक विद्यालय भैंसवाल से संबद्ध किया गया है। आदेश में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, भत्ता प्राप्त करने के लिए शिक्षक को यह प्रमाणपत्र देना होगा कि वह किसी अन्य सेवा, व्यापार या व्यवसाय में संलिप्त नहीं हैं।