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बीमारी से बच्ची की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Wed, 16 Nov 2016 11:42 PM IST
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कांधला। बुुखार से पीड़ित एक वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। परिजनों का दावा है िक बैंक से पैसे न बदले जाने के कारण उसे चिकित्सक ने उपचार नहीं दिया। जबकि डाक्टर ने इसे गलत बताया है।
गांव गंगेरू निवासी जरीफ ने बताया कि उसकी एक वर्षीय बालिका को कई दिनों से बुखार और निमोनिया की शिकायत थी। पहले तो उसे गांव में डाक्टर से उपचार कराया गया, लेकिन आराम नहीं मिलने पर उसे शामली के लिए रेफर कर दिया गया। परिवार के लोगों के अनुसार शामली में निजी चिकित्सक ने उसे नई करेंसी लाने की बात को कहते हुए उपचार देने से मना कर दिया ।
परिवार के लोगों ने चिकित्सक के सामने काफी फरियाद की लेकिन चिकित्सक का दिल नहीं पसीजा। परिवार ने बैंकोें की लाइनोंमें लगकर नोट बदलवाने का प्रयास भी किया, लेकिन तब तक बहुत देेर हो चुकी थी।
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बालिका के पिता ने बताया कि बुधवार दोपहर बाद उसकी मौत हो गई। उधर, चिकित्सक वेदभानू मलिक ने बताया कि बच्ची को परिजन रात करीब तीन बजे लेकर आए थे, बच्ची में खून की कमी थी। उन्होंने बच्ची को मुजफ्फरनगर या पानीपत ले जाने की सलाह दी। इतना ही नहीं उनसे फीस भी नहीं ली गई थी। नई करेंसी न होने के कारण इलाज नहीं करना मनगढ़ंत है। उनके यहां कई मरीज ऐसे हैं, जिनका इलाज करने के बाद मरीजों से उनकी स्वेच्छा से पैसे लिए गए।
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गांव गंगेरू निवासी जरीफ ने बताया कि उसकी एक वर्षीय बालिका को कई दिनों से बुखार और निमोनिया की शिकायत थी। पहले तो उसे गांव में डाक्टर से उपचार कराया गया, लेकिन आराम नहीं मिलने पर उसे शामली के लिए रेफर कर दिया गया। परिवार के लोगों के अनुसार शामली में निजी चिकित्सक ने उसे नई करेंसी लाने की बात को कहते हुए उपचार देने से मना कर दिया ।
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परिवार के लोगों ने चिकित्सक के सामने काफी फरियाद की लेकिन चिकित्सक का दिल नहीं पसीजा। परिवार ने बैंकोें की लाइनोंमें लगकर नोट बदलवाने का प्रयास भी किया, लेकिन तब तक बहुत देेर हो चुकी थी।
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बालिका के पिता ने बताया कि बुधवार दोपहर बाद उसकी मौत हो गई। उधर, चिकित्सक वेदभानू मलिक ने बताया कि बच्ची को परिजन रात करीब तीन बजे लेकर आए थे, बच्ची में खून की कमी थी। उन्होंने बच्ची को मुजफ्फरनगर या पानीपत ले जाने की सलाह दी। इतना ही नहीं उनसे फीस भी नहीं ली गई थी। नई करेंसी न होने के कारण इलाज नहीं करना मनगढ़ंत है। उनके यहां कई मरीज ऐसे हैं, जिनका इलाज करने के बाद मरीजों से उनकी स्वेच्छा से पैसे लिए गए।