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बरसात में भीगता रहा शव, ग्रामीण बचाने की करते रहे जद्दोजहद
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थानाभवन (शामली)। शव का अंतिम संस्कार करने में जद्दोजहद करते हुए ग्रामीणों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो सरकार की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा का विषय बना है। जिसमें खुले आसमान के नीचे बारिश से बचने के लिए कुछ लोग पॉलिथीन की बड़ी तिरपाल के नीचे शव को रखकर खड़े नजर आ रहे हैं।
गांव भैसानी इस्लामपुर में शनिवार को 80 वर्षीय अनुसूचित जाति के नत्थन की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। शाम करीब साढ़े चार बजे लोग जब नत्थन के शव को लेकर जैसे तैसे शमशान में पहुंचे तभी बारिश शुरू हो गई। शमशान में अंतिम संस्कार करने के लिए छत की कोई व्यवस्था ना होने के कारण लोगों ने जैसे तैसे गांव से पॉलिथीन का बड़ा तिरपाल मंगाकर शव को भीगने से बचाया और अंतिम संस्कार के लिए इंधन को भी भीगने से बचाते रहे, जब तक बारिश हुई तब तक लोग इसी जद्दोजहद में रहे। बारिश बंद होने के बाद बमुश्किल गीले सूखे ईंधन से शव का अंतिम संस्कार किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में करीब चार बीघा जमीन शमशान की है, लेकिन आज तक ना तो किसी ने शमशान में अंतिम संस्कार के लिए किसी छत की व्यवस्था की है और ना ही शमशान की कोई बाउंड्रीवाल की गई है। भैंसानी इस्लामपुर के ग्राम प्रधान आदिल ने बताया कि डीपीआरओ से बात हो गई है, जल्द ही शमशान घाट का पक्का निर्माण कराया जाएगा।
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गांव भैसानी इस्लामपुर में शनिवार को 80 वर्षीय अनुसूचित जाति के नत्थन की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। शाम करीब साढ़े चार बजे लोग जब नत्थन के शव को लेकर जैसे तैसे शमशान में पहुंचे तभी बारिश शुरू हो गई। शमशान में अंतिम संस्कार करने के लिए छत की कोई व्यवस्था ना होने के कारण लोगों ने जैसे तैसे गांव से पॉलिथीन का बड़ा तिरपाल मंगाकर शव को भीगने से बचाया और अंतिम संस्कार के लिए इंधन को भी भीगने से बचाते रहे, जब तक बारिश हुई तब तक लोग इसी जद्दोजहद में रहे। बारिश बंद होने के बाद बमुश्किल गीले सूखे ईंधन से शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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ग्रामीणों के अनुसार गांव में करीब चार बीघा जमीन शमशान की है, लेकिन आज तक ना तो किसी ने शमशान में अंतिम संस्कार के लिए किसी छत की व्यवस्था की है और ना ही शमशान की कोई बाउंड्रीवाल की गई है। भैंसानी इस्लामपुर के ग्राम प्रधान आदिल ने बताया कि डीपीआरओ से बात हो गई है, जल्द ही शमशान घाट का पक्का निर्माण कराया जाएगा।
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