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ठंडे बस्ते में पहुंची ई-रिक्शा रूट निर्धारण योजना

Wed, 08 May 2019 10:57 PM IST
NAVEEN GUPTA अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: NAVEEN GUPTA Updated Wed, 08 May 2019 10:57 PM IST
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thande baste me pahuchi e riksha route diversion
file photo - फोटो : amarujala
जिला मुख्यालय पर ई-रिक्शाओं के लिए प्रशासन द्वारा बनाई गई रूट निर्धारण योजना परवान नहीं चढ़ सकी। नए साल पर शुरू की जाने वाली यह अभी तक योजना ठंडे बस्ते में पड़ी है। शहर में लोगों को जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए इस योजना का प्रारूप तैयार किया गया था, लेकिन योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका।
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शामली में जाम की गंभीर समस्या है। शहर में बुढ़ाना रोड हो, झिंझाना रोड हो, एमएसके रोड हो, रेलपार बाईपास हो या माजरा रोड सभी पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। कुल मिलाकर शहर में कोई ऐसा मार्ग नहीं है, जहां पर जाम की समस्या न हो। हालात ये है कि अगर शामली से गुजरना है तो जाम में फंसे बिना नहीं बच सके। जाम की यह समस्या ई-रिक्शा के चलने से और विकट बन गई है। इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने ई-रिक्शाओं को नियंत्रित करने के लिए शहर में रूट निर्धारण योजना बनाई थी। इस योजना के तहत शहर में ई-रिक्शाओं के लिए पांच रूट निर्धारित किए गए थे। साथ ही इन रूट पर चलने वाली ई-रिक्शाओं का रजिस्ट्रेशन सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। यह योजना नए साल में जनवरी माह से लागू की जानी थी, लेकिन योजना परवान नहीं चढ़ने से जाम की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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प्रशासन ने ये निर्धारित किए थे रूट
गुरुद्वारा से विजय चौक-बनत तक।
कुड़ाना बस स्टैंड माजरा रोड-नई मंडी तक।
कुड़ाना बस स्टैंड रेलवे स्टेशन-बुढ़ाना फाटक तक।
चंद्रा फार्म (मेरठ रोड) से विजय चौक तक।
विजय चौक से सिल्वर बेल्स-एमएस फार्म तक।

रूट निर्धारण योजना का हुआ था विरोध
प्रशासन की रूट निर्धारण योजना का ई-रिक्शा चालकों को जानकारी मिली तो उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया था। उनका कहना था कि शहर में रूट निर्धारण योजना लागू होने से उन्हें अलग-अलग रूट पर न जाकर सिर्फ एक ही रूट दिया जा रहा है, जो उनके हित में नहीं है। माना जा रहा है कि ई रिक्शा चालकों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए शायद प्रशासन ने इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल रखा है।
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यात्रियों को उतरने से पहले ही बस को घेर लेती हैं ई-रिक्शा चालक
ई-रिक्शा चालक बाजार में, नाला पटरी सब्जी मंडी और तंग गलियों में पहुंचने से जहां जाम लगने का कारण बनती है, वहीं किसी भी स्टैंड पर जैसे ही बस पहुंचती है तो ई रिक्शा चालक सवारियों को पहले बैठाने को लेकर बस को घेर लेते हैं। बस की खिड़की के सामने ई रिक्शा खड़ी करने से यात्रियों को उतरने में परेशानी उठानी पड़ती है।
 
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