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पटरी पर नहीं आया शिक्षण कार्य
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शामली सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज में छात्राओ को सैनिटराईज कराती महिला
- फोटो : SHAMLI
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शामली। कोरोना संक्रमण की दर कम होने पर 25 दिन बाद सात फरवरी से कक्षा से 12 तक की कक्षाएं चलाने के सरकार के निर्देश दिए थे, लेकिन विधानसभा चुनाव होने के कारण कॉलेजों में शिक्षण कार्य सुचारु रूप से शुरू नहीं हुआ था।
बृहस्पतिवार को मतदान संपन्न हो चुका है, इसके अगले दिन शुक्रवार को भी स्कूल-कॉलेजों में शिक्षण कार्य पटरी पर नहीं आया। जिन माध्यमिक विद्यालयों में मतदान के लिए आई फोर्स ठहरी थी, उनमें फोर्स जाने के बाद साफ-सफाई का कार्य चला। इसके अलावा मतदान में जिन शिक्षकों व कर्मियों की ड्यूटी थी, वह कॉलेज में नहीं आए, जिस कारण शिक्षण कार्य नहीं हुआ।
इसके अलावा निजी स्कूलों में कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाएं चलीं, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या आधे से भी कम रही। स्कूल संचालकों का मानना है कि सोमवार से स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी। मतदान से अगले दिन का स्कूल-कॉलेजों का हाल देखा गया।
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नहीं हुई पढ़ाई, कॉलेजों में कराई साफ-सफाई
आरके इंटर कॉलेज शामली के प्रधानाचार्य कैप्टन लोकेंद्र सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को हुए मतदान में अधिकतर शिक्षकों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगी थी। शुक्रवार को चार-पांच शिक्षक ही आए थे और विद्यार्थी भी बहुत कम संख्या में आए थे, उन्हें वापस भेजा गया। उन्होंने बताया कि कॉलेज में मतदान के लिए बाहर से आया फोर्स जिन कमरों में ठहरा था। उनकी साफ-सफाई कराई गई। हिंदू कन्या इंटर कॉलेज के वरिष्ठ लिपिक संजीव पंवार ने बताया कि शुक्रवार को कालेज नहीं खुला। कालेज में मतदान के लिए जो फोर्स आया था, वह सुबह रवाना हुआ। इसके बाद कालेज में साफ-सफाई कराई गई।
कम रही छात्राओं की संख्या
सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार ने बताया कि बोर्ड परीक्षा को लेकर कक्षा 10 व 12 की छात्राओं की कक्षाएं चलाकर शिक्षण कार्य हुआ। इन कक्षाओं में 350 में 177 छात्राएं ही पहुंची है। श्री जैन कन्या इंटर कॉलेज शामली की प्रधानाचार्या डॉ. रुचिता ढाका ने बताया कि जिन शिक्षिकाओं की ड्यूटी मतदान में थी, वह नहीं आई। बाकी सभी अध्यापिकाएं आई। कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाएं चली, लेकिन छात्राओं की संख्या कम रही। इन कक्षाओं में 906 में 289 छात्राएं कॉलेज पहुंची।
निजी कान्वेंट स्कूलों में 50 प्रतिशत से कम रहे विद्यार्थी
शामली। बीएसएम स्कूल के चेयरमैन सूर्यवीर सिंह ने बताया कि स्कूल सात फरवरी को खुल गया था। शुक्रवार को भी विद्यार्थियों की संख्या कम रही। कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाएं चली। 520 में 307 विद्यार्थी पहुंचे। स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल शामली के प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप त्यागी ने बताया शुक्रवार को कोविड प्रोटोकॉल के तहत स्कूल में कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाएं चलीं। 805 में 336 विद्यार्थी पहुंचे। सिल्वर बेल्स पब्लिक स्कूल शामली के प्रधानाचार्य डॉ. एके गोयल ने बताया कि शुक्रवार को स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या 50 प्रतिशत से कम रही। 950 में करीब 400 विद्यार्थी ही पहुंचे। मेपल्स एकेडमी शामली के प्रबंधक मुकेश संगल ने बताया कि स्कूल में विद्यार्थियों की कुछ संख्या बढ़ी, लेकिन पूरे नहीं आए। कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाएं चली, जिनमें 288 में 231 विद्यार्थी पहुंचे।
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बृहस्पतिवार को मतदान संपन्न हो चुका है, इसके अगले दिन शुक्रवार को भी स्कूल-कॉलेजों में शिक्षण कार्य पटरी पर नहीं आया। जिन माध्यमिक विद्यालयों में मतदान के लिए आई फोर्स ठहरी थी, उनमें फोर्स जाने के बाद साफ-सफाई का कार्य चला। इसके अलावा मतदान में जिन शिक्षकों व कर्मियों की ड्यूटी थी, वह कॉलेज में नहीं आए, जिस कारण शिक्षण कार्य नहीं हुआ।
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इसके अलावा निजी स्कूलों में कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाएं चलीं, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या आधे से भी कम रही। स्कूल संचालकों का मानना है कि सोमवार से स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी। मतदान से अगले दिन का स्कूल-कॉलेजों का हाल देखा गया।
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नहीं हुई पढ़ाई, कॉलेजों में कराई साफ-सफाई
आरके इंटर कॉलेज शामली के प्रधानाचार्य कैप्टन लोकेंद्र सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को हुए मतदान में अधिकतर शिक्षकों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगी थी। शुक्रवार को चार-पांच शिक्षक ही आए थे और विद्यार्थी भी बहुत कम संख्या में आए थे, उन्हें वापस भेजा गया। उन्होंने बताया कि कॉलेज में मतदान के लिए बाहर से आया फोर्स जिन कमरों में ठहरा था। उनकी साफ-सफाई कराई गई। हिंदू कन्या इंटर कॉलेज के वरिष्ठ लिपिक संजीव पंवार ने बताया कि शुक्रवार को कालेज नहीं खुला। कालेज में मतदान के लिए जो फोर्स आया था, वह सुबह रवाना हुआ। इसके बाद कालेज में साफ-सफाई कराई गई।
कम रही छात्राओं की संख्या
सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार ने बताया कि बोर्ड परीक्षा को लेकर कक्षा 10 व 12 की छात्राओं की कक्षाएं चलाकर शिक्षण कार्य हुआ। इन कक्षाओं में 350 में 177 छात्राएं ही पहुंची है। श्री जैन कन्या इंटर कॉलेज शामली की प्रधानाचार्या डॉ. रुचिता ढाका ने बताया कि जिन शिक्षिकाओं की ड्यूटी मतदान में थी, वह नहीं आई। बाकी सभी अध्यापिकाएं आई। कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाएं चली, लेकिन छात्राओं की संख्या कम रही। इन कक्षाओं में 906 में 289 छात्राएं कॉलेज पहुंची।
निजी कान्वेंट स्कूलों में 50 प्रतिशत से कम रहे विद्यार्थी
शामली। बीएसएम स्कूल के चेयरमैन सूर्यवीर सिंह ने बताया कि स्कूल सात फरवरी को खुल गया था। शुक्रवार को भी विद्यार्थियों की संख्या कम रही। कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाएं चली। 520 में 307 विद्यार्थी पहुंचे। स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल शामली के प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप त्यागी ने बताया शुक्रवार को कोविड प्रोटोकॉल के तहत स्कूल में कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाएं चलीं। 805 में 336 विद्यार्थी पहुंचे। सिल्वर बेल्स पब्लिक स्कूल शामली के प्रधानाचार्य डॉ. एके गोयल ने बताया कि शुक्रवार को स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या 50 प्रतिशत से कम रही। 950 में करीब 400 विद्यार्थी ही पहुंचे। मेपल्स एकेडमी शामली के प्रबंधक मुकेश संगल ने बताया कि स्कूल में विद्यार्थियों की कुछ संख्या बढ़ी, लेकिन पूरे नहीं आए। कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाएं चली, जिनमें 288 में 231 विद्यार्थी पहुंचे।

शामली जैन कन्या इंटर में पढाई करती छात्राएं- फोटो : SHAMLI

शामली सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज में पढाई करती छात्राएं- फोटो : SHAMLI