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कोरोना से बचाव का सुरक्षा कवच है टीका, टीकाकरण बढ़ाने में सहयोगी बनेंगे शिक्षक

Sun, 27 Mar 2022 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 27 Mar 2022 12:18 AM IST
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Teachers will be helpful in increasing vaccination
शामली। कोरोना से बचाव का एक मात्र उपाय टीकाकरण है। एक सप्ताह से 12 से 14 साल के किशोरों को टीकाकरण की गति अभी बहुत धीमी है। टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग विद्यालयों से संपर्क साधने की तैयारी कर रहा है। विद्यालय संचालकों का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए टीका सुरक्षा कवच की तरह है। टीकाकरण के लिए किशोरों और अभिभावकों को प्रेरित करने में वे पूरा सहयोग करेंगे। अभी तक जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 0.65 प्रतिशत टीकाकरण हुआ है।
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तीसरी लहर में कोरोना संक्रमण तेजी से फैला, लेकिन इसका वायरस ज्यादा घातक न होने के कारण संक्रमित लोग घरों पर रहकर ही तीन से चार दिन में ठीक हो गए। इसकी वजह स्वास्थ्य विभाग ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीकाकरण होना माना। सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने 16 मार्च से 12 से 14 साल के किशोरों को टीके लगाने की शुरूआत की है। जिले में इस आयु वर्ग के 57963 किशोरों को टीके लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। शनिवार को 42 और किशोरों को टीके लगाए गए। इन्हें मिलाकर अब तक कुल 379 किशोरों को टीकाकरण हो पाया है, जो लक्ष्य का मात्र 0.65 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि किशोरों को टीकाकरण धीमी गति से चल रहा है। टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विद्यालयों से संपर्क करने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि विद्यालयों के संचालक और शिक्षक किशोर उम्र के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को प्रेरित करेंगे तो टीकाकरण की गति मेें तेजी आएगी। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए माइक्रोप्लान तैयार करने में लगा हुआ है।
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विद्यालयों में बूथ बनाने की नहीं है गाइडलाइन
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर ने बताया कि शासन की तरफ से 12 से 14 साल के किशोरों को टीके लगाने के लिए विद्यालयों में बूथ बनाकर टीकाकरण करने का निर्देश नहीं हुआ है। केवल अस्पताल में ही बूथ बनाए जाएंगे। विद्यालयों में बूथ न बनाने की वजह ये मानी गई है, कि उम्र कम होने के कारण अगर टीका लगने के बाद कोई दिक्कत होती है, तो तत्काल उपचार सुविधा मिल सके। हालांकि अभी तक इस आयु के किशारों में टीका लगने के बाद किसी को कोई समस्या नहीं आई है।
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ये बोले प्रधानाचार्य
आरके इंटर कालेज शामली के प्रधानाचार्य कैप्टन लोकेंद्र सिंह का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण ही सुरक्षा कवच है। सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को टीका लगवाना चाहिए। अब 12 से 14 साल के किशोरों को टीकाकरण होने के बाद देश की 90 प्रतिशत आबादी कोरोना से सुरक्षित हो जाएगी। शासन से दिशा निर्देश मिलते ही कक्षावार बनाए गए मोबाइल व्हाटसएप ग्रुप व अन्य माध्यमों से इस आयु वर्ग के कक्षा छह से आठ तक के छात्रों व उनके अभिभावकों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा।

श्री जैन कन्या इंटर कालेज शामली की प्रधानाचार्या डॉ. रुचिता ढाका का कहना है कि कोरोना से बचाव का उपाय एक मात्र टीका ही है। इसलिए सभी को वैक्सीन का टीका लगवाना चाहिए। टीका लगने से किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है।
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