{"_id":"699ca9ac8dfe0cf26b08ecf0","slug":"teacher-news-shamli-news-c-26-1-aur1003-160195-2026-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: टीईटी के विरोध में शिक्षक संगठनों ने काली पट्टी बांधकर किया शिक्षण कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: टीईटी के विरोध में शिक्षक संगठनों ने काली पट्टी बांधकर किया शिक्षण कार्य
विज्ञापन
जलालाबाद प्राइमरी स्कूल में काली पट्टी बांध कर विरोध करते शिक्षक व शिक्षिकाएं । सौ से शिक्ष
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। शिक्षक संगठनों ने सोमवार को टीईटी (टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट) के विरोध में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी के नए नियमों और प्रक्रिया के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं।
इसके साथ ही प्रशिक्षण के लिए डायट मुजफ्फरनगर गए शिक्षकों ने वहां पर भी काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष पूनम तोमर, नितिन, प्रवेंद्र शिक्षक संगठनों के नेताओं ने कहा कि वे टीईटी के माध्यम से शिक्षकों की योग्यता को आंकने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जो बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं, वे शिक्षकों के अधिकारों और हितों के खिलाफ हैं।
काली पट्टी बांधकर शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया और इस दौरान उन्होंने अपने काम को प्रभावित किए बिना बच्चों को पढ़ाने का कार्य किया। शिक्षक संगठनों का कहना है कि वे टीईटी को लेकर सरकार से सकारात्मक बदलाव की उम्मीद करते हैं और जल्द ही इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन भी कर सकते हैं। काली पट्टी बांधकर विरोध करना 25 फरवरी तक जारी रहेगा। इसके बाद 26 को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया जाएगा और जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके साथ ही प्रशिक्षण के लिए डायट मुजफ्फरनगर गए शिक्षकों ने वहां पर भी काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष पूनम तोमर, नितिन, प्रवेंद्र शिक्षक संगठनों के नेताओं ने कहा कि वे टीईटी के माध्यम से शिक्षकों की योग्यता को आंकने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जो बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं, वे शिक्षकों के अधिकारों और हितों के खिलाफ हैं।
विज्ञापन
काली पट्टी बांधकर शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया और इस दौरान उन्होंने अपने काम को प्रभावित किए बिना बच्चों को पढ़ाने का कार्य किया। शिक्षक संगठनों का कहना है कि वे टीईटी को लेकर सरकार से सकारात्मक बदलाव की उम्मीद करते हैं और जल्द ही इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन भी कर सकते हैं। काली पट्टी बांधकर विरोध करना 25 फरवरी तक जारी रहेगा। इसके बाद 26 को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया जाएगा और जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला जाएगा।
विज्ञापन