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धार्मिक अनुष्ठानों में बच्चों के साथ लें भाग: महाराज सेमवाल
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धार्मिक अनुष्ठानों में बच्चों के साथ लें भाग: महाराज सेमवाल
शामली, कांधला। नगर के सिद्धपीठ महादेव मंदिर एवं शनिधाम पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के दूसरे दिन कथा व्यास ब्रजमोहन सेमवाल महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति पर पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव पड़ रहा है। मानव संस्कृति व मर्यादाएं तार-तार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में प्रतिभाग करें।
सोमवार को कथा व्यास ने कहा कि बच्चों में बचपन से ही देश और धर्म के प्रति सम्मान और अपनी संस्कृति का समावेश करें। उन्होंने कहा कि कलियुग के प्रभाव से मुक्ति पाने के लिये राजा परिक्षित ने भी श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर मोक्ष प्राप्त किया। सनातन संस्कृति में सभी वेद, पुराण, ग्रंथ मानव कल्याण के लिये बनाये गए हैं, जिसके श्रवण मात्र से मानव पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से बचकर मानव कल्याण के मार्ग की और प्रशस्त हो सकेगा।
श्रीमद्भागवत कथा के प्रसंग में आचार्य ब्रजमोहन सेमवाल महाराज ने भगवान विष्णु के कई अवतारों की कथा का प्रसंग सुनाया। कथा समापन पर श्रीमद्भागवत कथा महापुराण की आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान कथा प्रभारी शशि भूषण, साहब सिंह सैनी, सुभाष सैनी, विपुल शर्मा, सुभाष सैनी, महेंद्र अग्रवाल, नरेश सैनी, रामकुमार शर्मा, पंकज गर्ग, जितेंद्र सैनी, शिवकुमार, सतबीर, बाबू कश्यप आदि मौजूद रहे।
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शामली, कांधला। नगर के सिद्धपीठ महादेव मंदिर एवं शनिधाम पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के दूसरे दिन कथा व्यास ब्रजमोहन सेमवाल महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति पर पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव पड़ रहा है। मानव संस्कृति व मर्यादाएं तार-तार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में प्रतिभाग करें।
सोमवार को कथा व्यास ने कहा कि बच्चों में बचपन से ही देश और धर्म के प्रति सम्मान और अपनी संस्कृति का समावेश करें। उन्होंने कहा कि कलियुग के प्रभाव से मुक्ति पाने के लिये राजा परिक्षित ने भी श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर मोक्ष प्राप्त किया। सनातन संस्कृति में सभी वेद, पुराण, ग्रंथ मानव कल्याण के लिये बनाये गए हैं, जिसके श्रवण मात्र से मानव पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से बचकर मानव कल्याण के मार्ग की और प्रशस्त हो सकेगा।
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श्रीमद्भागवत कथा के प्रसंग में आचार्य ब्रजमोहन सेमवाल महाराज ने भगवान विष्णु के कई अवतारों की कथा का प्रसंग सुनाया। कथा समापन पर श्रीमद्भागवत कथा महापुराण की आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान कथा प्रभारी शशि भूषण, साहब सिंह सैनी, सुभाष सैनी, विपुल शर्मा, सुभाष सैनी, महेंद्र अग्रवाल, नरेश सैनी, रामकुमार शर्मा, पंकज गर्ग, जितेंद्र सैनी, शिवकुमार, सतबीर, बाबू कश्यप आदि मौजूद रहे।
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