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Shamli News: 12 साल पहले मादलपुर गांव में आकर बस गया था सूरज
Sun, 17 Sep 2023 01:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 17 Sep 2023 01:11 AM IST
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शामली। गांव मादलपुर के सूरज का धर्मांतरण कराने में अहम भूमिका निभाने वाले दिल्ली के आरोपी का पता लगाने में पुलिस जुट गई है। आशंका जताई जा रही है कि दिल्ली के आरोपी ने कई अन्य का भी धर्मांतरण कराया है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों के बैंक खाते, काॅल डिटेल भी खंगाल रही है। काल डिटेल भी गिरोह का राजफाश करने में अहम भूमिका निभाएगी।
गांव मादलपुर में सूरज को बीमारी से छुटकारा दिलाने का झांसा देकर धर्म परिवर्तन कराया था। सूरज करीब 12 साल पहले मादलपुर गांव में आकर बस गया था। चार साल पहले चंडीगढ़ के एक चर्च में सूरज ने ईसाई धर्म अपना लिया था। सूरज ने पुलिस को बताया कि करीब 12 साल पहले उसके पिता श्याम सिंह की मृत्यु के बाद उसकी मां चंदो की शादी उसके चाचा राजेंद्र के साथ हो गई थी। पिता की मृत्यु के बाद मूल गांव भौराकलां से आकर वह परिवार समेत गांव मादलपुर में रह रहे हैं। उसके पिता राजेंद्र अक्सर बीमार रहते हैं और उन्हें खून की उल्टियां लगती थी। उन पर भूत प्रेत का साया होना बताया गया। पंजाब में भट्ठे पर काम करने वाली महिला कैलाशो ने उन्हें बताया कि उसके साथ चंडीगढ़ चर्च में चले तो वहां सभी बीमारियां ठीक हो जाएगी। इसके बाद वे चंडीगढ़ चर्च गए और वहां प्रार्थना कराई तो उनके पिता को कुछ आराम मिला। इस पर करीब चार साल पहले उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था।
बीमारी से छुटकारा दिलाने का झांसा देकर कराया धर्म परिवर्तन
सूरज का कहना है कि माही उर्फ कमरबतून व शौकीन ने दिल्ली में जिस व्यक्ति से मिलवाया था, उसने कहा था कि अगर वह धर्म परिवर्तन कर अल्लाह की इबादत करते हैं तो जल्दी ही सभी ठीक हो जाएंगे। आरोपियों ने उसे धार्मिक पुस्तकें व अन्य चीजें घर पर रखने और नमाज पढ़ने के लिए कहा। साथ ही उसका नाम असद रखने को कहा। वह काफी परेशान था, इसलिए उनकी बातों में आ गया। शौकीन व कमरबतून ने उसे नमाज पढ़ना सिखाया।
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असद के नाम से आधार कार्ड व पासपोर्ट बनवाने की थी तैयारी
एसपी ने बताया कि आरोपी शौकीन ने कमरबतून को अपनी भांजी बताकर सूरज से निकाह करने के लिए कहा। उन्होंने सूरज से कहा कि वह असद नाम से नया आधार कार्ड बनवा ले। आधार कार्ड बनने के बाद वे उसका पासपोर्ट बनवा देंगे, जिससे उन्हें यात्रा करने में कोई परेशानी नहीं होगी। शौकीन ने उसका आधार कार्ड का फार्म भरकर तैयार किया और उस पर हस्ताक्षर करने को कहा। सूरज का कहना है कि उस समय उसे लगा कि वे लोग उसे बहकाकर उसका धर्म परिवर्तन कराना चाहते हैं। इसके बाद उसे जानकारी हुई कि कमरबतून, जिसे शौकीन अपनी भांजी बताता है, वह उसकी पत्नी है। उसके साथ जो छोटी बच्ची है, उसे वह अपनी बहन की बेटी बता रहा था, वह इन दोनों की बेटी है। इस तरह से असद नाम से आरोपी सूरज का फर्जी आधार कार्ड व फर्जी पासपोर्ट बनवाने की तैयारी में थे।
आरोपी की तलाश में दिल्ली में दबिश के लिए गई पुलिस टीम
पुलिस की टीम दिल्ली निवासी उस व्यक्ति की तलाश में गई है, जिसने सूरज को धर्म परिवर्तन करने के लिए तैयार किया था। उस व्यक्ति से सूरज को आरोपी शौकीन व कमरबतून ने मिलवाया था। एसपी ने बताया कि उस तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस की टीम दिल्ली भेजी गई है। उस व्यक्ति के पकड़े जाने पर धर्मांतरण के इस गिरोह से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम सामने आ सकते है और महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। एसपी अभिषेक का कहना है कि दिल्ली के फरार चल रहे आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा। पुलिस द्वारा दबिश दी जा रही है।
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गांव मादलपुर में सूरज को बीमारी से छुटकारा दिलाने का झांसा देकर धर्म परिवर्तन कराया था। सूरज करीब 12 साल पहले मादलपुर गांव में आकर बस गया था। चार साल पहले चंडीगढ़ के एक चर्च में सूरज ने ईसाई धर्म अपना लिया था। सूरज ने पुलिस को बताया कि करीब 12 साल पहले उसके पिता श्याम सिंह की मृत्यु के बाद उसकी मां चंदो की शादी उसके चाचा राजेंद्र के साथ हो गई थी। पिता की मृत्यु के बाद मूल गांव भौराकलां से आकर वह परिवार समेत गांव मादलपुर में रह रहे हैं। उसके पिता राजेंद्र अक्सर बीमार रहते हैं और उन्हें खून की उल्टियां लगती थी। उन पर भूत प्रेत का साया होना बताया गया। पंजाब में भट्ठे पर काम करने वाली महिला कैलाशो ने उन्हें बताया कि उसके साथ चंडीगढ़ चर्च में चले तो वहां सभी बीमारियां ठीक हो जाएगी। इसके बाद वे चंडीगढ़ चर्च गए और वहां प्रार्थना कराई तो उनके पिता को कुछ आराम मिला। इस पर करीब चार साल पहले उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था।
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बीमारी से छुटकारा दिलाने का झांसा देकर कराया धर्म परिवर्तन
सूरज का कहना है कि माही उर्फ कमरबतून व शौकीन ने दिल्ली में जिस व्यक्ति से मिलवाया था, उसने कहा था कि अगर वह धर्म परिवर्तन कर अल्लाह की इबादत करते हैं तो जल्दी ही सभी ठीक हो जाएंगे। आरोपियों ने उसे धार्मिक पुस्तकें व अन्य चीजें घर पर रखने और नमाज पढ़ने के लिए कहा। साथ ही उसका नाम असद रखने को कहा। वह काफी परेशान था, इसलिए उनकी बातों में आ गया। शौकीन व कमरबतून ने उसे नमाज पढ़ना सिखाया।
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असद के नाम से आधार कार्ड व पासपोर्ट बनवाने की थी तैयारी
एसपी ने बताया कि आरोपी शौकीन ने कमरबतून को अपनी भांजी बताकर सूरज से निकाह करने के लिए कहा। उन्होंने सूरज से कहा कि वह असद नाम से नया आधार कार्ड बनवा ले। आधार कार्ड बनने के बाद वे उसका पासपोर्ट बनवा देंगे, जिससे उन्हें यात्रा करने में कोई परेशानी नहीं होगी। शौकीन ने उसका आधार कार्ड का फार्म भरकर तैयार किया और उस पर हस्ताक्षर करने को कहा। सूरज का कहना है कि उस समय उसे लगा कि वे लोग उसे बहकाकर उसका धर्म परिवर्तन कराना चाहते हैं। इसके बाद उसे जानकारी हुई कि कमरबतून, जिसे शौकीन अपनी भांजी बताता है, वह उसकी पत्नी है। उसके साथ जो छोटी बच्ची है, उसे वह अपनी बहन की बेटी बता रहा था, वह इन दोनों की बेटी है। इस तरह से असद नाम से आरोपी सूरज का फर्जी आधार कार्ड व फर्जी पासपोर्ट बनवाने की तैयारी में थे।
आरोपी की तलाश में दिल्ली में दबिश के लिए गई पुलिस टीम
पुलिस की टीम दिल्ली निवासी उस व्यक्ति की तलाश में गई है, जिसने सूरज को धर्म परिवर्तन करने के लिए तैयार किया था। उस व्यक्ति से सूरज को आरोपी शौकीन व कमरबतून ने मिलवाया था। एसपी ने बताया कि उस तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस की टीम दिल्ली भेजी गई है। उस व्यक्ति के पकड़े जाने पर धर्मांतरण के इस गिरोह से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम सामने आ सकते है और महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। एसपी अभिषेक का कहना है कि दिल्ली के फरार चल रहे आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा। पुलिस द्वारा दबिश दी जा रही है।