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चीनी मिलों के सामने गन्ने का संकट
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शामली। जिले की चीनी मिलों के सामने कई दिनों से गन्ने का संकट पैदा हो गया है। बहुत कम गन्ना आने से जिले की ऊन और थानाभवन चीनी मिल अगले दो दिनों में अपना पेराई सत्र समाप्त करके बंद हो जाएगी। शामली चीनी मिल भी 7-8 मई को अपना पेराई समाप्त कर देगी।
इस साल जिले की चीनी मिलों का गन्ना पेराई सत्र एक नवंबर से शुरू हो गया था। पेराई जल्दी शुरू होने से शामली चीनी मिल को छोड़कर ऊन और थानाभवन चीनी मिलों का छह माह में ही पेराई सत्र खत्म होने जा रहा है। हालांकि शामली चीनी मिल भी 7-8 मई को अपना पेराई सत्र समाप्त करके बंद हो जाएगी। इसका कारण एक सप्ताह से चीनी मिलों के सामने गन्ने का संकट चल रहा है। 26 अप्रैल को मतदान के दिन के चीनी मिलों का नो केन की स्थिति रही। ऊन चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल अहलावत ने बताया कि चीनी मिल की पेराई क्षमता 70 हजार क्विंटल है, किंतु चीनी मिल को 35 हजार क्विंटल गन्ने की आपूर्ति हो रही है। मतदान के दिन ऊन मिल 16 घंटे नोकेन की स्थिति झेल चुकी है। मिल की ओर 29 अप्रैल का बंदी नोटिस दिया गया है। 30 अप्रैल को अपना पेराई सत्र समाप्त करके बंद हो जाएगी। चीनी मिल अभी तक एक करोड़ चार लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है।
बजाज समूह की थानाभवन चीनी मिल के सामने भी गन्ने का संकट बना हुआ है। यूनिट हेड वीरपाल सिंह ने बताया कि चीनी मिल की गन्ना पेराई की क्षमता 90 हजार क्विंटल प्रतिदिन की है। मंगलवार को 55 हजार क्विंटल गन्ने की आपूर्ति हुई थी। बुधवार को मात्र 40 हजार क्विंटल गन्ना सिमट गया है। बताया कि थानाभवन चीनी मिल 30 अप्रैल को अपना पेराई सत्र समाप्त हो जाएगा। 28 अप्रैल को थानाभवन चीनी मिल ने एक करोड़ 33 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। शामली चीनी मिल के गन्ना वरिष्ठ प्रबंधक दीपक राणा ने बताया कि पिछले कई दिनों से चीनी मिलों से गन्ने का संकट बना हुआ है। मिल 28 अप्रैल तक एक करोड़ तीन लाख क्विंटल गन्ने की पेेेेराई कर चुकी है। 7- 8 मई को अपना पेराई सत्र समाप्त करके बंद हो जाएगी।
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28 अप्रैल तक चीनी मिलों में गन्ना पेेेराई
चीनी मिल गन्ना पेराई
शामली एक करोड़ 4 लाख क्विंटल
ऊन एक करोड़ तीन लाख क्विंटल
थानाभवन एक करोड़ 33 लाख क्विंटल
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इस साल जिले की चीनी मिलों का गन्ना पेराई सत्र एक नवंबर से शुरू हो गया था। पेराई जल्दी शुरू होने से शामली चीनी मिल को छोड़कर ऊन और थानाभवन चीनी मिलों का छह माह में ही पेराई सत्र खत्म होने जा रहा है। हालांकि शामली चीनी मिल भी 7-8 मई को अपना पेराई सत्र समाप्त करके बंद हो जाएगी। इसका कारण एक सप्ताह से चीनी मिलों के सामने गन्ने का संकट चल रहा है। 26 अप्रैल को मतदान के दिन के चीनी मिलों का नो केन की स्थिति रही। ऊन चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल अहलावत ने बताया कि चीनी मिल की पेराई क्षमता 70 हजार क्विंटल है, किंतु चीनी मिल को 35 हजार क्विंटल गन्ने की आपूर्ति हो रही है। मतदान के दिन ऊन मिल 16 घंटे नोकेन की स्थिति झेल चुकी है। मिल की ओर 29 अप्रैल का बंदी नोटिस दिया गया है। 30 अप्रैल को अपना पेराई सत्र समाप्त करके बंद हो जाएगी। चीनी मिल अभी तक एक करोड़ चार लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है।
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बजाज समूह की थानाभवन चीनी मिल के सामने भी गन्ने का संकट बना हुआ है। यूनिट हेड वीरपाल सिंह ने बताया कि चीनी मिल की गन्ना पेराई की क्षमता 90 हजार क्विंटल प्रतिदिन की है। मंगलवार को 55 हजार क्विंटल गन्ने की आपूर्ति हुई थी। बुधवार को मात्र 40 हजार क्विंटल गन्ना सिमट गया है। बताया कि थानाभवन चीनी मिल 30 अप्रैल को अपना पेराई सत्र समाप्त हो जाएगा। 28 अप्रैल को थानाभवन चीनी मिल ने एक करोड़ 33 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। शामली चीनी मिल के गन्ना वरिष्ठ प्रबंधक दीपक राणा ने बताया कि पिछले कई दिनों से चीनी मिलों से गन्ने का संकट बना हुआ है। मिल 28 अप्रैल तक एक करोड़ तीन लाख क्विंटल गन्ने की पेेेेराई कर चुकी है। 7- 8 मई को अपना पेराई सत्र समाप्त करके बंद हो जाएगी।
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28 अप्रैल तक चीनी मिलों में गन्ना पेेेराई
चीनी मिल गन्ना पेराई
शामली एक करोड़ 4 लाख क्विंटल
ऊन एक करोड़ तीन लाख क्विंटल
थानाभवन एक करोड़ 33 लाख क्विंटल