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गन्ना सनबर्न का शिकार तो टमाटर-लौकी पर नहीं आए फूल
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मेरठ ------पहलाद नगर प्रकरण मामले को लेकर मेन रोड पर तैनात पुलिस कर्मा
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गन्ना सनबर्न का शिकार, तो टमाटर-लोकी पर नहीं आए फूल
-बारिश न होने और लगातार तापमान बढ़ने से परेशान क्षेत्र के किसान
-ज्वार, प्लेज व धान की फसल भी प्रभावित
फोटो समाचार
थानाभवन 30जून। बढ़ते तापमान और बारिश न होने से जिले में 85 प्रतिशत गन्ने की फसल में सनबर्न रोग फैल गया है। सनबर्न रोग से गन्ने की पत्तिया सूखना शुरू होगई है। बारिश न होने से खेतों में खड़ी फसलें सूखनी शुरू हो गई है या फिर रोग के चलते फसलें खराब होनी शुरू हो गई हैं। बारिश न होने के कारण गन्ने की फसल सनबर्न रोग की चपेट है। 85 प्रतिशत गन्ने की फसल सनबर्न फेल चुका है। हालात ये है कि कुछ किसान नलकूपों से सिंचाई जरूर कर रहे हैं, लेकिन इससे सिर्फ फसलों की जड़ों को ही राहत नसीब हो रही हैं, जबकि फसल के उपर के हिस्से इस तपती गर्मी में आग उगल रहे है, लेकिन बारिश न होने से गन्ने के उपर के हिस्से की पत्तियों में सनबर्न की बीमारी फैलनी शुरू हो गई है। हालांकि, किसान कीटनाशक दवाईयों का इस्तेमाल कर इस बीमारी को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बारिश न होने तक यह प्रयास भी ज्यादा कारगर साबित नहीं हो रहा। वहीं, अधिकांश किसानों के खेतों में धान की फसल के लिए पौध तैयार है, लेकिन बारिश न होने के कारण धान की रोपाई नहीं हो रही है। यही नहीं, कई खेतों में बारिश न होने व तापमान के बढ़ने से पौधे भी अच्छी गुणवत्ता की तैयार नहीं हो पा रही है। इसके अलावा ज्वार एक ऐसी फसल है जो 90 फीसद तक बारिश पर ही निर्भर रहती है। क्योंकि, किसान उसी जगह पर इस फसल को लगाते हैं जहां नलकूप का पानी नहीं पहुंच पाता। ऐसे में यह फसल भी सूखने लगी है, जिससे किसानों के सामने चारे का संकट आ खड़ा हुआ है। बारिश न होने सबसे ज्यादा नुकसान प्लेज की फसलों को हो रहा है। किसानों की मानें तो इतना तापमान होने से प्लेज की फसल यानी टमाटर, लौकी, कद्दू आदि फसलों पर फल ही नहीं आते और उनकी बेल सूखनी शुरू हो जाती है। अब किसानों के पास बारिश की दुआ करने के बजाए और कोई चारा नहीं है।
बोले परेशान किसान----------------------
नाम के फूल आए, बेल सूख रही है----------
----मैं अपने खेत में लोकी- तरबूज, सीताफल यानि पेठा,टमाटर आदि प्लेज की फसलें लगाता हूं। इस साल बारिश में देरी होने के कारण मेरी फसल पर सिर्फ नाममात्र के फूल आ रहे हैं। यदि जल्द बारिश न हुई तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। क्योंकि, बारिश के इंतजार में अब बेल भी सूखनी शुरू हो गई है।--भगवान दास रावड़ा, जलालाबाद
ज्वार सूख रही है------------
---मैंने अपने खेत में ज्वार लगाई थी, ताकि इस मौसम में पशुओं के लिए चारे की कमी न हो। जिस खेत में ज्वार खड़ी है वह रेतली खेत है, नलकूप के पानी पहुंचने की कोई व्यवस्था नहीं है। अब बारिश न होने के कारण लगातार फसल सूखती जा रही है। यदि ऐसा ही रहा तो चारा की बड़ी समस्या हो जाएगी।--सलेकचंद नायक, जलालाबाद
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-- खेत में पौध खडी है, धान की नही हो पारही रोपाई --------------------
----मुझे खेत में धान की फसल लगानी है। पौध तैयार है और बुआई कराकर खेत भी तैयार खड़ा है। पिछले दस दिन से मैं सिर्फ बारिश का इंतजार कर रहा हूं, यदि नलकूप से पानी देता भी हूं तो आगे पानी चलता है और पीछे से खेत सूखता जाता है। जल्द बारिश न हुई तो पौध भी खराब होनी शुरू हो जाएगी।--देवेंद्र राणा, भनेड़ा उद्दा
----बारिश न होने और धूप लगातार बढ़ने के कारण मैं गन्ने के खेत में लगातार पानी दे रहा हूं। हालांकि, पानी देने से जड़ें तो ठीक हैं, लेकिन फसल के उपर गन्ने की पत्ती सिकुड़नी शुरू हो गई है। इसे सनबर्न की बीमारी कहते हैं। इसलिए फसल को बचाने के लिए बारिश होनी बहुत जरूरी है।--अलीम राई, हसनपुर लुहारी
गन्ने की फसल में है ज्यादातर सनबर्न रोग-------------- क्या है सनबर्न रोग, कैैैसे करे बचाव
शामली। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डाक्टर विकास मलिक ने बताया कि जिले में गन्ने की फसल में 85 प्रतिशत सनबर्न रोग की चपेट में है। सनबर्न रोग गन्ने की फसल में 40-42 डिग्री तापमान से फैलता है। अधिक तापमान से गन्ने की पत्तियों सूख्र जाती है। सूखी हुई पत्तियां पुन: हरी नही होती है। सनबर्न रोग से बचाने के लिए गन्ना किसानों को गन्ने के खेत
में नमी रखने की जरूरत है।सुक्ष्म पोषक तत्व का बना रह सके।
अंकित सैनी, इंद्रपाल सिह पांचाल
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-बारिश न होने और लगातार तापमान बढ़ने से परेशान क्षेत्र के किसान
-ज्वार, प्लेज व धान की फसल भी प्रभावित
फोटो समाचार
थानाभवन 30जून। बढ़ते तापमान और बारिश न होने से जिले में 85 प्रतिशत गन्ने की फसल में सनबर्न रोग फैल गया है। सनबर्न रोग से गन्ने की पत्तिया सूखना शुरू होगई है। बारिश न होने से खेतों में खड़ी फसलें सूखनी शुरू हो गई है या फिर रोग के चलते फसलें खराब होनी शुरू हो गई हैं। बारिश न होने के कारण गन्ने की फसल सनबर्न रोग की चपेट है। 85 प्रतिशत गन्ने की फसल सनबर्न फेल चुका है। हालात ये है कि कुछ किसान नलकूपों से सिंचाई जरूर कर रहे हैं, लेकिन इससे सिर्फ फसलों की जड़ों को ही राहत नसीब हो रही हैं, जबकि फसल के उपर के हिस्से इस तपती गर्मी में आग उगल रहे है, लेकिन बारिश न होने से गन्ने के उपर के हिस्से की पत्तियों में सनबर्न की बीमारी फैलनी शुरू हो गई है। हालांकि, किसान कीटनाशक दवाईयों का इस्तेमाल कर इस बीमारी को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बारिश न होने तक यह प्रयास भी ज्यादा कारगर साबित नहीं हो रहा। वहीं, अधिकांश किसानों के खेतों में धान की फसल के लिए पौध तैयार है, लेकिन बारिश न होने के कारण धान की रोपाई नहीं हो रही है। यही नहीं, कई खेतों में बारिश न होने व तापमान के बढ़ने से पौधे भी अच्छी गुणवत्ता की तैयार नहीं हो पा रही है। इसके अलावा ज्वार एक ऐसी फसल है जो 90 फीसद तक बारिश पर ही निर्भर रहती है। क्योंकि, किसान उसी जगह पर इस फसल को लगाते हैं जहां नलकूप का पानी नहीं पहुंच पाता। ऐसे में यह फसल भी सूखने लगी है, जिससे किसानों के सामने चारे का संकट आ खड़ा हुआ है। बारिश न होने सबसे ज्यादा नुकसान प्लेज की फसलों को हो रहा है। किसानों की मानें तो इतना तापमान होने से प्लेज की फसल यानी टमाटर, लौकी, कद्दू आदि फसलों पर फल ही नहीं आते और उनकी बेल सूखनी शुरू हो जाती है। अब किसानों के पास बारिश की दुआ करने के बजाए और कोई चारा नहीं है।
बोले परेशान किसान----------------------
नाम के फूल आए, बेल सूख रही है----------
----मैं अपने खेत में लोकी- तरबूज, सीताफल यानि पेठा,टमाटर आदि प्लेज की फसलें लगाता हूं। इस साल बारिश में देरी होने के कारण मेरी फसल पर सिर्फ नाममात्र के फूल आ रहे हैं। यदि जल्द बारिश न हुई तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। क्योंकि, बारिश के इंतजार में अब बेल भी सूखनी शुरू हो गई है।--भगवान दास रावड़ा, जलालाबाद
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ज्वार सूख रही है------------
---मैंने अपने खेत में ज्वार लगाई थी, ताकि इस मौसम में पशुओं के लिए चारे की कमी न हो। जिस खेत में ज्वार खड़ी है वह रेतली खेत है, नलकूप के पानी पहुंचने की कोई व्यवस्था नहीं है। अब बारिश न होने के कारण लगातार फसल सूखती जा रही है। यदि ऐसा ही रहा तो चारा की बड़ी समस्या हो जाएगी।--सलेकचंद नायक, जलालाबाद
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-- खेत में पौध खडी है, धान की नही हो पारही रोपाई --------------------
----मुझे खेत में धान की फसल लगानी है। पौध तैयार है और बुआई कराकर खेत भी तैयार खड़ा है। पिछले दस दिन से मैं सिर्फ बारिश का इंतजार कर रहा हूं, यदि नलकूप से पानी देता भी हूं तो आगे पानी चलता है और पीछे से खेत सूखता जाता है। जल्द बारिश न हुई तो पौध भी खराब होनी शुरू हो जाएगी।--देवेंद्र राणा, भनेड़ा उद्दा
----बारिश न होने और धूप लगातार बढ़ने के कारण मैं गन्ने के खेत में लगातार पानी दे रहा हूं। हालांकि, पानी देने से जड़ें तो ठीक हैं, लेकिन फसल के उपर गन्ने की पत्ती सिकुड़नी शुरू हो गई है। इसे सनबर्न की बीमारी कहते हैं। इसलिए फसल को बचाने के लिए बारिश होनी बहुत जरूरी है।--अलीम राई, हसनपुर लुहारी
गन्ने की फसल में है ज्यादातर सनबर्न रोग-------------- क्या है सनबर्न रोग, कैैैसे करे बचाव
शामली। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डाक्टर विकास मलिक ने बताया कि जिले में गन्ने की फसल में 85 प्रतिशत सनबर्न रोग की चपेट में है। सनबर्न रोग गन्ने की फसल में 40-42 डिग्री तापमान से फैलता है। अधिक तापमान से गन्ने की पत्तियों सूख्र जाती है। सूखी हुई पत्तियां पुन: हरी नही होती है। सनबर्न रोग से बचाने के लिए गन्ना किसानों को गन्ने के खेत
में नमी रखने की जरूरत है।सुक्ष्म पोषक तत्व का बना रह सके।
अंकित सैनी, इंद्रपाल सिह पांचाल