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गन्ना खरीद में चीनी मिल अव्वल, भुगतान में पिछड़ी
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शामली। नए पेराई सत्र में जिले की चीनी मिले गन्ना खरीद में अव्वल है, लेकिन गन्ना भुगतान करने में पिछड़ रही हैं। 120 दिन के पेराई सत्र में जिले की चीनी मिलों ने किसानों को मात्र 81.18 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। मिलों पर 593.33 करोड रुपये बकाया है।
इस बार थानाभवन चीनी मिल ने 7 नवंबर, शामली चीनी मिल ने आठ नवंबर और ऊन चीनी मिल ने 14 नवंबर को अपना पेराई सत्र चालू किया था। 120 दिन के गन्ना पेराई सत्र में जिले की चीनी मिलों ने 222.32 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा है। जिसमें शामली चीनी मिल ने 68.70 लाख क्विंटल, ऊन चीनी मिल ने 64.43 लाख क्विंटल, थानाभवन चीनी मिल 89.19 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा है। 674.51 करोड़ रुपये के कुल बकाया गन्ना भुगतान में से चीनी मिलों ने किसानों को सिर्फ 81.18 करोड रुपये यानि 12.03 प्रतिशत ही किया है। जिसमें शामली चीनी मिल ने 211.30 करोड़ रुपये में से 12.40 करोड़, ऊन चीनी मिल ने 193.13 करोड़ में से 41.83 करोड़ रुपये और थानाभवन चीनी मिल ने 270.08 करोड़ रुपये में से 26.95 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। डीसीओ विजय बहादुर सिंह का कहना है कि चीनी मिले गन्ना विभाग के अफसरो के दबाव के बावजूद किसानों का गन्ना भुगतान करने में पिछड़ रही है।
गन्ना भुगतान में ऊन चीनी मिल अव्वल, शामली मिल फिसड्डी
राणा समूह की ऊन चीनी मिल का गन्ना भुगतान में सुधार आया है। किसानों का गन्ना भुगतान करने में प्रथम स्थान पर है। गन्ना विभाग के आंकड़ों में ऊन चीनी मिल ने नए सत्र में 41.83 करोड़ रुपये से 21.66 प्रतिशत गन्ना भुगतान किया है। थानाभवन चीनी मिल 26.95 करोड़ रुपये यानि 9.98 प्रतिशत भुगतान करने में दूसरे स्थान पर है। शामली चीनी मिल नए सत्र में 12.49 करोड यानि 5.87 प्रतिशत गन्ना भुगतान किया है।
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जिले में गन्ना खरीद और अवशेष भुगतान की स्थिति
मिले- गन्ना खरीद करोड़ रुपये अवशेष करोड़ रुपये
1- शामली 211.30 करोड़ रुपये 198.90 करोड़ रुपये
2- ऊन 193.13 करोड़ रुपये 151.30 करोड़ रुपये
3- थानाभवन 270.08 करोड़ रुपये 243.13 करोड़ रुपये
कुल 674.51 करोड़ रुपये 593.33 करोड़ रुपये
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इस बार थानाभवन चीनी मिल ने 7 नवंबर, शामली चीनी मिल ने आठ नवंबर और ऊन चीनी मिल ने 14 नवंबर को अपना पेराई सत्र चालू किया था। 120 दिन के गन्ना पेराई सत्र में जिले की चीनी मिलों ने 222.32 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा है। जिसमें शामली चीनी मिल ने 68.70 लाख क्विंटल, ऊन चीनी मिल ने 64.43 लाख क्विंटल, थानाभवन चीनी मिल 89.19 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा है। 674.51 करोड़ रुपये के कुल बकाया गन्ना भुगतान में से चीनी मिलों ने किसानों को सिर्फ 81.18 करोड रुपये यानि 12.03 प्रतिशत ही किया है। जिसमें शामली चीनी मिल ने 211.30 करोड़ रुपये में से 12.40 करोड़, ऊन चीनी मिल ने 193.13 करोड़ में से 41.83 करोड़ रुपये और थानाभवन चीनी मिल ने 270.08 करोड़ रुपये में से 26.95 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। डीसीओ विजय बहादुर सिंह का कहना है कि चीनी मिले गन्ना विभाग के अफसरो के दबाव के बावजूद किसानों का गन्ना भुगतान करने में पिछड़ रही है।
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गन्ना भुगतान में ऊन चीनी मिल अव्वल, शामली मिल फिसड्डी
राणा समूह की ऊन चीनी मिल का गन्ना भुगतान में सुधार आया है। किसानों का गन्ना भुगतान करने में प्रथम स्थान पर है। गन्ना विभाग के आंकड़ों में ऊन चीनी मिल ने नए सत्र में 41.83 करोड़ रुपये से 21.66 प्रतिशत गन्ना भुगतान किया है। थानाभवन चीनी मिल 26.95 करोड़ रुपये यानि 9.98 प्रतिशत भुगतान करने में दूसरे स्थान पर है। शामली चीनी मिल नए सत्र में 12.49 करोड यानि 5.87 प्रतिशत गन्ना भुगतान किया है।
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जिले में गन्ना खरीद और अवशेष भुगतान की स्थिति
मिले- गन्ना खरीद करोड़ रुपये अवशेष करोड़ रुपये
1- शामली 211.30 करोड़ रुपये 198.90 करोड़ रुपये
2- ऊन 193.13 करोड़ रुपये 151.30 करोड़ रुपये
3- थानाभवन 270.08 करोड़ रुपये 243.13 करोड़ रुपये
कुल 674.51 करोड़ रुपये 593.33 करोड़ रुपये