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Shamli News: मवी में वाटर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का सफल ट्रायल
Wed, 14 Feb 2024 01:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 14 Feb 2024 01:17 AM IST
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कैराना में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के ट्रायल के दौरान पानी को साफ करती मशीनें-संवाद
कैराना। दशकों से चली आ रही मामौर झील की समस्या से निजात दिलाने के लिए बनकर तैयार हुए वाटर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का ट्रायल लिया गया। प्लांट के जरिए दो घंटे में करीब चार लाख लीटर पानी को फिल्टर कर यमुना नदी में पहुंचाया। जल्द ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के पूरी तरह शुरू होने की संभावना है। जिससे आसपास के किसानों को झील के पानी से राहत मिलेगी।
दशकों से मामौर झील के ओवरफ्लो होने के कारण आसपास के सैकड़ो किसानों की हजारों बीघा फसल बर्बाद होती आ रही हैं। किसानों द्वारा लगातार झील की समस्या से छुटकारा दिलाने की मांग उठाई गई थी। जिसके बाद सरकार ने नमामि गंगे योजना के तहत झील के पास ही गांव मवी में करीब 78.60 करोड़ रुपये के बजट से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया हैं। वर्षों के इंतजार के बाद यहां पर 8400 वर्ग मीटर भूमि पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया हैं। सोमवार की रात कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों की मौजूदगी में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का ट्रायल लिया गया। इस दौरान प्लांट को करीब दो घंटे तक चलाया गया। जिसमें लगभग चार लाख लीटर पानी को फिल्टर किया गया। कार्यदायी संस्था के इंजीनियर अभिषेक ने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का ट्रायल पूरी तरह सफल रहा। करीब चार लाख लीटर पानी को फिल्टर कर प्लांट के अंदर ही स्टोरेज किया गया हैं। जिसको मंगलवार को पाइप लाइनों के माध्यम से यमुना नदी में प्रवाहित किया गया। मंगलवार की रात को भी प्लांट का दोबारा ट्रायल लिया जाएगा।
-यह है सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
इंजीनियर अभिषेक ने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से गंदे और दूषित पानी को फिर से इस्तेमाल करने लायक बनाया जाता हैं। प्लांट की तकनीक नदियों, झीलों और महासागरों तक दूषित पानी के पहुंचने से पहले उसके अंदर की अशुद्धियों को हटा देता हैं।
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एक दिन में डेढ़ करोड़ लीटर पानी साफ करने की क्षमता
गांव मवी में 15 एमएलडी क्षमता के इस प्लांट में गंदे पानी को साफ करने के लिए करीब 10 आधुनिक मशीन लगाई गई है। इंजीनियर अभिषेक ने बताया कि ट्रायल के पहले दिन स्क्रीन व पंप मशीनों की टेस्टिंग हो चुकी है। बाकी मशीनों की भी टेस्टिंग ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि प्लांट के अंदर प्रतिदिन करीब डेढ़ करोड़ लीटर पानी को साफ करने की क्षमता हैं।
कैराना से बडे़ नाले द्वारा नगर का गंदा पानी जाता है झील में
पिछले कई वर्षों से कैराना नगर का गंदा पानी बड़े नाले द्वारा मामौर झील में जाता हैं। गंदा पानी एवं बरसात का पानी एक स्थान पर इकट्ठा होने के कारण अब मामौर झील ने अपना क्षेत्रफल बढ़ा लिया तथा बरसात के दिनों में झील ओवरफ्लो होकर आसपास के किसानों की हजारों बीघा फसलों को बर्बाद कर देती है। लगातार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट चलने के बाद बहुत ही जल्द झील के गंदे पानी से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
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दशकों से मामौर झील के ओवरफ्लो होने के कारण आसपास के सैकड़ो किसानों की हजारों बीघा फसल बर्बाद होती आ रही हैं। किसानों द्वारा लगातार झील की समस्या से छुटकारा दिलाने की मांग उठाई गई थी। जिसके बाद सरकार ने नमामि गंगे योजना के तहत झील के पास ही गांव मवी में करीब 78.60 करोड़ रुपये के बजट से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया हैं। वर्षों के इंतजार के बाद यहां पर 8400 वर्ग मीटर भूमि पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया हैं। सोमवार की रात कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों की मौजूदगी में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का ट्रायल लिया गया। इस दौरान प्लांट को करीब दो घंटे तक चलाया गया। जिसमें लगभग चार लाख लीटर पानी को फिल्टर किया गया। कार्यदायी संस्था के इंजीनियर अभिषेक ने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का ट्रायल पूरी तरह सफल रहा। करीब चार लाख लीटर पानी को फिल्टर कर प्लांट के अंदर ही स्टोरेज किया गया हैं। जिसको मंगलवार को पाइप लाइनों के माध्यम से यमुना नदी में प्रवाहित किया गया। मंगलवार की रात को भी प्लांट का दोबारा ट्रायल लिया जाएगा।
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-यह है सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
इंजीनियर अभिषेक ने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से गंदे और दूषित पानी को फिर से इस्तेमाल करने लायक बनाया जाता हैं। प्लांट की तकनीक नदियों, झीलों और महासागरों तक दूषित पानी के पहुंचने से पहले उसके अंदर की अशुद्धियों को हटा देता हैं।
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एक दिन में डेढ़ करोड़ लीटर पानी साफ करने की क्षमता
गांव मवी में 15 एमएलडी क्षमता के इस प्लांट में गंदे पानी को साफ करने के लिए करीब 10 आधुनिक मशीन लगाई गई है। इंजीनियर अभिषेक ने बताया कि ट्रायल के पहले दिन स्क्रीन व पंप मशीनों की टेस्टिंग हो चुकी है। बाकी मशीनों की भी टेस्टिंग ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि प्लांट के अंदर प्रतिदिन करीब डेढ़ करोड़ लीटर पानी को साफ करने की क्षमता हैं।
कैराना से बडे़ नाले द्वारा नगर का गंदा पानी जाता है झील में
पिछले कई वर्षों से कैराना नगर का गंदा पानी बड़े नाले द्वारा मामौर झील में जाता हैं। गंदा पानी एवं बरसात का पानी एक स्थान पर इकट्ठा होने के कारण अब मामौर झील ने अपना क्षेत्रफल बढ़ा लिया तथा बरसात के दिनों में झील ओवरफ्लो होकर आसपास के किसानों की हजारों बीघा फसलों को बर्बाद कर देती है। लगातार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट चलने के बाद बहुत ही जल्द झील के गंदे पानी से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।