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Shamli News: विद्यार्थी पढ़ते रहें किताबें, खातों में आती रहीं किसान निधि की किस्तें
Sat, 04 Jul 2026 12:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 04 Jul 2026 12:44 AM IST
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शामली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में जिले में बड़ा खेल सामने आया है। कृषि विभाग की जांच में खुलासा हुआ कि शामली, कैराना और थानाभवन क्षेत्र के 70 नाबालिगों समेत कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के खातों में किसान सम्मान निधि की रकम पहुंच गई। यही नहीं, 983 ऐसे किसान भी मिले, जिन्होंने जमीन बेचने के बाद भी योजना का लाभ लेना जारी रखा। विभाग ने कुल 4644 लाभार्थियों को योजना से बाहर कर रिकवरी नोटिस भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। जिले में करीब 1.31 लाख किसान इस योजना से जुड़े हैं। अब विभागीय जांच में चौंकाने वाली गड़बड़ियां सामने आईं।
981 दंपती भी अलग-अलग ले रहे लाभ
जांच में सामने आया कि जिले में 981 दंपती ऐसे मिले, जिनमें पति और पत्नी दोनों ही योजना की किस्त ले रहे थे। 983 ऐसे लाभार्थी मिले, जिन्होंने अपनी जमीन दूसरे के नाम करने या बेचने के बाद भी किसान सम्मान निधि का लाभ लेना बंद नहीं किया।
कक्षा सात के छात्र के खाते में पहुंचीं तीन किस्तें
गढ़ी गांव के कक्षा सात के एक छात्र के खाते में किसान सम्मान निधि की तीन किस्तें पहुंचीं। जांच में मामला सामने आने के बाद विभाग ने परिजनों को रिकवरी नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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कक्षा आठ के छात्र को एक साल तक मिलती रही रकम
लिसाढ़ गांव के कक्षा आठ के एक छात्र के खाते में करीब एक साल तक सम्मान निधि की रकम ट्रांसफर होती रही। विभागीय जांच में मामला पकड़ में आया, जिसके बाद परिजनों को नोटिस भेजा जा रहा है।
लिलोन के छात्र के खाते में भी पहुंची किसान निधि
लिलोन गांव के कक्षा सात के एक छात्र के खाते में भी किसान सम्मान निधि की राशि भेजी जाती रही। जांच में खुलासा होने पर विभाग ने इस मामले को भी रिकवरी सूची में शामिल कर लिया है।
जमीन बेचने के बाद भी लेता रहा सम्मान निधि
कांधला देहात के एक मामले में रामबीर ने अपनी जमीन मामचंद के नाम बेच दी, लेकिन इसके बावजूद वह किसान सम्मान निधि का लाभ लेता रहा। विभागीय जांच में मामला सामने आने के बाद उसे भी रिकवरी के दायरे में लिया गया है।
जांच में नाबालिगों, पति-पत्नी और अपात्रों के खातों में सम्मान निधि भेजे जाने की पुष्टि हुई है। सभी संबंधित लाभार्थियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। साथ ही यह भी जांच कराई जा रही है कि आखिर अपात्रों के खाते में योजना की रकम कैसे पहुंची और उन्हें किस आधार पर पात्र बनाया गया। दोषियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। - प्रमोद कुमार, कृषि उपनिदेशक
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981 दंपती भी अलग-अलग ले रहे लाभ
जांच में सामने आया कि जिले में 981 दंपती ऐसे मिले, जिनमें पति और पत्नी दोनों ही योजना की किस्त ले रहे थे। 983 ऐसे लाभार्थी मिले, जिन्होंने अपनी जमीन दूसरे के नाम करने या बेचने के बाद भी किसान सम्मान निधि का लाभ लेना बंद नहीं किया।
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कक्षा सात के छात्र के खाते में पहुंचीं तीन किस्तें
गढ़ी गांव के कक्षा सात के एक छात्र के खाते में किसान सम्मान निधि की तीन किस्तें पहुंचीं। जांच में मामला सामने आने के बाद विभाग ने परिजनों को रिकवरी नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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कक्षा आठ के छात्र को एक साल तक मिलती रही रकम
लिसाढ़ गांव के कक्षा आठ के एक छात्र के खाते में करीब एक साल तक सम्मान निधि की रकम ट्रांसफर होती रही। विभागीय जांच में मामला पकड़ में आया, जिसके बाद परिजनों को नोटिस भेजा जा रहा है।
लिलोन के छात्र के खाते में भी पहुंची किसान निधि
लिलोन गांव के कक्षा सात के एक छात्र के खाते में भी किसान सम्मान निधि की राशि भेजी जाती रही। जांच में खुलासा होने पर विभाग ने इस मामले को भी रिकवरी सूची में शामिल कर लिया है।
जमीन बेचने के बाद भी लेता रहा सम्मान निधि
कांधला देहात के एक मामले में रामबीर ने अपनी जमीन मामचंद के नाम बेच दी, लेकिन इसके बावजूद वह किसान सम्मान निधि का लाभ लेता रहा। विभागीय जांच में मामला सामने आने के बाद उसे भी रिकवरी के दायरे में लिया गया है।
जांच में नाबालिगों, पति-पत्नी और अपात्रों के खातों में सम्मान निधि भेजे जाने की पुष्टि हुई है। सभी संबंधित लाभार्थियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। साथ ही यह भी जांच कराई जा रही है कि आखिर अपात्रों के खाते में योजना की रकम कैसे पहुंची और उन्हें किस आधार पर पात्र बनाया गया। दोषियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। - प्रमोद कुमार, कृषि उपनिदेशक