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Shamli News: खेतों को चर रहे लावारिस पशु, विभाग बन गया अनजान
Sun, 07 Jun 2026 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 07 Jun 2026 12:28 AM IST
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मेरी आवाज सुनोघूमते आवारा पशु
थानाभवन। गांव नोजल, हसनपुर, खानपुर, चंदेनामाल समेत आसपास के कई गांवों में लावारिस पशुओं के झुंड खेतों में घुसकर धान, गन्ना, मक्का, ज्वार, हरा चारा तथा सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए रातभर खेतों में पहरा देना पड़ रहा है। वे टीन बजाकर और अन्य उपाय अपनाकर पशुओं को भगाने का प्रयास करते हैं, लेकिन इसके बावजूद झुंड दोबारा खेतों में घुस आते हैं। किसानों का कहना है कि पहले ही मौसम की मार से खेती प्रभावित है, ऐसे में लावारिस पशुओं के कारण नुकसान और बढ़ गया है। इसके अलावा सड़कों पर भी पशुओं का झुंड आकर हादसों का कारण बन रहे हैं।
बोले किसान
सोनू शर्मा (नोजल) ने बताया कि रात के समय लावारिस पशुओं के झुंड खेतों में घुस आते हैं और कुछ ही घंटों में फसलों को नुकसान पहुंचा देते हैं। किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है।
सुभाष सैनी (हसनपुर) ने कहा कि क्षेत्र में लावारिस पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। फसलों की सुरक्षा के लिए किसानों को रातभर खेतों में पहरा देना पड़ता है, फिर भी नुकसान नहीं रुक रहा।
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विनोद कुमार सैनी ने बताया कि मौसम की मार से पहले ही फसल प्रभावित थी। अब लावारिस पशुओं द्वारा गन्ना, मक्का, ज्वार और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
सुनील कुमार (खानपुर) ने कहा कि लावारिस पशुओं का खतरा केवल खेतों तक सीमित नहीं है। सड़कों पर इनके अचानक आ जाने से हादसों की आशंका बनी रहती है। प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।
लावारिस पशुओं की समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया गया है। प्रयास रहेगा कि किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाए।
- सतेंद्र कुमार, क्षेत्रीय वन अधिकारी ऊन
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बोले किसान
सोनू शर्मा (नोजल) ने बताया कि रात के समय लावारिस पशुओं के झुंड खेतों में घुस आते हैं और कुछ ही घंटों में फसलों को नुकसान पहुंचा देते हैं। किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है।
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सुभाष सैनी (हसनपुर) ने कहा कि क्षेत्र में लावारिस पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। फसलों की सुरक्षा के लिए किसानों को रातभर खेतों में पहरा देना पड़ता है, फिर भी नुकसान नहीं रुक रहा।
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विनोद कुमार सैनी ने बताया कि मौसम की मार से पहले ही फसल प्रभावित थी। अब लावारिस पशुओं द्वारा गन्ना, मक्का, ज्वार और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
सुनील कुमार (खानपुर) ने कहा कि लावारिस पशुओं का खतरा केवल खेतों तक सीमित नहीं है। सड़कों पर इनके अचानक आ जाने से हादसों की आशंका बनी रहती है। प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।
लावारिस पशुओं की समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया गया है। प्रयास रहेगा कि किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाए।
- सतेंद्र कुमार, क्षेत्रीय वन अधिकारी ऊन