फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Stay on the High Court of housing land

आवासों की भूमि पर हाईकोर्ट का स्टे

Sun, 11 Oct 2015 01:26 AM IST
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला Updated Sun, 11 Oct 2015 01:26 AM IST
विज्ञापन
कैराना। नवसृजित ऊन तहसील के सरकारी आवासों के लिए अधिग्रहित भूमि का विवाद हाईकोर्ट पहुंच गया। काफी समय से जमीन पर काबिज लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका डाली, जिस पर हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है।
विज्ञापन


अधिवक्ता सत्यपाल सिंह ने बताया कि ऊन में खसरा नंबर 1205 की साढ़े 10.5 बीघा जमीन हरिजन बस्ती के लिए आरक्षित है। उक्त जमीन पर वीरेंद्र सिंह आदि का कब्जा चला आ रहा है। ऊन को नई तहसील बनाने पर प्रशासन ने उक्त जमीन को आवासों के लिए अधिग्रहित किया था। जिस पर वीरेंद्र सिंह ने कैराना सिविल जज जूनियर डिविजन की कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिसे कोर्ट ने लंबी बहस के बाद 11 सितंबर को स्वीकार कर लिया था।
विज्ञापन


 उन्होंने बताया कि इसके बाद वीरेंद्र सिंह आदि ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता बीएस यादव के माध्यम से रिट दायर की थी। जिस पर हाईकोर्ट की पीठ नंबर 30 में सुनवाई चल रही थी। मामले में सात अक्तूबर को न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल ने आदेश जारी किए। जिसमें कहा गया कि खसरा नंबर 1205 की जमीन हरिजन बस्ती के लिए आरक्षित होने के कारण विरेंद्र सिंह आदि को जमीन से बेदखल न किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश सरकार, कमिश्नर सहारनपुर, डीएम शामली व तहसीलदार ऊन को 29 अक्तूबर को पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed