{"_id":"592c6ab54f1c1b5163bdbb81","slug":"state-government-raises-the-cost-of-treatment-of-injured-dalits","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश सरकार उठाए घायल दलितों के उपचार का खर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश सरकार उठाए घायल दलितों के उपचार का खर्च
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 May 2017 12:08 AM IST
विज्ञापन
strike
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
कैराना। सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में दलित समाज के लोगों पर हुए हमले के विरोध में दलित समाज के लोगों ने तहसील में धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने तहसीलदार को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि झगडे़ में घायल दलितों का उपचार प्रदेश सरकार द्वारा कराया जाए।
सोमवार को कैराना के दलित समाज के लोग तहसील में पहुंचे। उन्होंने शब्बीरपुर सहित अन्य गांवों में दलितों पर हुए अत्याचार और दलितों के घरों में हुई आगजनी के खिलाफ तहसीलदार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि दलित समाज पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
आगजनी से प्रभावित लोगों को कम से कम पांच-पांच लाख का मुआवजा दिया जाए। हमले में गंभीर रूप से घायल लोगों को पांच लाख रुपये, कम गंभीर लोगों को दो लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
विज्ञापन
संघर्ष में घायलों का पूरा खर्चा सरकार वहन करे। मृतक के परिवार को 50 लाख का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। जेल भेजे गए निर्दोष लोगों को तुरंत रिहा किया जाए और दलितों की जान माल कर पूरी तरह सुरक्षा की जाए। मौके पर एसडीएम के नहीं मिलने पर नायब तहसीलदार कामिंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर श्रीचंद, शरण दास, पप्पू, राजेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सोमवार को कैराना के दलित समाज के लोग तहसील में पहुंचे। उन्होंने शब्बीरपुर सहित अन्य गांवों में दलितों पर हुए अत्याचार और दलितों के घरों में हुई आगजनी के खिलाफ तहसीलदार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि दलित समाज पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
आगजनी से प्रभावित लोगों को कम से कम पांच-पांच लाख का मुआवजा दिया जाए। हमले में गंभीर रूप से घायल लोगों को पांच लाख रुपये, कम गंभीर लोगों को दो लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
विज्ञापन
संघर्ष में घायलों का पूरा खर्चा सरकार वहन करे। मृतक के परिवार को 50 लाख का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। जेल भेजे गए निर्दोष लोगों को तुरंत रिहा किया जाए और दलितों की जान माल कर पूरी तरह सुरक्षा की जाए। मौके पर एसडीएम के नहीं मिलने पर नायब तहसीलदार कामिंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर श्रीचंद, शरण दास, पप्पू, राजेश आदि मौजूद रहे।