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लाखों खर्च, फिर भी शहर स्वच्छ नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Mon, 28 Nov 2016 12:55 AM IST
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- फोटो : amarujala
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शामली। नगर पालिका शहर में सफाई के लिए हर दिन दो लाख खर्च कर रही है। फिर भी शहर में जगह-जगह गंदगी पसरी हुई है। वहीं, शहर के बीच से गुजर रहा नाला भी गंदगी से अटा पड़ा है।
शहर में स्वच्छ भारत अभियान मजाक बन रह गया। नगर पालिका में 126 संविदा कर्मचारी, 177 ठेका कर्मचारी, 55 पर्मानेंट और 17 ट्रैक्टर और टेंपू का हर दिन की दहाड़ी व तेल का खर्च कुल मिलाकर दो लाख रुपये बैठता है। जिसके बाद भी शहर में जगह-जगह गंदगी दिखाई देती है। कुछ समय पहले अधिकारियों द्वारा क्लीन शामली, ग्रीन शामली और स्वच्छ शामली योजना के तहत काम करने का नारा दिया था, लेकिन सब कुछ उलटा ही दिख रहा है।
शहर में रोज सफाई होने के बाद भी जगह-जगह गंदगी देखने को मिली। शहर के बीच से गुजर रहा नाला भी गंदगी से अटा हुआ मिला। जबकि हर वर्ष नाले की सफाई में 12 से 15 लाख रुपये खर्च होते है। मोहल्ला शांतिनगर के लोगों ने बताया कि नाले गंदगी से अटा होने से घर के बाहर बैठना तो क्या हो खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा है।
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वहीं, रेलपार स्थित एसपी कार्यालय रोड पर रखा डस्टबीन कूडे़ से भरा होने के बाद भी वहीं रखा हुआ है। जिस कारण डस्टबीन के आसपास आवारा पशु घूमते रहते हैं। वहीं, ब्लॉक रोड पर भी यही हाल है।
मेरठ करनाल रोड पर भी रोडवेज बस अड्डे से पीछे सड़क किनारे कूड़ा पड़ा रहता है। उधर, ईओ शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि शहर के बीच से गुजर रहे नाले के दोनों ओर जाल लगाने के लिए कार्य चल रहा है। जिससे लोग नाले में कूड़ा न डाल सके। कार्य पूरा होने के बाद नाले की सफाई कराई जाएगी। वही जहां डस्टबीन की जरूरत है वहां रखवाया जाएगा।
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शहर में स्वच्छ भारत अभियान मजाक बन रह गया। नगर पालिका में 126 संविदा कर्मचारी, 177 ठेका कर्मचारी, 55 पर्मानेंट और 17 ट्रैक्टर और टेंपू का हर दिन की दहाड़ी व तेल का खर्च कुल मिलाकर दो लाख रुपये बैठता है। जिसके बाद भी शहर में जगह-जगह गंदगी दिखाई देती है। कुछ समय पहले अधिकारियों द्वारा क्लीन शामली, ग्रीन शामली और स्वच्छ शामली योजना के तहत काम करने का नारा दिया था, लेकिन सब कुछ उलटा ही दिख रहा है।
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शहर में रोज सफाई होने के बाद भी जगह-जगह गंदगी देखने को मिली। शहर के बीच से गुजर रहा नाला भी गंदगी से अटा हुआ मिला। जबकि हर वर्ष नाले की सफाई में 12 से 15 लाख रुपये खर्च होते है। मोहल्ला शांतिनगर के लोगों ने बताया कि नाले गंदगी से अटा होने से घर के बाहर बैठना तो क्या हो खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा है।
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वहीं, रेलपार स्थित एसपी कार्यालय रोड पर रखा डस्टबीन कूडे़ से भरा होने के बाद भी वहीं रखा हुआ है। जिस कारण डस्टबीन के आसपास आवारा पशु घूमते रहते हैं। वहीं, ब्लॉक रोड पर भी यही हाल है।
मेरठ करनाल रोड पर भी रोडवेज बस अड्डे से पीछे सड़क किनारे कूड़ा पड़ा रहता है। उधर, ईओ शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि शहर के बीच से गुजर रहे नाले के दोनों ओर जाल लगाने के लिए कार्य चल रहा है। जिससे लोग नाले में कूड़ा न डाल सके। कार्य पूरा होने के बाद नाले की सफाई कराई जाएगी। वही जहां डस्टबीन की जरूरत है वहां रखवाया जाएगा।