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Shamli News: कहीं दो कमरों में दो स्कूल, कहीं खुले में कक्षाएं चलाने की मजबूरी
Fri, 28 Aug 2026 12:46 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 28 Aug 2026 12:46 AM IST
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उच्च प्राथमिक विद्यालय जलालपुर में बरामदे में संचालित कक्षाएं।
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शामली। जिले के परिषदीय स्कूलों में संसाधनों और भवनों की कमी से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कहीं दो कमरों में दो स्कूल संचालित हो रहे हैं तो कहीं पर्याप्त कमरों के अभाव में कक्षाएं खुले में और बरामदे के नीचे लगाने की मजबूरी है। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ऐसे कुछ स्कूलों की पड़ताल की तो मामला सामने आया।
उच्च प्राथमिक विद्यालय धनैना
जुलाई माह में उच्च प्राथमिक विद्यालय धनैना में दो स्कूल मर्ज हुए थे। इसमें प्राथमिक विद्यालय न्यामतुल्लापुर के पांच बच्चे और प्राथमिक विद्यालय धनैना के लगभग 45 बच्चे थे। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय में पहले से ही 44 बच्चे पंजीकृत थे। विद्यालय में कार्यालय से अलग कुल चार कमरे थे। प्रधानाध्यापक संजीव कुमार ने बताया कि दो कमरे उन्होंने दोनों विद्यालय के बच्चों को दे दिए और दो कमरे उनके उच्च प्राथमिक विद्यालय की तीन कक्षाओं के लिए हैं। कमरे कम होने की मजबूरी में दो कमरों में पांच कक्षा और दो कमरों में तीन कक्षा संचालित की जा रही हैं।
पीएमश्री होने के बाद भी खुले में कक्षा संचालित की मजबूरी
पीएमश्री विद्यालय जलालाबाद में कुल 431 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय कुल आठ कमरे हैं, लेकिन जिस दिन विद्यालय में 350 से अधिक बच्चे विद्यालय पहुंचते हैं तो मजबूरी बच्चों को खुले में बैठाकर कक्षाएं संचालित करनी पड़ती है। विद्यालय में कमरे बनाने के लिए जगह नहीं है। भवन पुराना होने के कारण द्वितीय तल पर कमरे नहीं बनाए जा सकते है। बच्चों को मजबूरी में बाहर बैठकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती हैं।
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उच्च प्राथमिक विद्यालय जलालाबाद
विद्यालय में कुल 327 बच्चे पंजीकृत है। बच्चे अधिक होने के कारण दो कक्षाओं को बाहर खुले बरामदे में पढ़ाई करने की मजबूरी है। कमरे कम होने के कारण बच्चों को समस्या झेलनी पड़ रही है।
प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन लांक प्राथमिक
विद्यालय नंबर तीन में उच्च प्राथमिक विद्यालय लांक का मर्जर हुआ। प्राथमिक विद्यालय में 100 बच्चे पंजीकृत थे, वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय के 45 बच्चे पंजीकृत थे। उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक रामकुमार ने बताया कि स्कूल में कुल सात कमरे है। पांच कमरों में प्राथमिक विद्यालय चलता है, जबकि दो कमरों में उनकी तीन कक्षा संचालित करने की मजबूरी है। एक कमरा जर्जर में गया हुआ है। बच्चों को परेशानी है।
प्राथमिक विद्यालय मखमूलपुर नंबर दो
प्राथमिक विद्यालय मखमूलपुर नंबर दो पांच कक्षा संचालित है। स्कूल में कुल दो कमरों में पांच कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। स्कूल में कोई रसोईघर भी नहीं है। दो कमरे जर्जर अवस्था में है। विद्यालय में कुल 86 बच्चे पंजीकृत हैं।
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उच्च प्राथमिक विद्यालय धनैना
जुलाई माह में उच्च प्राथमिक विद्यालय धनैना में दो स्कूल मर्ज हुए थे। इसमें प्राथमिक विद्यालय न्यामतुल्लापुर के पांच बच्चे और प्राथमिक विद्यालय धनैना के लगभग 45 बच्चे थे। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय में पहले से ही 44 बच्चे पंजीकृत थे। विद्यालय में कार्यालय से अलग कुल चार कमरे थे। प्रधानाध्यापक संजीव कुमार ने बताया कि दो कमरे उन्होंने दोनों विद्यालय के बच्चों को दे दिए और दो कमरे उनके उच्च प्राथमिक विद्यालय की तीन कक्षाओं के लिए हैं। कमरे कम होने की मजबूरी में दो कमरों में पांच कक्षा और दो कमरों में तीन कक्षा संचालित की जा रही हैं।
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पीएमश्री होने के बाद भी खुले में कक्षा संचालित की मजबूरी
पीएमश्री विद्यालय जलालाबाद में कुल 431 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय कुल आठ कमरे हैं, लेकिन जिस दिन विद्यालय में 350 से अधिक बच्चे विद्यालय पहुंचते हैं तो मजबूरी बच्चों को खुले में बैठाकर कक्षाएं संचालित करनी पड़ती है। विद्यालय में कमरे बनाने के लिए जगह नहीं है। भवन पुराना होने के कारण द्वितीय तल पर कमरे नहीं बनाए जा सकते है। बच्चों को मजबूरी में बाहर बैठकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती हैं।
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उच्च प्राथमिक विद्यालय जलालाबाद
विद्यालय में कुल 327 बच्चे पंजीकृत है। बच्चे अधिक होने के कारण दो कक्षाओं को बाहर खुले बरामदे में पढ़ाई करने की मजबूरी है। कमरे कम होने के कारण बच्चों को समस्या झेलनी पड़ रही है।
प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन लांक प्राथमिक
विद्यालय नंबर तीन में उच्च प्राथमिक विद्यालय लांक का मर्जर हुआ। प्राथमिक विद्यालय में 100 बच्चे पंजीकृत थे, वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय के 45 बच्चे पंजीकृत थे। उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक रामकुमार ने बताया कि स्कूल में कुल सात कमरे है। पांच कमरों में प्राथमिक विद्यालय चलता है, जबकि दो कमरों में उनकी तीन कक्षा संचालित करने की मजबूरी है। एक कमरा जर्जर में गया हुआ है। बच्चों को परेशानी है।
प्राथमिक विद्यालय मखमूलपुर नंबर दो
प्राथमिक विद्यालय मखमूलपुर नंबर दो पांच कक्षा संचालित है। स्कूल में कुल दो कमरों में पांच कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। स्कूल में कोई रसोईघर भी नहीं है। दो कमरे जर्जर अवस्था में है। विद्यालय में कुल 86 बच्चे पंजीकृत हैं।