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Shamli News: कुछ रैन बसेरे शुरू तो कहीं सड़क किनारे सोने को मजबूर बेसहारा

Thu, 14 Dec 2023 01:13 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 14 Dec 2023 01:13 AM IST
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Some night shelters started and some destitute were forced to sleep on the roadside.
शामली, कैराना, कांधला, थानाभवन। कड़ाके की ठंड पड़ने के साथ प्रशासन ने सभी नगर पालिका और नगर पंचायतों में रैन बसेरे स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अलाव की व्यवस्था करने को भी कहा था। अमर उजाला की पड़ताल में शामली, कांधला, कैराना में रैन बसेरे चालू मिले, वहीं थाना भवन में रैन बसेरा शुरू नहीं मिला। जिले के किसी भी स्थान पर प्रशासन की ओर से अलाव जलते नहीं मिले और बेसहारा लोग सड़क किनारे कड़ाके की ठंड में सोने को मजबूर हो हैं।
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स्थान : शामली नगर पालिका में रैन बसेरा
यहां पर दो दिन पूर्व ही नगर पालिका चेयरमैन अरविंद संगल ने रैन बसेरा स्थापित कराया था। चार लोग रैन बसेरे में सोए हुए थे। कर्मचारी वसीम ने बताया कि रैन बसेरे में जल्द अन्य सुविधाएं भी लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि, रेलवे स्टेशन रोड, कोतवाली के पास जानकारी नहीं होने के अभाव में बेसहारा लोग सड़क किनारे सोते नजर आए। पूछने पर बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है कि रैन बसेरा शुरू हो गया है या नहीं। हालांकि, शहर के किसी भी स्थान पर अलाव जलते नहीं मिले।
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स्थान : कैराना में रैन बसेरा

कैराना में कांधला तिराहे पर दो कमरों में 8 बिस्तरों का रैन बसेरा बनाया गया है। बराबर में ही शौचालय व पेयजल की व्यवस्था भी है। रैन बसेरे पर डयूटी दे रहे इस्तकार जंग ने बताया कि दोनोें कमरो में 4-4 बेड है। एक कमरा पुरुषों व एक कमरा महिलाओं के सोने के लिए हैं। अगर पति-पत्नी भी रैन बसेरे में आते हैं तो उन्हे अलग-अलग कमरों में सोना पड़ेगा। अभी तक कोई भी मुसाफिर नहीं आया है। नगर पालिका ने अभी तक अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की है।
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कांधला : 3 लोग सोते मिले

कस्बे की नगरपालिका के अंदर रैन बसेरा को बनाया गया है। यहां रात्रि विश्राम के लिए 16 बेड का इंतजाम पालिका प्रशासन की ओर से किया गया है। पालिका के लिपिक अशोक बाबू ने बताया कि 24 नवंबर से पालिका प्रांगण के अंदर रैन बसेरा प्रारंभ किया गया है। अभी तक यहां तीन लोगों ने ठहराव किया है। उनके ठहरने के दौरान सभी व्यवस्थाएं पालिका प्रशासन की ओर से की गई है ताकि किसी व्यक्ति को परेशानी का सामना न करना पड़े।

थानाभवन : न अलाव न रैन बसेरा
नगर पंचायत ने न तो कस्बे में कहीं अलाव जलाने की व्यवस्था की है, न ही कोई अस्थायी या स्थाई रैन बसेरा ही बनाया है। जिसके कारण बेसहारा लोग सड़कों किनारे सोने को मजबूर हैं।



रैन बसेरों को जल्द खोलने और अलाव जलाने की व्यवस्था करने को मातहतों को कहा गया है। कई स्थानों पर रैन बसेरे खोले जा चुके हैं। अलाव के लिए तीनों तहसीलों को डेढ़ लाख रुपये जारी किए गए हैं। कंबलों के लिए अलग से रुपये जारी किए जायेंगे। प्रयास रहेगा कि लोगों को सर्दी में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाए।
संतोष कुमार सिंह, एडीएम शामली
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