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सोशल मीडिया और मोबाइल से दूर रहकर पाई सफलता

Tue, 07 May 2019 11:41 PM IST
NAVEEN GUPTA अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: NAVEEN GUPTA Updated Tue, 07 May 2019 11:41 PM IST
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social media aur mobile se door rehkar paai safalta
file photo - फोटो : amarujala
आईसीएसई 10वीं में 98.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में टॉपर बने अग्रिम जैन ने बातचीत में बताया कि आईआईटी कर इंजीनियर बनना चाहते है। उन्होंने यह सफलता बिना ट्यूशन के की और सोशल मीडिया और मोबाइल फोन से दूरी बनाकर रखी।
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शामली में नौकुआं रोड निवासी अग्रिम के पिता राहुल जैन ग्रेजुएट है और उनका ऑयल डिपो का बिजनेस है। उनकी माता शिल्पी जैन पोस्ट ग्रेजुएट है और गृहणी है। अमर उजाला ने शाम करीब सात बजे अग्रिम के पिता राहुल से फोन पर बात की तो उन्हें बेटे के स्कूल टॉप करने की जानकारी थी। अग्रिम जैन दिल्ली में कोचिंग लेकर आईआईटी की तैयारी कर रहे हैं। शाम को साढ़े तीन बजे से शाम पौने आठ बजे तक कोचिंग के बाद जब उनसे फोन पर बात हुई तो उन्होंने बताया कि उन्हें रिजल्ट आने और अच्छे नंबर से उत्तीर्ण होने की जानकारी तो थी, लेकिन स्कूल टॉप करने के बारे में पापा से जानकारी मिली। उन्होंने पढ़ाई का शेड्यूल बनाया और नियमित रूप से पढ़ाई की। स्कूल की छुट्टी के बाद खाना खाने के बाद आराम किया। इसके बाद छह बजे से पढ़ाई की और बीच में रेस्ट लेने के बाद आठ बजे से फिर पढ़ाई शुरू की। जिस टॉपिक को पढ़ना शुरू किया उसे पूरी तरह याद करने और टॉपिक खत्म होने के बाद ही सोते थे। खेल में उन्हें बैडमिंटन पसंद है। उनके आइडियल बड़े भाई प्रतीक जैन है। पढ़ाई की प्रेरणा बड़े भाई से मिली। उनके बड़े भाई भी सैंट फ्रांसिस स्कूल से 12वीं की है। अब वे कर्नाटक के धारवाड़ा में आईआईटी कर रहे है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, बड़े भाई और टीचर्स को दिया है। कंप्यूटर साइंस को उन्होंने पसंदीदा विषय बताया।
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विषयवार प्राप्तांक
इंग्लिश    95
हिंदी        99
हिस्ट्री सिविक्स, जियोग्रफी 98
गणित         100
साइंस           99
कंप्यूटर एप्लीकेशन 100

डाक्टर बनना चाहती है कीर्ति चौधरी
शामली। आईसीएसई 10वीं में सेंट फ्रांसिस स्कूल शामली की छात्रा 98.3 प्रतिशत अंकों के साथ स्कूल में दूसरे स्थान पर रही है। गांव किरोड़ी निवासी कीर्ति ने बातचीत में बताया कि उसे मेडिकल लाइन पसंद है और वह डाक्टर बनना चाहती है। कीर्ति के पिता हरेंद्र सिंह तहसील में लेखपाल है और एमएससी है। माता पूनम भी ग्रेजुएट है और गृहणी हैं। स्कूल में प्राइवेट वैन से आने जाने वाली कीर्ति ने बताया कि पढ़ाई में उसके पापा का बड़ा सहयोग है, उन्होंने ही उसे पढ़ाया है। उसने कोई ट्यूशन नहीं लिया और सोशल मीडिया पर यू ट्यूब पर गाने सुनने का उसे शौक है। पढ़ाई के शेड्यूल के बारे में बताया कि स्कूल से लौटने के बाद रेस्ट किया और शाम चार बजे से सात बजे तक पढ़ाई की। एक घंटा खाना खाने और रेस्ट के बाद फिर 9 बजे से 11 बजे तक पढ़ाई की।  कीर्ति का छोटा भाई सैंट फ्रांसिस स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ता है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय, माता-पिता और टीचर्स को दिया है। कीर्ति चौधरी ने इंगलिश में 95, हिंदी में 99, हिस्ट्री, सिविक्स एंड जियोग्रफी में 99, गणित में 98, साइंस में 99 और कंप्यूटर एप्लीकेशन में 100 अंक प्राप्त किए हैं।
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