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Shamli News: रात में छाया रहा स्मॉग दिन में निकली धूप, एक्यूआई 157
Mon, 04 Nov 2024 12:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 04 Nov 2024 12:27 AM IST
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शामली। जिले में लगातार तीसरे दिन भी वायु प्रदूषण बढ़ा है। दिवाली पर आतिशबाजी के कारण रात में स्मॉग की धुंध छाई रही, जिससे आंखों में जलन की समस्या बनी रही। सांस के रोगियों को सांस लेने में दिक्कत हुई। जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 157 रहा।
दिवाली पर पटाखों व आतिशबाजी के धुएं से वायु प्रदूषण बढ़ा है। लगातार तीन दिन से हवा जहरीली बनी हुई है। दिन के समय तो मौसम साफ रहता है और चटक धूप निकल रही है, लेकिन शाम होते ही स्मॉग की धुंध छाने लगती है। शनिवार की रात को जिले में स्मॉग की धुंध और धुआं छाया रहा, जिससे लोगों को सड़कों पर आने जाने में परेशानी हुई। धुएं के कारण आंखों में जलन की समस्या बनी रही तो मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हुई। बुजुर्ग, बीमार और बच्चों को ज्यादा परेशानी होने के कारण वे घरों में दुबके रहने को मजबूर रहे। वायु प्रदूषण के कारण रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 157 रहा। शनिवार को यह 155 था जबकि शुक्रवार को 145 रहा था।
सांस और दिल के रोगी के लिए स्मॉग खतरनाक, बरतें सावधानी
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि वायु प्रदूषण के कारण सांस के रोगियों को ज्यादा परेशानी होती है। इसके साथ ही दिल के मरीजों को भी परेशानी होती है। ऐसे मौसम में इस तरह के मरीजों को घर में ही रहना चाहिए। घर के अंदर ही टहले और व्यायाम करें। बच्चे और बुजुर्गों के लिए भी घर पर रहना ही बेहतर है। लोगों को घर से बाहर निकलते समय फेस मास्क लगाना चाहिए। आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनना चाहिए। आंखों में जलन हो तो साफ पानी से साफ करना चाहिए।
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दिवाली पर पटाखों व आतिशबाजी के धुएं से वायु प्रदूषण बढ़ा है। लगातार तीन दिन से हवा जहरीली बनी हुई है। दिन के समय तो मौसम साफ रहता है और चटक धूप निकल रही है, लेकिन शाम होते ही स्मॉग की धुंध छाने लगती है। शनिवार की रात को जिले में स्मॉग की धुंध और धुआं छाया रहा, जिससे लोगों को सड़कों पर आने जाने में परेशानी हुई। धुएं के कारण आंखों में जलन की समस्या बनी रही तो मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हुई। बुजुर्ग, बीमार और बच्चों को ज्यादा परेशानी होने के कारण वे घरों में दुबके रहने को मजबूर रहे। वायु प्रदूषण के कारण रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 157 रहा। शनिवार को यह 155 था जबकि शुक्रवार को 145 रहा था।
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सांस और दिल के रोगी के लिए स्मॉग खतरनाक, बरतें सावधानी
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि वायु प्रदूषण के कारण सांस के रोगियों को ज्यादा परेशानी होती है। इसके साथ ही दिल के मरीजों को भी परेशानी होती है। ऐसे मौसम में इस तरह के मरीजों को घर में ही रहना चाहिए। घर के अंदर ही टहले और व्यायाम करें। बच्चे और बुजुर्गों के लिए भी घर पर रहना ही बेहतर है। लोगों को घर से बाहर निकलते समय फेस मास्क लगाना चाहिए। आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनना चाहिए। आंखों में जलन हो तो साफ पानी से साफ करना चाहिए।
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