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Shamli News: सैनिटरी नैपकिन खरीद में 8.28 लाख के गोलमाल की बू, जांच बैठी
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शामली। जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर सैनिटरी नैपकिन खरीदने के नाम पर गोलमाल करने का आरोप लगा है। दो से ढाई रुपये में मिलने वाली सैनिटरी नैपकिन को 4.92 रुपये में खरीदने की शिकायत डीएम से की गई। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीर मानते हुए एडीएम के नेतृत्व में गठित कमेटी को मामले की जांच सौंप दी। एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देने को कहा है।
शामली के अचित गोयल और आसिफ एंटरप्राइजेज के नाम से जिलाधिकारी को 18 जून को शिकायत की गई। कहा कि वर्ष 2024 में एक नैपकिन बिड हुई थी। एक नेपकिन का रेट 2.50 रुपये था जोकि मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा 4.90 रुपये में खरीदी गई। आरोप लगाया कि मुख्य चिकित्साधिकारी ने निजी स्वार्थ के वशीभूत होकर अपनी चहेती वैष्ण्वी एंटर प्राइजेज को इसका ठेका दिया। दावा किया है कि इस बिड में 8.28 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई । आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अस्पताल संबंधी सामानों की खरीद केवल एएलवी फार्मा , लाइफ लाइन लखनऊ और वैष्ण्वी एंटरप्राइजेज काकानगर द्वारा ही की जा रही है। खरीद जेम पोर्टल के जरिए होनी थी, लेकिन इसमें कम कीमत पर सैनिटरी नैपकिन देने को तैयार फर्म से खरीद नहीं की गई।
गाजियाबाद में दो, बिजनौर में 2.90 रुपये में खरीदी गई नैपकिन
शामली। आसिफ एंटरप्राइजेज द्वारा शिकायत में कहा कि सेनेटरी नैपकिन के लिए उसने बिड 7.21 लाख रुपये डाली थी जबकि सीएमओ कार्यालय से अपने चहेते निविदाता को बिड देने के उद्देश्य से 15.49 लाख में निविदा स्वीकृत की गई। जिससे कि सरकार को सीएमओ कार्यालय शामली द्वारा लगभग 8.28 लाख रुपये की वित्तीय हानि पहुंचाई गई।
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जबकि मुख्य चिकित्साधिकारी गाजियाबाद द्वारा प्रति सेनेटरी नैपकिन दो रुपये, मुख्य चिकित्साधिकारी बिजनौर द्वारा 2.90 रुपये, मुख्य चिकित्साधिकारी अमरोहा द्वारा 3.30 रुपये, सहारनपुर द्वारा 3.20 रुपये, मेरठ द्वारा 3.75 रुपये, हापुड़ द्वारा 2.15 रुपये में खरीदे गए। शामली के मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा सेनेटरी नैपकिन सबसे अधिक दरों पर 4.92 रुपये की दर से खरीदे गए हैं। कहा कि सरकार द्वारा दिए गए मानकों के अनुसार, सैनिटरी नैपकिन निर्माता द्वारा दो से ढाई रुपये में बाजार में बेचा जा रहा है। जिसे ऑनलाइन विभिन्न वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है।
छात्राओं और गर्भवतियों को दी जाती है नैपकिन
शामली। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों में छात्राओं को बांटने और भर्ती गर्भवतियों के लिए नैपकिन की खरीद की जाती है, ताकि निशुल्क वितरण कराया जा सके। ब्लॉक वाइज निशुल्क वितरण कराया जाता है।
वर्जन
सैनिटरी नैपकिन के नाम पर गोलमाल की शिकायत मिली है। मामले की जांच को एडीएम, जिला अस्पताल के सीएमएस, वरिष्ठ कोषाधिकारी की कमेटी गठित कर दी है। जांच में दोषी मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी
अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी शामली
सैनिटरी नैपकिन खरीद में कोई घोटाला नहीं किया गया। लगाए गए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है। नियमानुसार ही खरीद की गई है।
डॉ. अनिल कुमार,सीएमओ शामली
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शामली के अचित गोयल और आसिफ एंटरप्राइजेज के नाम से जिलाधिकारी को 18 जून को शिकायत की गई। कहा कि वर्ष 2024 में एक नैपकिन बिड हुई थी। एक नेपकिन का रेट 2.50 रुपये था जोकि मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा 4.90 रुपये में खरीदी गई। आरोप लगाया कि मुख्य चिकित्साधिकारी ने निजी स्वार्थ के वशीभूत होकर अपनी चहेती वैष्ण्वी एंटर प्राइजेज को इसका ठेका दिया। दावा किया है कि इस बिड में 8.28 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई । आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अस्पताल संबंधी सामानों की खरीद केवल एएलवी फार्मा , लाइफ लाइन लखनऊ और वैष्ण्वी एंटरप्राइजेज काकानगर द्वारा ही की जा रही है। खरीद जेम पोर्टल के जरिए होनी थी, लेकिन इसमें कम कीमत पर सैनिटरी नैपकिन देने को तैयार फर्म से खरीद नहीं की गई।
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गाजियाबाद में दो, बिजनौर में 2.90 रुपये में खरीदी गई नैपकिन
शामली। आसिफ एंटरप्राइजेज द्वारा शिकायत में कहा कि सेनेटरी नैपकिन के लिए उसने बिड 7.21 लाख रुपये डाली थी जबकि सीएमओ कार्यालय से अपने चहेते निविदाता को बिड देने के उद्देश्य से 15.49 लाख में निविदा स्वीकृत की गई। जिससे कि सरकार को सीएमओ कार्यालय शामली द्वारा लगभग 8.28 लाख रुपये की वित्तीय हानि पहुंचाई गई।
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जबकि मुख्य चिकित्साधिकारी गाजियाबाद द्वारा प्रति सेनेटरी नैपकिन दो रुपये, मुख्य चिकित्साधिकारी बिजनौर द्वारा 2.90 रुपये, मुख्य चिकित्साधिकारी अमरोहा द्वारा 3.30 रुपये, सहारनपुर द्वारा 3.20 रुपये, मेरठ द्वारा 3.75 रुपये, हापुड़ द्वारा 2.15 रुपये में खरीदे गए। शामली के मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा सेनेटरी नैपकिन सबसे अधिक दरों पर 4.92 रुपये की दर से खरीदे गए हैं। कहा कि सरकार द्वारा दिए गए मानकों के अनुसार, सैनिटरी नैपकिन निर्माता द्वारा दो से ढाई रुपये में बाजार में बेचा जा रहा है। जिसे ऑनलाइन विभिन्न वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है।
छात्राओं और गर्भवतियों को दी जाती है नैपकिन
शामली। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों में छात्राओं को बांटने और भर्ती गर्भवतियों के लिए नैपकिन की खरीद की जाती है, ताकि निशुल्क वितरण कराया जा सके। ब्लॉक वाइज निशुल्क वितरण कराया जाता है।
वर्जन
सैनिटरी नैपकिन के नाम पर गोलमाल की शिकायत मिली है। मामले की जांच को एडीएम, जिला अस्पताल के सीएमएस, वरिष्ठ कोषाधिकारी की कमेटी गठित कर दी है। जांच में दोषी मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी
अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी शामली
सैनिटरी नैपकिन खरीद में कोई घोटाला नहीं किया गया। लगाए गए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है। नियमानुसार ही खरीद की गई है।
डॉ. अनिल कुमार,सीएमओ शामली