{"_id":"6ad28023fba941e1280c3623","slug":"signatures-on-blank-paper-the-scheme-behind-payments-worth-lakhs-on-the-e-gram-swaraj-portal-shamli-news-c-26-1-sal1002-176194-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: कोरे कागज पर हस्ताक्षर, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर लाखों के भुगतान का खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: कोरे कागज पर हस्ताक्षर, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर लाखों के भुगतान का खेल
Sat, 17 Oct 2026 01:20 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 17 Oct 2026 01:20 AM IST
विज्ञापन
ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर ग्राम प्रधान मानदेय लिखकर अपलोड किया गया पर्चा। पोर्टल
शामली। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों और मानदेय के भुगतान को लेकर ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की पड़ताल में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। कहीं कोरे कागज पर हस्ताक्षर कर पर्चा अपलोड किया गया तो कहीं अधूरे बिलों के आधार पर भुगतान दर्ज मिला।
बुटराड़ी, फतेहपुर, जंधेड़ी, गोहरनी, झाल और जलालपुर समेत कई ग्राम पंचायतों के रिकॉर्ड सवालों के घेरे में हैं। लाखों रुपये के भुगतान से जुड़े दस्तावेजों में सामने आई कमियों ने पंचायतों के खर्च की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीपीआरओ ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है।
कोरे कागज पर हजारों रुपये का हिसाब
बुटराड़ी में सितंबर माह में प्रधान के मानदेय के नाम पर 55 हजार रुपये के नाम पर कोरा कागज अपलोड किया गया। शौचालय केयर टेकर के 24 हजार रुपये के मानदेय के नाम पर भी ऐसा ही दस्तावेज अपलोड किया गया। मई माह में प्रधान के 50 हजार रुपये के मानदेय के नाम पर भी कोरा कागज अपलोड किया गया। अन्य खर्च के 24,850 रुपये के भुगतान से जुड़े दस्तावेजों पर भी सवाल हैं।
विज्ञापन
फतेहपुर में टेंट के भुगतान के लिए सचिव के हस्ताक्षर वाला पर्चा अपलोड किया गया। इसके लिए 25,500 रुपये की धनराशि दर्ज है। जंधेड़ी में मिट्टी भराव कार्य के 18 हजार रुपये के भुगतान से संबंधित बिल अधूरा अपलोड किया गया है।
लाखों के भुगतान के दस्तावेज भी अधूरे
गोहरनी में स्कूल में सीसी निर्माण कार्य के लिए सामग्री और मजदूरी भुगतान के नाम पर 5,39,634 रुपये दर्ज हैं। सामग्री भुगतान के नाम पर 1,74,483 रुपये से संबंधित दस्तावेज भी अधूरे हैं। झाल में मई माह में प्रधान के 10 हजार रुपये के मानदेय के नाम पर कोरा कागज अपलोड किया गया। गोशाला केयर टेकर के मार्च माह के नौ हजार रुपये के मानदेय के नाम पर भी खाली कागज अपलोड किया गया।
जलालपुर में प्रधान के मानदेय के नाम पर 2,500 रुपये की धनराशि लिखकर हस्ताक्षर वाला पर्चा अपलोड किया गया। बुटराड़ी में 20,800 रुपये के कार्य के नाम पर भी कोरा बिल अपलोड होने की जानकारी सामने आई है।
डीपीआरओ बोले, जांच के बाद होगी कार्रवाई
जिला पंचायत राज अधिकारी संदीप अग्रवाल ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेजों की जांच कराई जाएगी। जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्या है ई-ग्राम स्वराज पोर्टल?
डीपीआरओ के अनुसार ई-ग्राम स्वराज केंद्र सरकार का डिजिटल पोर्टल है। इस पर ग्राम पंचायतों की योजनाओं, विकास कार्यों, खर्च और भुगतान से संबंधित विवरण दर्ज किए जाते हैं। इसका उद्देश्य पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड के माध्यम से पंचायतों के कार्यों और खर्च की जानकारी देखी जा सकती है।
विज्ञापन
बुटराड़ी, फतेहपुर, जंधेड़ी, गोहरनी, झाल और जलालपुर समेत कई ग्राम पंचायतों के रिकॉर्ड सवालों के घेरे में हैं। लाखों रुपये के भुगतान से जुड़े दस्तावेजों में सामने आई कमियों ने पंचायतों के खर्च की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीपीआरओ ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है।
विज्ञापन
कोरे कागज पर हजारों रुपये का हिसाब
बुटराड़ी में सितंबर माह में प्रधान के मानदेय के नाम पर 55 हजार रुपये के नाम पर कोरा कागज अपलोड किया गया। शौचालय केयर टेकर के 24 हजार रुपये के मानदेय के नाम पर भी ऐसा ही दस्तावेज अपलोड किया गया। मई माह में प्रधान के 50 हजार रुपये के मानदेय के नाम पर भी कोरा कागज अपलोड किया गया। अन्य खर्च के 24,850 रुपये के भुगतान से जुड़े दस्तावेजों पर भी सवाल हैं।
विज्ञापन
फतेहपुर में टेंट के भुगतान के लिए सचिव के हस्ताक्षर वाला पर्चा अपलोड किया गया। इसके लिए 25,500 रुपये की धनराशि दर्ज है। जंधेड़ी में मिट्टी भराव कार्य के 18 हजार रुपये के भुगतान से संबंधित बिल अधूरा अपलोड किया गया है।
लाखों के भुगतान के दस्तावेज भी अधूरे
गोहरनी में स्कूल में सीसी निर्माण कार्य के लिए सामग्री और मजदूरी भुगतान के नाम पर 5,39,634 रुपये दर्ज हैं। सामग्री भुगतान के नाम पर 1,74,483 रुपये से संबंधित दस्तावेज भी अधूरे हैं। झाल में मई माह में प्रधान के 10 हजार रुपये के मानदेय के नाम पर कोरा कागज अपलोड किया गया। गोशाला केयर टेकर के मार्च माह के नौ हजार रुपये के मानदेय के नाम पर भी खाली कागज अपलोड किया गया।
जलालपुर में प्रधान के मानदेय के नाम पर 2,500 रुपये की धनराशि लिखकर हस्ताक्षर वाला पर्चा अपलोड किया गया। बुटराड़ी में 20,800 रुपये के कार्य के नाम पर भी कोरा बिल अपलोड होने की जानकारी सामने आई है।
डीपीआरओ बोले, जांच के बाद होगी कार्रवाई
जिला पंचायत राज अधिकारी संदीप अग्रवाल ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेजों की जांच कराई जाएगी। जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्या है ई-ग्राम स्वराज पोर्टल?
डीपीआरओ के अनुसार ई-ग्राम स्वराज केंद्र सरकार का डिजिटल पोर्टल है। इस पर ग्राम पंचायतों की योजनाओं, विकास कार्यों, खर्च और भुगतान से संबंधित विवरण दर्ज किए जाते हैं। इसका उद्देश्य पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड के माध्यम से पंचायतों के कार्यों और खर्च की जानकारी देखी जा सकती है।

ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर ग्राम प्रधान मानदेय लिखकर अपलोड किया गया पर्चा। पोर्टल