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Shamli News: मोबाइल फोन की लत से बच्चों की झुक रही कमर, चलने-खड़े होने में परेशानी
Sat, 17 Oct 2026 01:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 17 Oct 2026 01:27 AM IST
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शामली। मोबाइल फोन की बढ़ती लत छोटे बच्चों की सेहत पर असर डाल रही है। लगातार कई घंटे तक मोबाइल फोन की स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रखने से गर्दन झुक रही है। इससे चलने-फिरने और सीधे खड़े होने की समस्या बन रही है। इस तरह के मामले जिला अस्पताल में आ रहे हैं।
जिला अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉ. प्रवीण कुमार त्यागी ने बताया कि मोबाइल फोन की लत से बच्चों में बैठने की आदत से बच्चों की शारीरिक मुद्रा प्रभावित होने का खतरा बढ़ रहा है। मोबाइल फोन लेकर बच्चे आगे की तरफ झुककर बैठते हैं, जिससे गर्दन और पीठ में दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और रीढ़ की सामान्य स्थिति पर असर पड़ता है। इससे बच्चों में चलने-फिरने और सीधे खड़े होने में परेशानी की शिकायत शामिल है। जिला अस्पताल में हर महीने छह-सात बच्चों में इस तरह की शिकायतें सामने आ रही है
ये बरतें सावधानी
डॉ. प्रवीण कुमार त्यागी ने बताया कि बच्चों के स्क्रीन समय को सीमित करना और उन्हें नियमित रूप से खेलने-कूदने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। मोबाइल फोन देखते समय सही मुद्रा बनाए रखने, बीच-बीच में उठकर चलने और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि करने की आदत डालनी चाहिए। यदि बच्चा लगातार झुककर चलता है, सीधे खड़े होने में परेशानी महसूस करता है या उसके चलने के तरीके में बदलाव आता है, तो विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह से जांच व फिजियोथेरेपी करानी चाहिए।
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इस तरह से आ रहे मामले
केस एक : जिला अस्पताल में छह वर्षीय बालक को लेकर पहुंचे अभिभावक रमेश ने बताया कि बच्चे की गर्दन झुकी रहती है और सुनने की क्षमता कम हो रही है। चिकित्सक ने मोबाइल फोन लंबे समय तक देखने से मना किया है।
केस दो : सात वर्षीय बालक को लेकर पहुंचे अभिभावक ने बताया कि बच्चे की सुनने की क्षमता कम हो रही है। गर्दन में दर्द रहता है और चलने-फिरने या खड़ा होने में परेशानी हो रही है। चिकित्सक ने दवा के साथ फिजियोथेरेपी कराने और मोबाइल फोन का इस्तेमाल बहुत करने की सलाह दी।
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जिला अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉ. प्रवीण कुमार त्यागी ने बताया कि मोबाइल फोन की लत से बच्चों में बैठने की आदत से बच्चों की शारीरिक मुद्रा प्रभावित होने का खतरा बढ़ रहा है। मोबाइल फोन लेकर बच्चे आगे की तरफ झुककर बैठते हैं, जिससे गर्दन और पीठ में दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और रीढ़ की सामान्य स्थिति पर असर पड़ता है। इससे बच्चों में चलने-फिरने और सीधे खड़े होने में परेशानी की शिकायत शामिल है। जिला अस्पताल में हर महीने छह-सात बच्चों में इस तरह की शिकायतें सामने आ रही है
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ये बरतें सावधानी
डॉ. प्रवीण कुमार त्यागी ने बताया कि बच्चों के स्क्रीन समय को सीमित करना और उन्हें नियमित रूप से खेलने-कूदने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। मोबाइल फोन देखते समय सही मुद्रा बनाए रखने, बीच-बीच में उठकर चलने और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि करने की आदत डालनी चाहिए। यदि बच्चा लगातार झुककर चलता है, सीधे खड़े होने में परेशानी महसूस करता है या उसके चलने के तरीके में बदलाव आता है, तो विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह से जांच व फिजियोथेरेपी करानी चाहिए।
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इस तरह से आ रहे मामले
केस एक : जिला अस्पताल में छह वर्षीय बालक को लेकर पहुंचे अभिभावक रमेश ने बताया कि बच्चे की गर्दन झुकी रहती है और सुनने की क्षमता कम हो रही है। चिकित्सक ने मोबाइल फोन लंबे समय तक देखने से मना किया है।
केस दो : सात वर्षीय बालक को लेकर पहुंचे अभिभावक ने बताया कि बच्चे की सुनने की क्षमता कम हो रही है। गर्दन में दर्द रहता है और चलने-फिरने या खड़ा होने में परेशानी हो रही है। चिकित्सक ने दवा के साथ फिजियोथेरेपी कराने और मोबाइल फोन का इस्तेमाल बहुत करने की सलाह दी।