फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Siddharth said, I will definitely fulfill my dream of father

सिद्धार्थ बोला, पापा के सपने को जरूर करूंगा पूरा

Mon, 18 Feb 2019 12:03 AM IST
Deepak Sharma शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो Published by: Deepak Sharma Updated Mon, 18 Feb 2019 12:03 AM IST
विज्ञापन
Siddharth said, I will definitely fulfill my dream of father
fulfill my dream of father - फोटो : अमर उजाला
शामली। पापा तो शहीद हो गए। सरकार नौकरी दे रही है। नौकरी कर ली तो उसकी सीए की तैयारी मुश्किल है। मैं अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहता हूं, ताकि पापा का सपना पूरा कर सकूं। मेरी कॉमर्स में रुचि थी। पापा भी ये बात जानते थे। इसलिए पापा ने मुझे कॉमर्स दिलाई। मेरी हर इच्छा पूरी की। उनका सपना था कि मेरा बेटा बड़ा होकर चार्टेड एकाउंटेंट बने। सिद्धार्थ के मन की बात सुनकर परिजन भी भावुक हो उठे।
विज्ञापन


प्रदेश सरकार ने शहीद परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है। जिला प्रशासन ने शहीद प्रदीप के परिजनों से भी नौकरी के लिए सदस्य का नाम मांगा है। परिवार में सिद्धार्थ ही बड़ा बेटा है। वह गाजियाबाद में कक्षा 12 में पढ़ता है। लिहाजा उसके चाचा उमेश आदि परिजनों ने उससे नौकरी करने पर बात की, तो सिद्धार्थ ने भी अपने मन की बात उनसे कह दी।
विज्ञापन


उसने बताया कि उसे कॉमर्स बहुत अच्छा लगता है। पापा ने उसकी इच्छा के अनुसार उसे कॉमर्स दिलाया। पापा चाहते थे कि वो चार्टेड एकाउंटेंट बने। यही उनका सपना था। इसलिए उन्होंने कई ट्यूशन भी लगाए, ताकि वो इंटर में अच्छे नंबरों से पास हो सके। जब भी पापा फोन करते उसकी पढ़ाई के बारे में जरूर पूछते थे। भावुक होते हुए सिद्धार्थ ने बताया कि पापा तो शहीद हो गए, लेकिन वो उनका सपना जरूर पूरा करेगा। यदि उसने नौकरी कर ली तो सीए की पढ़ाई मुश्किल हो जाएगी। पापा का सपना अधूरा रह जाएगा। इसलिए वो चाहता है कि वो अपनी पढ़ाई जारी रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सिद्धार्थ की भावना की कद्र करता है परिवार
सिद्धार्थ के चाचा उमेश ने बताया कि परिवार चाहता है कि वह सरकारी नौकरी करे, लेकिन वह चार्टेड एकाउंटेंट बनकर पापा का सपना पूरा करना चाहता है। परिवार भी उसकी भावना की कद्र करता है। सिद्धार्थ के इंकार के बाद अब परिजन शहीद की पत्नी शर्मिष्ठा के नाम पर विचार कर रहे हैं। प्रशासन को भी उन्हीं का नाम फिलहाल बताया है। हालांकि परिवार -रिश्तेदार  विचार विमर्श के बाद अंतिम निर्णय लेंगे।

गाजियाबाद में रहते हैं पत्नी और बच्चे
परिजनों के अनुसार शहीद प्रदीप के घर में उसकी पत्नी शर्मिष्ठा और दो बेटे सिद्धार्थ और विजयंत हैं। परिवार गाजियाबाद जिले के मटियाला गोविंदपुरम के कृष्ण एंक्लेब  में रहता है। शर्मिष्ठा इंटर तक पढ़ी है। सिद्धार्थ कक्षा 12 और विजयंत कक्षा नौ में गाजियाबाद के केंद्रीय विद्यालय नेहरू नगर में पढ़ते हैं। वहीं पर सिद्धार्थ के मामा भी रहते हैं। सिद्धार्थ कुछ माह बाद सरकारी नौकरी के लिए न्यूनतम अर्हता भी पूरी कर लेगा। हालांकि परिजन ये भी चाहते हैं कि यदि सिद्धार्थ नौकरी नहीं करता तो शहीद प्रदीप की पत्नी को गाजियाबाद में ही सरकारी नौकरी मिल जाए।  

फौज में जाकर पापा का बदला लूंगा
शहीद प्रदीप का छोटा बेटा विजयंत भी आतंकी हमले से बेहद गुस्से में हैं। उसका कहना है कि बड़ा होकर फौज में जाना चाहता है, ताकि अपने पापा का बदला ले सके। बकौल विजयंत उसकी बचपन से ही फौज में जाने की इच्छा थी। पापा भी पूरा सपोर्ट करते थे। कहते थे कि वो फौज में जरूर जाएगा। पापा के जाने से विजयंत काफी गुमसुम सा था और उसके मन में पापा के हमलावरों से बदला लेने की इच्छा थी।  


शहीद का भाई बोला एक के बदले 10 सिर चाहिए  
शहीद प्रदीप का चचेरा भाई सहदेव बेहद गम और गुस्से में था। घर के पास घेर में गुमसुम बैठे सहदेव से जब बात की तो कहा कि उसका भाई प्रदीप बहुत दिलेर था। आतंकियों ने धोखे से किए हमले में उसे शहीद किया है। आतंकियों में हिम्मत थी तो सामने से वार करते। यदि आतंकी सामने से वार करता तो प्रदीप कई को ढेर करता। कायरों ने जिस तरह कायराना हमला किया है हमारी सेना को बदला लेना चाहिए। एक के बदले दस सिर लाने चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed