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शुरू होते ही लड़खड़ाई राशन वितरण व्यवस्था
Thu, 07 Feb 2019 11:33 PM IST
NAVEEN GUPTA
amarujala
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Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Thu, 07 Feb 2019 11:33 PM IST
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- फोटो : amarujala
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जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बायोमेट्रिक पॉस मशीन से राशन वितरण शुरू होते ही व्यवस्था चरमराने लगी है। मशीन में दर्ज डॉटा के आधार पर कार्ड धारकों के अंगुठे मैच नहीं हो रहे हैं। तो कहीं नेटवर्क की समस्या आड़े आ रही है।
जनपद में कुल दो लाख 24 हजार 652 राशन कार्ड उपभोक्ता हैं। इनमें एक लाख 69 हजार 821 उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्र में हैं। शहरी क्षेत्र में पहले से ही पॉस मशीन के माध्यम से राशन वितरण होता था लेकिन फरवरी के महीने में जिले में ग्रामीण क्षेत्र में राशन वितरण शुरू हुुआ है। लेकिन यह व्यवस्था शुरू होते ही राशन उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई है। जिले में एक फरवरी से ही ये व्यवस्था शुरू हुई है। पांच फरवरी से ही राशन बटना शुरू हुआ है। नई व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक उपभोक्ता के राशन कार्ड पर 12 अंकों का राशन कार्ड नंबर डला है। उस नंबर के आखिरी चार डिजिट को राशन डीलर द्वारा मशीन में डालने पर कार्डधारक का पूरा चिट्ठा आ जाता है।
राशन डीलर द्वारा कार्ड धारी की पहचान को अंगुठा या अंगुली बायोमेट्रिक मशीन पर लगवाई जाती है। मैच होने पर उसे राशन दे दिया जाता है। इसमें कार्ड धारक मुखिया के अलावा राशन कार्ड में दर्ज परिवार के अन्य सदस्यों जिनके आधार कार्ड बने हैं। उनके भी अंगुठे लिए जाने की व्यवस्था है। यदि मुखिया नहीं आता तो उसकी जगह उसके परिवार के सदस्य का अंगुठा या अंगुली मैच होने पर उन्हें भी राशन दिया जा सकता है।
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न अंगुठा मैच हुए न अंगुली, लौटना पड़ा वापस
बृहस्पतिवार को कुड़ाना गांव के राशन डीलर की दुकान पर काफी भीड़ लगी थी। लंबी लाइन में लोग लगे थे। डीलर बायोमेट्रिक मशीन पर राशन कार्ड की एंट्री कर रहा था लेकिन कई लोगों के अंगुठे ही मैच नहीं हो रहे थे। ये लोग पहले अंगुठा और बाद में सारी अंगुलियां मशीन में लगा रहे थे, लेकिन अधिकांश के मैच नहीं हुए। डीलर ने बताया कि हो सकता है कि उनके बच्चों के अंगुठे अंगुली मैच हो जाएं, तो लोग स्कूलों में जाकर अपने बच्चों को भी लेकर पहुंच गए। मोमीन की बेटी नरगिस अपनी दादी के साथ स्कूल छोड़कर राशन डीलर के यहां मशीन में अंगुठा लगाने पहुंची, लेकिन अंगुली मैच नहीं हुई। कई लोग बिना राशन लिए ही वापस लौट गए ।
गांव की जमीला ने बताया कि उनकी सात यूनिट का राशन कार्ड था। डीलर ने उसके अंगुठे और अंगुलियां सब मशीन में लगवाई, लेकिन वो मैच नहीं हुआ। वो अपनी बेटी उसने ये कहकर भेज दिया 15 तारीख के बाद आना। - जमीला
मैं भी राशन लेने गया था। डीलर ने काफी देर तक राशन के लिए मशीन में उनका अंगुठा और अंगुली लगवाई, लेकिन मिलान नहीं हुआ। बिना राशन लिए ही आना पड़ा। डीलर ने बताया कि राशन जरूर मिलेगा 15 के बाद बुलाया है। - शौकत, उपभोक्ता
मैं तो स्कूल छोड़कर मशीन में अंगुठा लगाने आया था कि शायद उसका मिल जाए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्हें भी राशन नहीं मिला। अब बाद में डीलर ने बुुलाया है। - नईम छात्र
अधिकारियों को देंगे लिस्ट
उनके यहां जिनके अंगुठे मैच नहीं कर रहे उनकी लिस्ट बनाने को अधिकारियों ने कहा है। उनकी लिस्ट बनाकर 10 तारीख के बाद अधिकारियों को दे देंगे। उनके निर्देशानुसार बाद में इन लोगों को राशन दिया जाएगा। - शुभम जयंत सहायक डीलर
46 डीलरों के यहां चली ही नहीं मशीन
कार्यवाहक डीसीओ अजय कुमार के अनुसार जिले में कुल 354 राशन डीलर हैं। सबको मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं, लेकिन उन्होंने अपने रिकार्ड को चेक किया तो पता चला कि इनमें से 46 डीलरों के यहां ये मशीनें चालू ही नहीं हुई हैं। ये मशीनें क्यों नहीं चली। इसकी जानकारी डीलरों से ली जा रही है।
कोट
कई जगहों से शिकायतें आ रही हैं। कई जगह नेटवर्क नहीं चल रहा है। राशन डीलरों से ऐसे उपभोक्ताओं के नाम आदि लिखने को कहा गया है। ऐसे उपभोक्ताओं को 20 तारीख के बाद राशन दिया जाएगा। शुरूआत में कुछ दिक्कतें होती हैं फिलहाल राशन सबको मिलेगा। धीरे धीरे सुधार कर लिया जाएगा। - अजय कुमार एआरओ आपूर्ति विभाग
जनपद में कुल राशन कार्ड उपभोक्ता
ग्रामीण क्षेत्र 169821
शहरी क्षेत्र 54831
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जनपद में कुल दो लाख 24 हजार 652 राशन कार्ड उपभोक्ता हैं। इनमें एक लाख 69 हजार 821 उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्र में हैं। शहरी क्षेत्र में पहले से ही पॉस मशीन के माध्यम से राशन वितरण होता था लेकिन फरवरी के महीने में जिले में ग्रामीण क्षेत्र में राशन वितरण शुरू हुुआ है। लेकिन यह व्यवस्था शुरू होते ही राशन उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई है। जिले में एक फरवरी से ही ये व्यवस्था शुरू हुई है। पांच फरवरी से ही राशन बटना शुरू हुआ है। नई व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक उपभोक्ता के राशन कार्ड पर 12 अंकों का राशन कार्ड नंबर डला है। उस नंबर के आखिरी चार डिजिट को राशन डीलर द्वारा मशीन में डालने पर कार्डधारक का पूरा चिट्ठा आ जाता है।
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राशन डीलर द्वारा कार्ड धारी की पहचान को अंगुठा या अंगुली बायोमेट्रिक मशीन पर लगवाई जाती है। मैच होने पर उसे राशन दे दिया जाता है। इसमें कार्ड धारक मुखिया के अलावा राशन कार्ड में दर्ज परिवार के अन्य सदस्यों जिनके आधार कार्ड बने हैं। उनके भी अंगुठे लिए जाने की व्यवस्था है। यदि मुखिया नहीं आता तो उसकी जगह उसके परिवार के सदस्य का अंगुठा या अंगुली मैच होने पर उन्हें भी राशन दिया जा सकता है।
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न अंगुठा मैच हुए न अंगुली, लौटना पड़ा वापस
बृहस्पतिवार को कुड़ाना गांव के राशन डीलर की दुकान पर काफी भीड़ लगी थी। लंबी लाइन में लोग लगे थे। डीलर बायोमेट्रिक मशीन पर राशन कार्ड की एंट्री कर रहा था लेकिन कई लोगों के अंगुठे ही मैच नहीं हो रहे थे। ये लोग पहले अंगुठा और बाद में सारी अंगुलियां मशीन में लगा रहे थे, लेकिन अधिकांश के मैच नहीं हुए। डीलर ने बताया कि हो सकता है कि उनके बच्चों के अंगुठे अंगुली मैच हो जाएं, तो लोग स्कूलों में जाकर अपने बच्चों को भी लेकर पहुंच गए। मोमीन की बेटी नरगिस अपनी दादी के साथ स्कूल छोड़कर राशन डीलर के यहां मशीन में अंगुठा लगाने पहुंची, लेकिन अंगुली मैच नहीं हुई। कई लोग बिना राशन लिए ही वापस लौट गए ।
गांव की जमीला ने बताया कि उनकी सात यूनिट का राशन कार्ड था। डीलर ने उसके अंगुठे और अंगुलियां सब मशीन में लगवाई, लेकिन वो मैच नहीं हुआ। वो अपनी बेटी उसने ये कहकर भेज दिया 15 तारीख के बाद आना। - जमीला
मैं भी राशन लेने गया था। डीलर ने काफी देर तक राशन के लिए मशीन में उनका अंगुठा और अंगुली लगवाई, लेकिन मिलान नहीं हुआ। बिना राशन लिए ही आना पड़ा। डीलर ने बताया कि राशन जरूर मिलेगा 15 के बाद बुलाया है। - शौकत, उपभोक्ता
मैं तो स्कूल छोड़कर मशीन में अंगुठा लगाने आया था कि शायद उसका मिल जाए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्हें भी राशन नहीं मिला। अब बाद में डीलर ने बुुलाया है। - नईम छात्र
अधिकारियों को देंगे लिस्ट
उनके यहां जिनके अंगुठे मैच नहीं कर रहे उनकी लिस्ट बनाने को अधिकारियों ने कहा है। उनकी लिस्ट बनाकर 10 तारीख के बाद अधिकारियों को दे देंगे। उनके निर्देशानुसार बाद में इन लोगों को राशन दिया जाएगा। - शुभम जयंत सहायक डीलर
46 डीलरों के यहां चली ही नहीं मशीन
कार्यवाहक डीसीओ अजय कुमार के अनुसार जिले में कुल 354 राशन डीलर हैं। सबको मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं, लेकिन उन्होंने अपने रिकार्ड को चेक किया तो पता चला कि इनमें से 46 डीलरों के यहां ये मशीनें चालू ही नहीं हुई हैं। ये मशीनें क्यों नहीं चली। इसकी जानकारी डीलरों से ली जा रही है।
कोट
कई जगहों से शिकायतें आ रही हैं। कई जगह नेटवर्क नहीं चल रहा है। राशन डीलरों से ऐसे उपभोक्ताओं के नाम आदि लिखने को कहा गया है। ऐसे उपभोक्ताओं को 20 तारीख के बाद राशन दिया जाएगा। शुरूआत में कुछ दिक्कतें होती हैं फिलहाल राशन सबको मिलेगा। धीरे धीरे सुधार कर लिया जाएगा। - अजय कुमार एआरओ आपूर्ति विभाग
जनपद में कुल राशन कार्ड उपभोक्ता
ग्रामीण क्षेत्र 169821
शहरी क्षेत्र 54831