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पहले चालू सत्र के भुगतान का प्लान दिखाओ
Thu, 17 Jan 2019 11:24 PM IST
Deepak Sharma
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
Published by: Deepak Sharma
Updated Thu, 17 Jan 2019 11:24 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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थानाभवन। गन्ना मंत्री से साफ्ट लोन की मांग करने के लिए पहुंचे शुगर मिल के अफसरों से मंत्री ने कहा कि पिछले साल का भुगतान करने के लिए साफ्ट लोन मांग रहे हो पहले ये बताओ कि चालू सत्र के भुगतान का क्या प्लान है। बृहस्पतिवार को गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा अपने कैंप कार्यालय में जन समस्याओं की सुनवाई कर रहे थे।
इस दौरान शामली शुगर मिल के जीएम आरबी खोकर, जीएम केन कुलदीप पलानिया, सीनियर मैनेजर दीपक राणा, चेयरमैन मनोज पंवार, पूर्व चेयरमैन राजबीर सिंह आदि उनसे मुलाकात करने पहुंचे। मिल प्रबंधन ने मंत्री से मिल को 83 करोड़ रुपये के साफ्ट लोन का भुगतान कराने की मांग रखी। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने साफ्ट लोन के आवेदन करने के लिए शुगर मिलों के लिए पहले 30 नवंबर और फिर दस दिसंबर की तिथि तय की थी। चूंकि साफ्ट लोन लेने से पहले शामली शुगर मिल को करीब 40 करोड़ रुपये जमा करने थे, लेकिन शुगर मिल ने समय रहते यह पैसा जमा नहीं कराया।
इस कारण अब तक मिल को साफ्ट लोन योजना का लाभ नहीं मिल सका और अब अंतिम तिथि भी निकल चुकी है। यदि मिल प्रबंधन समय से नियमानुसार अपने हिस्से की धनराशि जमा कर देता तो ये नौबत नहीं आती। उन्होंने मिल अफसरों से पूछा कि चालू सत्र के दो महीने बीत चुके हैं। इस सत्र के भुगतान पर उनसे जवाब मांगा। मंत्री ने साफ कहा कि वे चालू सत्र के दो महीने के भुगतान का ब्लू प्रिंट बनाकर दें।
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इस दौरान शामली शुगर मिल के जीएम आरबी खोकर, जीएम केन कुलदीप पलानिया, सीनियर मैनेजर दीपक राणा, चेयरमैन मनोज पंवार, पूर्व चेयरमैन राजबीर सिंह आदि उनसे मुलाकात करने पहुंचे। मिल प्रबंधन ने मंत्री से मिल को 83 करोड़ रुपये के साफ्ट लोन का भुगतान कराने की मांग रखी। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने साफ्ट लोन के आवेदन करने के लिए शुगर मिलों के लिए पहले 30 नवंबर और फिर दस दिसंबर की तिथि तय की थी। चूंकि साफ्ट लोन लेने से पहले शामली शुगर मिल को करीब 40 करोड़ रुपये जमा करने थे, लेकिन शुगर मिल ने समय रहते यह पैसा जमा नहीं कराया।
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इस कारण अब तक मिल को साफ्ट लोन योजना का लाभ नहीं मिल सका और अब अंतिम तिथि भी निकल चुकी है। यदि मिल प्रबंधन समय से नियमानुसार अपने हिस्से की धनराशि जमा कर देता तो ये नौबत नहीं आती। उन्होंने मिल अफसरों से पूछा कि चालू सत्र के दो महीने बीत चुके हैं। इस सत्र के भुगतान पर उनसे जवाब मांगा। मंत्री ने साफ कहा कि वे चालू सत्र के दो महीने के भुगतान का ब्लू प्रिंट बनाकर दें।
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