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बैंकों में कैश की किल्लत से लोगों में बढ़ा आक्रोश

Thu, 24 Nov 2016 12:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जलालाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, जलालाबाद Updated Thu, 24 Nov 2016 12:53 AM IST
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Shortage of cash at banks increased resentment in people
कलक्ट्रेट में शादी का कार्ड दिखाते हसनपुर लुहारी के लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बैंकों में कैश की किल्लत से लोगों में आक्रोश पनप रहा है। बैंक कर्मचारियों पर घोटाले का आरोप लगाते हुए उपभोक्ताओं ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर जाम लगाने की कोशिश की। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए लोगों को शांत किया। वहीं, हसनपुर लुहारी में भी लोगों ने बैंक शाखा पर हंगामा किया।
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जलालाबाद के पीएनबी की शाखा पर बुधवार सुबह से ही ग्राहकों की लाइन लगी थी। बैंक शाखा खुलने पर ग्राहकों को बताया गया कि करेंसी नहीं बदली जाएगी। जिस पर ग्राहकों ने हंगामा कर दिया और दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर जाम लगाने की कोशिश की।
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ग्राहकों ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मी प्रभावशाली एवं अपने नजदीकियों के पुराने नोट बैग में लेकर आते हैं और उन्हें एक्सचेंज कर रहे हैं। आम ग्राहकों को नो करेंसी कहकर लौटाया जा रहा है। पांच दिन के भीतर बैंक शाखा से कितने लोगों के नोट एक्सचेंज हुए और कितनी धनराशि निकाली गई, उसकी जांच होनी चाहिए, जिससे सच्चाई का पता चल जाएगा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत किया।
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उधर, हसनपुर लुहारी गांव स्थित बैंक शाखा में भी बुधवार को यही हाल रहा। गांव का ही प्रीतम सैनी अपने परिवार में लड़की की शादी के लिए बैंक शाखा से रुपये निकालने पहुंचा था। लंबी लाइन में लगे रहने के दौरान वह बेहोश हो गया। जिसके बाद बैंक में मौजूद लोगों ने हंगामा किया। 

आरोप लगाया कि बैंक कर्मचारी अपने साथ पुराने नोट लाते हैं और उन्हें बदल लेते हैं। शाखा के बाहर लाइन में लगे ग्राहकों से कह दिया जाता है कि करेंसी नहीं है।
बैंकों में भीड़, नहीं मिल रही करेंसी ः कैराना।

अधिकांश बैंक शाखाओं पर बुधवार सुबह से ही भारी भीड़ लगी रही। कैश की कमी के चलते बैंकों ने नोट बदलने बंद कर दिए। बुधवार सुबह खातों से 10 हजार रुपये निकाले गए, वहीं दोपहर के समय कैश की कमी के चलते बैंकों ने पांच से छह हजार रुपये ही निकालने दिए। शादी वाले परिवारों को भी रकम नहीं दी गई।

नोट बंदी के 16 वें दिन भी बैंकों के बाहर सुबह पांच बजे से ही लाइनें लग गई थीं। बैंकों ने नोट बदलने का काम तो बंद ही कर दिया। जबकि एक सप्ताह में अपने खातों से 24 हजार रुपये निकालने के आदेश जारी होने के बाद भी बैंक खाता धारकों को केवल 10 हजार रुपये ही निकालने की सुविधा दे रहे हैं। दोपहर बाद कैश की कमी के चलते बैंकों ने 10 हजार रुपये निकासी की सुविधा भी खत्म करते हुए खातों से केवल छह हजार रुपये निकालने के नोटिस चस्पा कर दिए। 

जिस कारण बैंकों के बाहर लगी भीड़ में रोष बन गया। शादी का कार्ड लेकर बैंकों के बाहर लाइन में लगे लोगों को शाम तक इंतजार करने के बाद भी कैश उपलब्ध नहीं हो सका।


बैंकों से नहीं छट रही भीड़
खतौली। पुराने नोट बदलने और बैंक से रुपये निकालने के लिए ग्राहकों की लंबी लाइन लगी हुई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। आए दिन बैंक खुलने से करीब तीन घंटा पूर्व ही ग्राहकों की लाइन लगना शुरू हो जाती है। कई घंटे लाइन में लगने के बाद बैंक कर्मचारियों द्वारा कैश समाप्त होने की सूचना पर ग्राहक हंगामा करते हैं। बैंक कर्मचारियों ने बुधवार को एक व्यक्ति को दो से चार हजार रुपये तक ही दिए हैं।
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