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गुजरात की बेटियों को कामयाबी के गुर सिखाएगी शामली की बहू
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शामली में आनलाइन टिप्स सिखातीं रितू जैन।
- फोटो : SHAMLI
शामली । शामली की बहू अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात की बेटियों को कामयाबी और सेल्फ डिफेंस के गुर सिखाएंगी। भारतीय जैन संगठन के पुणे स्थित राष्ट्रीय कार्यालय ने अपनी स्मार्ट गर्ल्स ट्रेनर डॉ. रीतू जैन को ये प्रोजेक्ट दिया है। इसमें वह जूम एप के जरिए गुजरात की बेटियों की छह दिन की वर्कशॉप लेंगी।
भारतीय जैन संगठन ने बेटियों को जागरुक करने, आत्मविश्वास और आत्मसुरक्षा के प्रति जागरुक करने के उदेश्य से स्मार्ट गर्ल्स कार्यक्रम चलाया हुआ है। देश भर में बालिका उत्थान के क्षेत्र में काम कर रही संस्था, संगठन या एनजीओ अपने यहां की बेटियों को ट्रेनिंग के लिए भारतीय जैन संगठन के पुणे स्थित मुख्यालय से अनुरोध करता है। मुख्यालय द्वारा देश भर में संगठन की और से नियुक्त स्मार्ट गर्ल्स ट्रेनर की विशेषता के अनुसार ये जिम्मेदारी दी जाती है। इसी क्रम में भारतीय जैन संगठन मुख्यालय ने गुजरात की एक संस्था की बेटियों को जागरुक करने के लिए शामली की रेलपार कालोनी निवासी डॉ. रीतू जैन को ये जिम्मेदारी दी है। डॉ. जैन संगठन की स्मार्ट गर्ल्स ट्रेनर है। पहली बार यूपी के ट्रेनर को दूसरे राज्य की बेटियों को ट्रेनिंग देनी की जिम्मेदारी मिली है।
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कई स्कूल कालेजों में बेटियों को जागरुक कर चुकी रीतू
डॉ. रीतू जैन एमए, पीएचडी, भूगोल, मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉरमेशन साइंस, पोस्ट ग्रजुएट डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन, डिप्लोमा इन ड्राइंग एंड पेंटिग हैं। उन्हें युवावस्था से ही बेटियों को मोटिवेट करने का शौक था। वह मूल रुप से मध्यप्रदेश के सागर की रहने वाली है लेकिन शादी शामली में हुई थी। उनके पति भूपेंद्र कुमार वीवीपीजी कालेज में प्रवक्ता हैं। दो बेटे अनमोल और अरिहंत हैं। समाजसेवा के क्षेत्र में उनकी रुचि है। दो साल पहले भारतीय जैन संगठन से ट्रेनिंग लेकर परीक्षा पास की और संगठन की स्मार्ट गर्ल्स ट्रेनर बनी। तब से वह जिले के कई स्कूल कालेजों में बेटियों को निशुल्क वर्कशॉप देकर मोटिवेट कर चुकी हैं।
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शुरू हुई वर्कशॉप
छह दिवसीय वर्कशॉप की शुरुआत हो गई है। डा. रीतू जैन के अनुसार वर्कशॉप में 13 से 21 साल आयु वर्ग की करीब 40 किशोरी और युवतियां शामिल हैं। वर्कशॉप मे स्वजागरुकता, संवाद एवं रिश्ते, मासिक धर्म, स्वच्छता स्वावलंबन और सेल्फ डिफेंस, चयन एवं निर्णय मित्रता समेत छह बिंदु पर बेटियों से विचार विमर्श होगा। उनकी पारिवारिक और निजी समस्याएं, उसका समाधान बताया जाएगा। कुल मिलाकर बेटियों में आत्मविश्वास, स्वावलंबन, आत्मसुरक्षा आदि भावना पैदा की जाएगी। आखिर में एक घंटे का सेशन अभिभावकों का होगा।
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पहली बार मिला दूसरे राज्य का प्रोजेक्ट
भारतीय जैन संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मोहित जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात की बेटियों को जागरुक करने की जिम्मेदारी मिलना बड़ी बात है। डॉ. रीतू की काबिलियत के दम पर उन्हें ये प्रोजेक्ट मिला है। पहली बार यहां की बहू दूसरे राज्य की बेटियां को प्रशिक्षित करेगी। ये प्रदेश के लिए भी गौरव की बात है। संगठन के प.उ.प्रदेश प्रभारी अजय जैन ने भी इसे बड़ी उपलब्धि बताई।
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भारतीय जैन संगठन ने बेटियों को जागरुक करने, आत्मविश्वास और आत्मसुरक्षा के प्रति जागरुक करने के उदेश्य से स्मार्ट गर्ल्स कार्यक्रम चलाया हुआ है। देश भर में बालिका उत्थान के क्षेत्र में काम कर रही संस्था, संगठन या एनजीओ अपने यहां की बेटियों को ट्रेनिंग के लिए भारतीय जैन संगठन के पुणे स्थित मुख्यालय से अनुरोध करता है। मुख्यालय द्वारा देश भर में संगठन की और से नियुक्त स्मार्ट गर्ल्स ट्रेनर की विशेषता के अनुसार ये जिम्मेदारी दी जाती है। इसी क्रम में भारतीय जैन संगठन मुख्यालय ने गुजरात की एक संस्था की बेटियों को जागरुक करने के लिए शामली की रेलपार कालोनी निवासी डॉ. रीतू जैन को ये जिम्मेदारी दी है। डॉ. जैन संगठन की स्मार्ट गर्ल्स ट्रेनर है। पहली बार यूपी के ट्रेनर को दूसरे राज्य की बेटियों को ट्रेनिंग देनी की जिम्मेदारी मिली है।
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कई स्कूल कालेजों में बेटियों को जागरुक कर चुकी रीतू
डॉ. रीतू जैन एमए, पीएचडी, भूगोल, मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉरमेशन साइंस, पोस्ट ग्रजुएट डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन, डिप्लोमा इन ड्राइंग एंड पेंटिग हैं। उन्हें युवावस्था से ही बेटियों को मोटिवेट करने का शौक था। वह मूल रुप से मध्यप्रदेश के सागर की रहने वाली है लेकिन शादी शामली में हुई थी। उनके पति भूपेंद्र कुमार वीवीपीजी कालेज में प्रवक्ता हैं। दो बेटे अनमोल और अरिहंत हैं। समाजसेवा के क्षेत्र में उनकी रुचि है। दो साल पहले भारतीय जैन संगठन से ट्रेनिंग लेकर परीक्षा पास की और संगठन की स्मार्ट गर्ल्स ट्रेनर बनी। तब से वह जिले के कई स्कूल कालेजों में बेटियों को निशुल्क वर्कशॉप देकर मोटिवेट कर चुकी हैं।
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शुरू हुई वर्कशॉप
छह दिवसीय वर्कशॉप की शुरुआत हो गई है। डा. रीतू जैन के अनुसार वर्कशॉप में 13 से 21 साल आयु वर्ग की करीब 40 किशोरी और युवतियां शामिल हैं। वर्कशॉप मे स्वजागरुकता, संवाद एवं रिश्ते, मासिक धर्म, स्वच्छता स्वावलंबन और सेल्फ डिफेंस, चयन एवं निर्णय मित्रता समेत छह बिंदु पर बेटियों से विचार विमर्श होगा। उनकी पारिवारिक और निजी समस्याएं, उसका समाधान बताया जाएगा। कुल मिलाकर बेटियों में आत्मविश्वास, स्वावलंबन, आत्मसुरक्षा आदि भावना पैदा की जाएगी। आखिर में एक घंटे का सेशन अभिभावकों का होगा।
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पहली बार मिला दूसरे राज्य का प्रोजेक्ट
भारतीय जैन संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मोहित जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात की बेटियों को जागरुक करने की जिम्मेदारी मिलना बड़ी बात है। डॉ. रीतू की काबिलियत के दम पर उन्हें ये प्रोजेक्ट मिला है। पहली बार यहां की बहू दूसरे राज्य की बेटियां को प्रशिक्षित करेगी। ये प्रदेश के लिए भी गौरव की बात है। संगठन के प.उ.प्रदेश प्रभारी अजय जैन ने भी इसे बड़ी उपलब्धि बताई।