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पंचायतों के डोंगल बनाने में दसवें पायदान पर शामली
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शामली। वीडियो रिकार्डिंग में आ रही रही परेशानी और अपलोडिंग में देरी के बावजूद शामली ग्राम पंचायतों के डोंगल (डिजिटल सिग्नेचर) तैयार करने में प्रदेश में दसवें नंबर पर है। डोंगल के लिए 30 सेकंड की वीडियो रिकार्डिंग होती है, जिसमें ग्राम प्रधानों को अपना नाम, कोड, आधार कार्ड एवं पैन कार्ड का ब्योरा दर्ज कराना होता है। कई प्रधान इस रिकॉर्डिंग को सही से नहीं कर पाते, जिससे डोंगल तैयार करने में देरी हो रही है।
जिले की 230 ग्राम पंचायतों में से 194 में पहले शपथ ग्रहण हो चुका था जबकि शेष 34 ग्राम पंचायतों में उप चुनाव के बाद कोरम पूरा होने पर शपथ ग्रहण कराया गया। जिन ग्राम पंचायतों में पहले शपथ हो चुकी थी, उनमें से 157 के डिजिटल सिग्नेचर तैयार हो चुके हैं। डिजिटल सिग्नेचर तैयार करने में शामली जनपद प्रदेश में दसवें नंबर पर है। सबसे ज्यादा परेशानी ग्राम प्रधानों की वीडियो बनाकर अपलोड करने में आ रही है। ग्राम प्रधानों का 30 सेकंड का वीडियो ऑनलाइन अपलोड किया जाता है। इसमें ग्राम प्रधान को अपना नाम, जारी किया गया कोड बताने के साथ ही आधार एवं पैनकार्ड का ब्यौरा देना होता है। यह वीडियो ऑनलाइन अपलोड की जाती है जो 20 मिनट बाद सर्वर पर वेरिफाई होती है। यदि इसमें कोई गलती हो जाती है तो दोबारा वीडियो तैयार करनी होती है। कुछ ग्राम प्रधान अपना ब्यौरा सही से नहीं दर्ज करा पाते, जिससे बार-बार वीडियो तैयार कर अपलोड की जाती है।
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इन्होंने कहा...
अब तक 157 ग्राम पंचायतों के डिजिटल सिग्नेचर तैयार हो चुके हैं। फिलहाल सर्वर बंद होने की वजह से काम रुका हुआ है। सर्वर शुरू हो जाने के बाद बाकी पंचायतों के सिग्नेचर भी तैयार कर लिए जाएंगे।
विज्ञापन
- आलोक शर्मा, डीपीआरओ।
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जिले की 230 ग्राम पंचायतों में से 194 में पहले शपथ ग्रहण हो चुका था जबकि शेष 34 ग्राम पंचायतों में उप चुनाव के बाद कोरम पूरा होने पर शपथ ग्रहण कराया गया। जिन ग्राम पंचायतों में पहले शपथ हो चुकी थी, उनमें से 157 के डिजिटल सिग्नेचर तैयार हो चुके हैं। डिजिटल सिग्नेचर तैयार करने में शामली जनपद प्रदेश में दसवें नंबर पर है। सबसे ज्यादा परेशानी ग्राम प्रधानों की वीडियो बनाकर अपलोड करने में आ रही है। ग्राम प्रधानों का 30 सेकंड का वीडियो ऑनलाइन अपलोड किया जाता है। इसमें ग्राम प्रधान को अपना नाम, जारी किया गया कोड बताने के साथ ही आधार एवं पैनकार्ड का ब्यौरा देना होता है। यह वीडियो ऑनलाइन अपलोड की जाती है जो 20 मिनट बाद सर्वर पर वेरिफाई होती है। यदि इसमें कोई गलती हो जाती है तो दोबारा वीडियो तैयार करनी होती है। कुछ ग्राम प्रधान अपना ब्यौरा सही से नहीं दर्ज करा पाते, जिससे बार-बार वीडियो तैयार कर अपलोड की जाती है।
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इन्होंने कहा...
अब तक 157 ग्राम पंचायतों के डिजिटल सिग्नेचर तैयार हो चुके हैं। फिलहाल सर्वर बंद होने की वजह से काम रुका हुआ है। सर्वर शुरू हो जाने के बाद बाकी पंचायतों के सिग्नेचर भी तैयार कर लिए जाएंगे।
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- आलोक शर्मा, डीपीआरओ।